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Bilaspur News: घुमारवीं में जाम बन रहा लोगों के लिए सिर दर्द
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घुमारवीं शहर में बढ़ते यातायात के दबाव के चलते ट्रैफिक चौकी की आवश्यकता
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन बनने के बाद घुमारवीं शहर में बढ़ते यातायात के दबाव के चलते एक ट्रैफिक चौकी की आवश्यकता महसूस होने लगी है। शहर में दिनभर लगने वाला जाम स्थानीय लोगों के लिए अब सिर दर्द बनता जा रहा है।
बढ़ते यातायात के बीच आए दिन दुर्घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। यातायात को संभालने का सारा बोझ घुमारवीं थाने में कार्यरत पुलिस कर्मियों और होमगार्ड के जवानों पर है। यातायात पुलिस के न होने से पुलिस थाना घुमारवीं में भी इसका असर देखने को मिल रहा है, क्योंकि इतने बड़े क्षेत्र की कानून व्यवस्था को बनाए रखने के साथ शहर की यातायात व्यवस्था को भी सुचारू रूप से चलना भी कुछ कर्मचारियों पर है। पुलिस भी यातायात पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रही है। शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग शहर के बीचो-बीच होकर गुजरता है। ऊपर से इस राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर बेतरतीब ढंग से खड़े किए गए वाहन भी जाम लगने का कारण बन रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शहर में ट्रैफिक कंट्रोल के साथ यातायात संबंधी अन्य व्यवस्थाओं के लिए यातायात थाना या चौकी खुलना बहुत जरूरी हो गया है। ताकि दिन भर लग रहे जाम और अव्यवस्थित पार्किंग से छुटकारा मिल सके। बता दें कि हमीरपुर और कांगड़ा के अधिकतर वाहन नए बने किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर पहुंचने के लिए घुमारवीं शहर से होकर गुजर रहे हैं। इन जिलों के वाहनों को फोरलेन बनने के बाद चंडीगढ़, नालागढ़, बद्दी की ओर जाना आसान हो गया है।
कोट्
बढ़ते यातायात को देखते हुए घुमारवीं में अलग से एक यातायात इकाई खोलने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मिलकर योजना बनाई जा रही है। जल्द ही इसका प्रस्ताव बनाकर तैयार हो जाएगा।
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- राजेश धर्माणी, विधायक, घुमारवीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन बनने के बाद घुमारवीं शहर में बढ़ते यातायात के दबाव के चलते एक ट्रैफिक चौकी की आवश्यकता महसूस होने लगी है। शहर में दिनभर लगने वाला जाम स्थानीय लोगों के लिए अब सिर दर्द बनता जा रहा है।
बढ़ते यातायात के बीच आए दिन दुर्घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। यातायात को संभालने का सारा बोझ घुमारवीं थाने में कार्यरत पुलिस कर्मियों और होमगार्ड के जवानों पर है। यातायात पुलिस के न होने से पुलिस थाना घुमारवीं में भी इसका असर देखने को मिल रहा है, क्योंकि इतने बड़े क्षेत्र की कानून व्यवस्था को बनाए रखने के साथ शहर की यातायात व्यवस्था को भी सुचारू रूप से चलना भी कुछ कर्मचारियों पर है। पुलिस भी यातायात पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रही है। शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग शहर के बीचो-बीच होकर गुजरता है। ऊपर से इस राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर बेतरतीब ढंग से खड़े किए गए वाहन भी जाम लगने का कारण बन रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शहर में ट्रैफिक कंट्रोल के साथ यातायात संबंधी अन्य व्यवस्थाओं के लिए यातायात थाना या चौकी खुलना बहुत जरूरी हो गया है। ताकि दिन भर लग रहे जाम और अव्यवस्थित पार्किंग से छुटकारा मिल सके। बता दें कि हमीरपुर और कांगड़ा के अधिकतर वाहन नए बने किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर पहुंचने के लिए घुमारवीं शहर से होकर गुजर रहे हैं। इन जिलों के वाहनों को फोरलेन बनने के बाद चंडीगढ़, नालागढ़, बद्दी की ओर जाना आसान हो गया है।
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बढ़ते यातायात को देखते हुए घुमारवीं में अलग से एक यातायात इकाई खोलने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मिलकर योजना बनाई जा रही है। जल्द ही इसका प्रस्ताव बनाकर तैयार हो जाएगा।
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- राजेश धर्माणी, विधायक, घुमारवीं