फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Jai Singh of Kohina village reached the post of Subedar Honorary Lieutenant

Bilaspur News: सूबेदार ऑनरेरी लेफ्टिनेंट के पद पर पहुंचे कोहिना गांव के जय सिंह

Mon, 29 Jan 2024 11:05 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jan 2024 11:05 PM IST
विज्ञापन
Jai Singh of Kohina village reached the post of Subedar Honorary Lieutenant
- बचपन में लकड़ियां बेचने के साथ ही मेहनत-मजदूरी करके किया गुजर-बसर
विज्ञापन

-छात्र जीवन के दौरान 10 से 15 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर बेचते थे लकड़ी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कड़ी मेहनत और मजबूत इरादों से बड़े से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। डमली (ऋषिकेश) पंचायत के कोहिना गांव के जय सिंह ठाकुर इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। बचपन में लकड़ियां बेचने के साथ ही मेहनत-मजदूरी करके गुजर-बसर करने वाले जय सिंह आंखों में देश सेवा का सपना संजोए वर्ष 1994 में जेएंडके राइफल्स में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। अपनी मेहनत और लगन से अब वह सूबेदार ऑनरेरी लेफ्टिनेंट के पद पर पहुंच गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ ही पूरे गांव में खुशी का माहौल है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 1975 में पैदा हुए कोहिना गांव के जय सिंह ठाकुर का बचपन बेहद संघर्षमय रहा। उन्होंने स्कूली पढ़ाई कोहिना, ऋषिकेश और रघुनाथपुरा स्कूल के साथ ही नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग से पूरी की। उस समय उनका गांव तीन ओर से जंगल, चौथी ओर से गोबिंद सागर से घिरा था। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने की वजह से छात्र जीवन के दौरान वह 10 से 15 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करके लकड़ियां बेचने जाते थे। इसी तरह छुट्टियों के दौरान उन्हें मेहनत-मजदूरी के साथ ही हलवाई के पास भी काम करना पड़ता था। वह बचपन से ही भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना देखते थे। इस सपने को साकार करने के लिए वह 1994 में जेएंडके राइफल्स में बतौर सिपाही भर्ती हुए।
विज्ञापन

29 वर्ष के अब तक के सेवाकाल में जय सिंह ठाकुर जेएंडके, लेह-लद्दाख, नागालैंड, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, असम, राजस्थान और मध्य प्रदेश में सेवाएं दे चुके हैं। कारगिल युद्ध में भाग लेने के साथ ही वह विदेश सेवा के तहत इथियोपिया और इरिट्रिया में भी सेवाएं दे चुके हैं। श्रीलंका में शांति सेना में भी उन्होंने सहयोग दिया। वर्तमान में वह असम में कार्यरत हैं। कड़ी मेहनत और लगन से उत्कृष्ट सेवाओं की बदौलत 2 दिन पहले उन्हें सूबेदार ऑनरेरी लेफ्टिनेंट के पद से नवाजा गया है। इस उपलब्धि से उनकी पत्नी, दोनों बेटियों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ही गांव के लोग भी खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। डमली पंचायत के पूर्व प्रधान प्रेमलाल चौधरी समेत गांव के अन्य लोगों का कहना है कि जय सिंह ठाकुर ने जहां क्षेत्र का नाम रोशन किया है, वहीं संघर्षमय जीवन के बाद उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी साबित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed