{"_id":"68666f5f30fb745d670c0012","slug":"jal-shakti-department-launched-clean-drinking-water-campaign-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-139911-2025-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: जल शक्ति विभाग ने चलाया स्वच्छ पेयजल अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: जल शक्ति विभाग ने चलाया स्वच्छ पेयजल अभियान
Thu, 03 Jul 2025 11:22 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 03 Jul 2025 11:22 PM IST
विज्ञापन
घुमारवीं में पेयजल टैंक की सफाई करता कर्मचारी। संवाद
घुमारवीं में जलाशयों, वितरण टैंकों की सफाई शुरू
बारिश के कारण पानी हो रहा मटमैला
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। बरसात के मौसम में जल स्रोतों में गंदगी से जल जनित रोगों के खतरे को देखते हुए जल शक्ति विभाग घुमारवीं ने स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत विभाग द्वारा जलाशयों, वितरण टैंकों और पेयजल स्रोतों की सफाई की जा रही है। साथ ही जल गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विशेष टीमें गठित कर निगरानी व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश के चलते नदियों, खड्डों और अन्य जल स्रोतों में गाद, मिट्टी और अन्य अशुद्धियां बढ़ जाती हैं, जिससे पानी मटमैला हो जाता है। यदि ऐसा पानी बिना उपचारित किए घरों तक पहुंच जाए तो इससे हैजा, डायरिया, टाइफाइड जैसे गंभीर जल जनित रोग फैल सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने सभी जलाशयों और पेयजल टैंकों की नियमित सफाई सुनिश्चित कर दी है। अब इन टैंकों की सफाई के दौरान ब्लीचिंग पाउडर का भी उपयोग किया जा रहा है। घुमारवीं उपमंडल में जल शक्ति विभाग के हजारों उपभोक्ता हैं, जिन्हें प्रतिदिन नलों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाती है। अधिकतर पेयजल योजनाएं सीर खड्ड पर आधारित हैं, जबकि कुछ योजनाएं अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों से संचालित होती हैं। विभागीय कर्मचारियों को समय-समय पर पानी के सैंपल जांच के निर्देश दिए गए हैं और किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। ग्राम सभाओं और अन्य माध्यमों से लोगों को बरसात के मौसम में जल जनित रोगों से बचने के लिए पानी को उबालकर पीने तथा जल स्रोतों के पास गंदगी न करने की सलाह दी जा रही है।
कोट
जल शक्ति विभाग ने मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। इन टीमों को आवश्यक उपकरणों और रसायनों के साथ तैयार रखा गया है ताकि किसी भी जल स्रोत में गंदगी पाए जाने पर तुरंत सफाई और शुद्धिकरण किया जा सके।
विज्ञापन
मस्तराम चौहान, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग घुमारवीं
विज्ञापन
बारिश के कारण पानी हो रहा मटमैला
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। बरसात के मौसम में जल स्रोतों में गंदगी से जल जनित रोगों के खतरे को देखते हुए जल शक्ति विभाग घुमारवीं ने स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत विभाग द्वारा जलाशयों, वितरण टैंकों और पेयजल स्रोतों की सफाई की जा रही है। साथ ही जल गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विशेष टीमें गठित कर निगरानी व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश के चलते नदियों, खड्डों और अन्य जल स्रोतों में गाद, मिट्टी और अन्य अशुद्धियां बढ़ जाती हैं, जिससे पानी मटमैला हो जाता है। यदि ऐसा पानी बिना उपचारित किए घरों तक पहुंच जाए तो इससे हैजा, डायरिया, टाइफाइड जैसे गंभीर जल जनित रोग फैल सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने सभी जलाशयों और पेयजल टैंकों की नियमित सफाई सुनिश्चित कर दी है। अब इन टैंकों की सफाई के दौरान ब्लीचिंग पाउडर का भी उपयोग किया जा रहा है। घुमारवीं उपमंडल में जल शक्ति विभाग के हजारों उपभोक्ता हैं, जिन्हें प्रतिदिन नलों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाती है। अधिकतर पेयजल योजनाएं सीर खड्ड पर आधारित हैं, जबकि कुछ योजनाएं अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों से संचालित होती हैं। विभागीय कर्मचारियों को समय-समय पर पानी के सैंपल जांच के निर्देश दिए गए हैं और किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। ग्राम सभाओं और अन्य माध्यमों से लोगों को बरसात के मौसम में जल जनित रोगों से बचने के लिए पानी को उबालकर पीने तथा जल स्रोतों के पास गंदगी न करने की सलाह दी जा रही है।
विज्ञापन
कोट
जल शक्ति विभाग ने मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। इन टीमों को आवश्यक उपकरणों और रसायनों के साथ तैयार रखा गया है ताकि किसी भी जल स्रोत में गंदगी पाए जाने पर तुरंत सफाई और शुद्धिकरण किया जा सके।
विज्ञापन
मस्तराम चौहान, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग घुमारवीं