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Bilaspur News: एनजी ट्यूब लगी है तो इन बातों का रखें ध्यान, जरा सी चूक बढ़ा सकती है परेशानी
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एम्स बिलासपुर में मरीजों और तीमारदारों को दी गई एनजी ट्यूब से आहार देने की जानकारी
खांसी, सांस लेने में दिक्कत या उल्टी होने पर तुरंत नर्सिंग स्टाफ को बताने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एनजी ट्यूब लगे मरीजों की देखभाल में छोटी सी लापरवाही भी परेशानी का कारण बन सकती है। मरीज को ट्यूब के माध्यम से आहार देते समय सही स्थिति में रखना, साफ-सफाई का ध्यान रखना और असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज न करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से एम्स बिलासपुर के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से मरीजों और तीमारदारों के लिए स्वास्थ्य शिक्षा सत्र आयोजित किया गया। सत्र के दौरान बताया गया कि नाक के रास्ते पेट तक पहुंचाई जाने वाली एनजी ट्यूब का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जाता है। साथ ही ट्यूब के माध्यम से आहार देते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई। तीमारदारों को मरीज की देखभाल में उनकी भूमिका समझाई गई।
स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि आहार देते समय मरीज को उचित स्थिति में रखना बेहद जरूरी है। ट्यूब और आहार देने वाले स्थान के आसपास स्वच्छता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। तीमारदारों को सलाह दी गई कि ट्यूब को खुद हिलाने, खींचने या निकालने का प्रयास न करें। यदि ट्यूब खिसक जाए या उसमें कोई समस्या दिखाई दे तो तुरंत नर्सिंग स्टाफ को सूचित करें। सत्र में संभावित जटिलताओं के शुरुआती संकेतों की जानकारी भी दी गई। आहार देते समय मरीज को खांसी, सांस लेने में परेशानी, उल्टी या पेट में असहजता हो तो इसे नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई। नर्सिंग टीम ने कहा कि समय पर लक्षणों की पहचान कर स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारी देने से संभावित जटिलताओं से बचाव में मदद मिल सकती है। एम्स बिलासपुर के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से मरीजों की सुरक्षित और बेहतर देखभाल के लिए ऐसे स्वास्थ्य शिक्षा सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
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खांसी, सांस लेने में दिक्कत या उल्टी होने पर तुरंत नर्सिंग स्टाफ को बताने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एनजी ट्यूब लगे मरीजों की देखभाल में छोटी सी लापरवाही भी परेशानी का कारण बन सकती है। मरीज को ट्यूब के माध्यम से आहार देते समय सही स्थिति में रखना, साफ-सफाई का ध्यान रखना और असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज न करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से एम्स बिलासपुर के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से मरीजों और तीमारदारों के लिए स्वास्थ्य शिक्षा सत्र आयोजित किया गया। सत्र के दौरान बताया गया कि नाक के रास्ते पेट तक पहुंचाई जाने वाली एनजी ट्यूब का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जाता है। साथ ही ट्यूब के माध्यम से आहार देते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई। तीमारदारों को मरीज की देखभाल में उनकी भूमिका समझाई गई।
स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि आहार देते समय मरीज को उचित स्थिति में रखना बेहद जरूरी है। ट्यूब और आहार देने वाले स्थान के आसपास स्वच्छता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। तीमारदारों को सलाह दी गई कि ट्यूब को खुद हिलाने, खींचने या निकालने का प्रयास न करें। यदि ट्यूब खिसक जाए या उसमें कोई समस्या दिखाई दे तो तुरंत नर्सिंग स्टाफ को सूचित करें। सत्र में संभावित जटिलताओं के शुरुआती संकेतों की जानकारी भी दी गई। आहार देते समय मरीज को खांसी, सांस लेने में परेशानी, उल्टी या पेट में असहजता हो तो इसे नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई। नर्सिंग टीम ने कहा कि समय पर लक्षणों की पहचान कर स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारी देने से संभावित जटिलताओं से बचाव में मदद मिल सकती है। एम्स बिलासपुर के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से मरीजों की सुरक्षित और बेहतर देखभाल के लिए ऐसे स्वास्थ्य शिक्षा सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
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