फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   INVESTIGATION AGENCY NOT FOUND ANY PROOF IN ILLEGALE KHER CUTING CASE

श्री नयना देवी जी अवैध खैर कटान मामले में एभी तक जांच एजेंसी के हाथ खाली

Sat, 18 Dec 2021 12:33 AM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Dec 2021 12:33 AM IST
विज्ञापन
INVESTIGATION AGENCY NOT FOUND ANY PROOF IN ILLEGALE KHER CUTING CASE
बिलासपुर। श्री नयना देवी जी वन रेंज में वर्ष 2018 में अवैध रूप से काटे करीब 18 हजार खैर के पेड़ों की जांच अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। मामले की विजिलेंस जांच शुरू हुए कई साल का समय हो गया लेकिन अभी तक जांच एजेंसी के हाथ खाली हैं। विजिलेंस मात्र उन फैक्ट्रियों का ही पता लगा पाई है जहां पर यह खैर कटान के बाद भेजा गया था। इसके आगे की कोई खास कड़ी को जांच एजेंसी अभी तक नहीं जोड़ पाई है।
विज्ञापन

श्री नयनादेवी जी वन रेंज की सलोआ, भाखड़ा, बड़ोह, कोट और बस्सी वन बीट में करीब 18 हजार खैर के पेड़ काटे गए थे। 25 फरवरी, 2018 के अंक में अमर उजाला ने इस मामले का खुलासा किया था। इसके बाद विजिलेंस ने पहली एफआईआर दर्ज की थी। विजिलेंस ने कई चेक पोस्ट, वन कर्मचारियों के घरों के अलावा ठेकेदारों के ठिकानों पर छापे मारकर साक्ष्य जुटाए थे। मामले में पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद विजिलेंस जांच शुरू हुई थी। लेकिन सालों बाद भी मामले की जांच पूरी न हो पाना अपने आप में बड़ा सवाल है।
विज्ञापन

जांच एजेंसी बाहरी राज्यों की कत्था फैक्ट्रियों से सबूत जुटाने में लगी है। जांच पूरी होने के बाद विजिलेंस एफआईआर में जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के नाम भी जोड़ेगी। फिलहाल, एफआईआर में अवैध कटान के लिए वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार की संलिप्तता का सिर्फ जिक्र किया गया है। डीएसपी विजिलेंस संजय ने बताया कि अभी तक मामले की जांच जारी है। जांच एजेंसी इस पर काम कर रही है और इसकी 60 फीसदी जांच पूरी हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed