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वेतन निर्धारण कमेटी की सिफारिशें लागू करें : संघ
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ग्रामीण डाक सेवक आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
मांगें पूरी न करने पर संघ ने लिया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। ग्रामीण डाक सेवक वीरवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। ग्रामीण सेवकों की मांग ने मानने के चलते संघ ने यह निर्णय लिया है। यह जानकारी अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के सर्किल प्रधान सोहन सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि संघ के केंद्रीय नेतृत्व के आदेशानुसार केंद्र सरकार द्वारा जो ग्रामीण डाक सेवकों के वेतन निर्धारण कमेटी की जो सिफारिशें की हुई थी उन्हें डाक विभाग आज दिन तक लागू नहीं कर पाया है। जो ग्रामीण डाक सेवकों के साथ शोषण का सबसे बड़ा प्रमाण है। संघ की ओर से बार-बार विभाग को इन सिफारिशों को लागू करने के लिए कई बार मांग की। इसके बावजूद 2018 से जब इसे लागू किया जाना था तब से आज दिन तक 5 साल बीत जाने के बाद भी देश का ग्रामीण डाक सेवक आज भी आस लगाए बैठा हुआ है। इस कारण मजबूर होकर आज इन्हें हड़ताल पर जाना पड़ रहा है।
डाक विभाग के 80 प्रतिशत टारगेट ग्रामीण डाक सेवक पूरे कर रहे हैं, लेकिन जब उनके हक देने कि बात आती है तो नियम 3ए में बंधे होने का हवाला देकर उन्हें बेसहारा छोड़ दिया जाता है। यह नियम डाक सेवकों पर आज से लगभग 70 साल पहले लगाया गया था। इसे हटाना किसी भी सरकार ने उचित नहीं समझा। इस कारण आज भी देश के पौने तीन लाख ग्रामीण डाक सेवक अपने आप को इसलिए नियम के वजह से गुलाम समझ रहे हैं। सेवक केंद्र सरकार से आज भी न्याय मांग कर रहे हैं। अब देश के ग्रामीण डाक सेवकों ने ये फैसला लिया है कि जब तक यह नियम नहीं हटाए जाएंगे तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इसके चलते वीरवार से जिला बिलासपुर और हमीरपुर के तहत सभी डाकघरों में तालाबंदी रहेगी और ग्रामीण डाक सेवकों द्वारा संघर्ष का बिगुल बजाने की शुरुआत कर दी जाएगी।
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मांगें पूरी न करने पर संघ ने लिया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। ग्रामीण डाक सेवक वीरवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। ग्रामीण सेवकों की मांग ने मानने के चलते संघ ने यह निर्णय लिया है। यह जानकारी अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के सर्किल प्रधान सोहन सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि संघ के केंद्रीय नेतृत्व के आदेशानुसार केंद्र सरकार द्वारा जो ग्रामीण डाक सेवकों के वेतन निर्धारण कमेटी की जो सिफारिशें की हुई थी उन्हें डाक विभाग आज दिन तक लागू नहीं कर पाया है। जो ग्रामीण डाक सेवकों के साथ शोषण का सबसे बड़ा प्रमाण है। संघ की ओर से बार-बार विभाग को इन सिफारिशों को लागू करने के लिए कई बार मांग की। इसके बावजूद 2018 से जब इसे लागू किया जाना था तब से आज दिन तक 5 साल बीत जाने के बाद भी देश का ग्रामीण डाक सेवक आज भी आस लगाए बैठा हुआ है। इस कारण मजबूर होकर आज इन्हें हड़ताल पर जाना पड़ रहा है।
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डाक विभाग के 80 प्रतिशत टारगेट ग्रामीण डाक सेवक पूरे कर रहे हैं, लेकिन जब उनके हक देने कि बात आती है तो नियम 3ए में बंधे होने का हवाला देकर उन्हें बेसहारा छोड़ दिया जाता है। यह नियम डाक सेवकों पर आज से लगभग 70 साल पहले लगाया गया था। इसे हटाना किसी भी सरकार ने उचित नहीं समझा। इस कारण आज भी देश के पौने तीन लाख ग्रामीण डाक सेवक अपने आप को इसलिए नियम के वजह से गुलाम समझ रहे हैं। सेवक केंद्र सरकार से आज भी न्याय मांग कर रहे हैं। अब देश के ग्रामीण डाक सेवकों ने ये फैसला लिया है कि जब तक यह नियम नहीं हटाए जाएंगे तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इसके चलते वीरवार से जिला बिलासपुर और हमीरपुर के तहत सभी डाकघरों में तालाबंदी रहेगी और ग्रामीण डाक सेवकों द्वारा संघर्ष का बिगुल बजाने की शुरुआत कर दी जाएगी।
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