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चिट्टे का नशा करने वालों को डराने के बजाए करें उनकी काउंसलिंग : महेंद्र
Sun, 09 Feb 2025 11:25 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 09 Feb 2025 11:25 PM IST
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घुमारवीं में घर-गांव जागरूकता अभियान के तहत कोट गांव में लोगों को जागरूक करते संस्कार सोसाइटी क
-कोटलु ब्राह्मणा, पनोह, कोट, पड़यालग में लोगों को किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं की अग्रणी संस्था संस्कार सोसाइटी ने कोटलु ब्राह्मणा, पनोह, कोट, पड़यालग गांव में जाकर स्थानीय लोगों को चिट्टे के खिलाफ जागरूक किया।
संस्था के संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने बताया कि यदि किसी का बच्चा चिट्टे के नशे का आदि हो तो हमें उसे डराने के बजाए उसकी काउंसलिंग करनी चाहिए और चिट्टा बेचने वालों की सूचना पुलिस को देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जब लोगों को पता है कि चिट्टा बेचने वाले कौन लोग हैं तो पुलिस को क्यों पता नहीं होता या पुलिस जानबूझ कर नशे के सप्लायरों को नहीं पकड़ती है। इसलिए पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है। पुलिस को भी चिट्टा बेचने वाले के साथ सख्ती बरतनी होगी। उन्होंने लोगों से घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान से जुड़ने की अपील की। साथ ही युवा पीढ़ी को चिट्टे से कैसे बचाया जाए इसके बारे में सोचने को भी कहा। उन्होंने गांव के बड़े बुजुर्गों से आग्रह किया कि इस अभियान में आगे आएं और युवा पीढ़ी को बचाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं की अग्रणी संस्था संस्कार सोसाइटी ने कोटलु ब्राह्मणा, पनोह, कोट, पड़यालग गांव में जाकर स्थानीय लोगों को चिट्टे के खिलाफ जागरूक किया।
संस्था के संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने बताया कि यदि किसी का बच्चा चिट्टे के नशे का आदि हो तो हमें उसे डराने के बजाए उसकी काउंसलिंग करनी चाहिए और चिट्टा बेचने वालों की सूचना पुलिस को देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जब लोगों को पता है कि चिट्टा बेचने वाले कौन लोग हैं तो पुलिस को क्यों पता नहीं होता या पुलिस जानबूझ कर नशे के सप्लायरों को नहीं पकड़ती है। इसलिए पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है। पुलिस को भी चिट्टा बेचने वाले के साथ सख्ती बरतनी होगी। उन्होंने लोगों से घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान से जुड़ने की अपील की। साथ ही युवा पीढ़ी को चिट्टे से कैसे बचाया जाए इसके बारे में सोचने को भी कहा। उन्होंने गांव के बड़े बुजुर्गों से आग्रह किया कि इस अभियान में आगे आएं और युवा पीढ़ी को बचाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
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