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आगामी दो माह में पूरी होगी सरकारी फंड के दुरुपयोग की विजिलेंस जांच
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बिलासपुर। शिक्षा खंड झंडूता के तहत वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तलाई में सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले की विजिलेंस जांच को पूरा होने में अभी करीब दो माह का समय और लगेगा। इसके बाद ही यह साफ होगा कि स्कूल प्रधानाचार्य पर लगे आरोप सही हैं या गलत। जांच एजेंसी ने इस संबंध में खेल उपकरण खरीद का सारा रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं अन्य कार्रवाई पूरी की जा रही है।
रावमापा तलाई में खेल सामग्री की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी करने की शिकायत शिक्षा विभाग को अगस्त माह में किसी अज्ञात व्यक्ति ने दी थी। इसके बाद विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर इसकी जांच शुरू की थी। बाद में यह मामला हिमाचल प्रदेश भ्रष्टाचार निरोधक एवं सतर्कता विभाग के पास चला गया। विजिलेंस ने छानबीन करते हुए खरीद का सारा रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया है। बताते चलें कि खेल उपकरण खरीदने का मामला साल 2020 का है। लेकिन यह मामला 2021 में अगस्त माह में सामने आया। बताया जा रहा है कि स्कूल प्रधानाचार्य ने जो सामान दो लाख में खरीदा है उसकी कीमत दो लाख रुपये नहीं है। इसी को लेकर जांच शुरू हुई है।
विजिलेंस के डीएसपी संजय ने बताया कि अभी कई चरणों में मामले की जांच की जाएगी। स्कूल के रिकॉर्ड से कुछ बिलों और फाइलों को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। जांच एजेंसी हर पहलू पर कार्य कर रही है। अभी कई बिंदुओं पर जांच करनी बाकी है। आगामी दो माह में एजेंसी जांच पूरी कर लेगी और इस मामले में गड़बड़ हुई है या नहीं यह भी साफ हो जाएगा।
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रावमापा तलाई में खेल सामग्री की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी करने की शिकायत शिक्षा विभाग को अगस्त माह में किसी अज्ञात व्यक्ति ने दी थी। इसके बाद विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर इसकी जांच शुरू की थी। बाद में यह मामला हिमाचल प्रदेश भ्रष्टाचार निरोधक एवं सतर्कता विभाग के पास चला गया। विजिलेंस ने छानबीन करते हुए खरीद का सारा रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया है। बताते चलें कि खेल उपकरण खरीदने का मामला साल 2020 का है। लेकिन यह मामला 2021 में अगस्त माह में सामने आया। बताया जा रहा है कि स्कूल प्रधानाचार्य ने जो सामान दो लाख में खरीदा है उसकी कीमत दो लाख रुपये नहीं है। इसी को लेकर जांच शुरू हुई है।
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विजिलेंस के डीएसपी संजय ने बताया कि अभी कई चरणों में मामले की जांच की जाएगी। स्कूल के रिकॉर्ड से कुछ बिलों और फाइलों को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। जांच एजेंसी हर पहलू पर कार्य कर रही है। अभी कई बिंदुओं पर जांच करनी बाकी है। आगामी दो माह में एजेंसी जांच पूरी कर लेगी और इस मामले में गड़बड़ हुई है या नहीं यह भी साफ हो जाएगा।
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