फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Innocent children forced to go to school in the scorching heat, disobeying orders

Bilaspur News: तपती धूप में स्कूल जाने को मजबूर मासूम, आदेशों की अवहेलना

Fri, 05 Jun 2026 11:00 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Fri, 05 Jun 2026 11:00 PM IST
विज्ञापन
Innocent children forced to go to school in the scorching heat, disobeying orders
घुमारवीं क्षेत्र में एक निजी स्कूल में छुट्टी के बाद वापस आते बच्चे। स्रोत: जागरूक पाठक
तीन नंबर के लिए लीड प्रस्तावित
विज्ञापन

सरकार के आदेशों बावजूद कुछ निजी स्कूलों में कक्षाएं जारी
बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर सरकार ने घोषित की हैं छुट्टियां

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में आठ दिन की छुट्टियां घोषित की हैं, ताकि बच्चों को तेज गर्मी से राहत मिल सके, लेकिन सरकार के इन आदेशों के बावजूद प्रदेश के कुछ निजी स्कूलों की ओर से नियमित रूप से कक्षाएं संचालित किए जाने से अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
अभिभावकों का आरोप है कि कई निजी स्कूल यह कहकर छुट्टियां देने से बच रहे हैं कि वे सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध हैं और उन पर एचपी बोर्ड के आदेश लागू नहीं होते। हालांकि शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि छुट्टियों का निर्णय किसी बोर्ड विशेष के आधार पर नहीं, बल्कि प्रदेश में लगातार बढ़ रहे तापमान और लू जैसी परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए छुट्टियां दी जा सकती हैं तो फिर सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अलग नियम क्यों लागू किए जा रहे हैं। क्या भीषण गर्मी और लू का असर केवल सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों पर ही पड़ता है?
विज्ञापन

छोटे-छोटे बच्चों को भारी भरकम स्कूल बैग लेकर तपती धूप में स्कूल जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि इस मौसम में बच्चों के बीमार होने, डिहाइड्रेशन और लू लगने का खतरा लगातार बना हुआ है। इसके बावजूद कुछ निजी स्कूलों का रवैया चिंता का विषय बनता जा रहा है। स्थिति उन परिवारों के लिए और भी असहज हो गई है, जिनके एक बच्चे की पढ़ाई सरकारी स्कूल में और दूसरे की निजी स्कूल में हो रही है। जहां एक बच्चा घर पर छुट्टियां मना रहा है, वहीं दूसरा बच्चा भीषण गर्मी के बीच स्कूल जाने को मजबूर है। इससे अभिभावकों को बच्चों की देखभाल और दैनिक व्यवस्थाओं में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि सीबीएसई बोर्ड की आड़ में चल रही इस मनमानी पर रोक लगाई जाए और प्रदेश के सभी स्कूलों के लिए छुट्टियों को लेकर एक समान नियम लागू किए जाएं। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि है और इस मामले में सरकारी और निजी स्कूलों के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोट

छुट्टियों को लेकर जो नियम और समय सरकार की ओर से तय किया जाता है प्रदेश के सभी स्कूल उस दायरे में आते हैं। लेकिन अगर कुछ स्कूल अपनी मनमानी कर रहे हैं तो इस संबंध उन्हें पत्र लिख कर जानकारी ली जाएगी। सीबीएसई का बहाना बनाकर इस प्रकार की मनमानी नहीं की जा सकती है ऐसे सभी संबद्ध संस्थाओं से बात की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसा ना हो।

अरुण गौतम, उपनिदेशक, शिक्षा विभाग बिलासपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed