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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Irrigation scheme uprooted in the name of development, 200 bighas of land without water for five years

Bilaspur News: संवर्धन के नाम पर उखाड़ी सिंचाई योजना, 200 बीघा जमीन को पांच साल से पानी नहीं

Sun, 11 Jan 2026 11:25 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 11 Jan 2026 11:25 PM IST
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Irrigation scheme uprooted in the name of development, 200 bighas of land without water for five years
सुन्हाणी-बेला सिंचाई योजना के तहत अधूरा काम। संवाद
सुन्हाणी-बेला योजना ठप, 50 किसान परिवार फसल बचाने को बेबस
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अधिकारियों को ही नहीं पता, कब बंद हुई सिंचाई योजना

पानी बिना फसलें दम तोड़ रहीं, किसान हो रहे परेशान

मंगल ठाकुर
बरठीं (बिलासपुर)। करीब पांच दशक से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने वाली सुन्हाणी-बेला सिंचाई योजना पिछले पांच वर्षों से पूरी तरह बंद पड़ी हुई है। योजना के ठप होने से विकासखंड झंडूता की ग्राम पंचायत सुन्हाणी के लगभग 50 किसानों की करीब 200 बीघा कृषि भूमि सिंचाई से वंचित है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।


विडंबना यह है कि सुचारू रूप से चल रही इस सिंचाई योजना को जल शक्ति विभाग द्वारा पांच वर्ष पूर्व संवर्धन के नाम पर उखाड़ दिया गया था, लेकिन आज तक इसे दोबारा शुरू नहीं किया जा सका। इससे भी चिंताजनक स्थिति यह है कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ही योजना के बंद होने से अनभिज्ञ नजर आ रहे हैं। पंचायत के किसान राजेंद्र कुमार, रविकांत, जमालुद्दीन, लेखराम, ओमकार शुक्ला, संजय कुमार, जोगिंदर शुक्ला, हेमराज, गगन, चंदन शुक्ला सहित अन्य किसानों ने बताया कि वे पिछले पांच वर्षों से जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करवा रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले। किसानों के अनुसार, यह समस्या अलग-अलग क्षेत्रों में पानी सप्लाई करने वाले टैंकों में से एक टैंक की पाइपलाइन बंद होने के कारण उत्पन्न हुई है। हैरानी की बात यह है कि विभाग अब तक यह पता नहीं लगा पाया है कि पाइप बंद होने का वास्तविक कारण क्या है। किसानों ने बताया कि समय पर सिंचाई न मिलने से गेहूं की बिजाई में देरी हुई। बिजाई के बाद गेहूं की फसल अंकुरित तो हो गई, लेकिन पानी न मिलने के कारण अब सूखने के कगार पर पहुंच गई है। वहीं तैयार हो रही सब्जियां भी पानी के अभाव में बर्बाद हो चुकी हैं। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र सिंचाई सुविधा बहाल नहीं की गई तो उन्हें गंभीर खाद्य संकट का सामना करना पड़ सकता है। जब इस संबंध में जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता सतीश शर्मा से संपर्क किया गया तो उन्होंने योजना के बंद होने की जानकारी न होने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि यह योजना बंद पड़ी है तो यह उनके कार्यकाल से पहले की होगी और उन्हें इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। संवाद
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