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Bilaspur News: दो दिन में नहीं मिली वैकल्पिक व्यवस्था तो एसडीएम कार्यालय के बाहर देंगे धरना
Mon, 14 Jul 2025 11:22 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 14 Jul 2025 11:22 PM IST
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सुमन ठाकुर
केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं का भवन एक सप्ताह पहले किया था असुरक्षित घोषित
दस दिन से बच्चे नहीं गए स्कूल,आश्वासन के बाद भी छात्र स्कूल घुमारवीं में शिफ्ट नहीं हुई कक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं के असुरक्षित भवन को लेकर अभिभावकों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। भवन को असुरक्षित घोषित हुए दस दिन का समय बीत चुका है, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक बच्चों की पढ़ाई के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।
इस स्थिति से नाराज अभिभावक सोमवार को बड़ी संख्या में स्कूल परिसर पहुंचे और स्कूल प्रबंधन से पूरी जानकारी ली। अभिभावकों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि अगले दो दिनों में कोई समाधान नहीं निकला तो वे अपने बच्चों के साथ एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देंगे। अभिभावकों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बच्चों का भविष्य अधर में है लेकिन सरकार और प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि पहले कहा गया था कि बच्चों की कक्षाएं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक बाल पाठशाला घुमारवीं में शिफ्ट की जाएंगी, लेकिन अब प्रशासन यह कहकर पीछे हट रहा है कि उस स्कूल की एसएमसी ने कमरे देने से मना कर दिया है। प्रशासन जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है जबकि नुकसान बच्चों को हो रहा है। कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प सिर्फ कागजों तक सीमित है। सच्चाई यह है कि अधिकतर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पास न तो मोबाइल फोन हैं और न ही इंटरनेट की सुविधा। दो बच्चों के लिए अलग-अलग मोबाइल फोन और डाटा रिचार्ज का खर्च वहन करना भी उनके लिए संभव नहीं। ऐसे में पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई है और बच्चों का भविष्य बर्बादी की ओर बढ़ रहा है।
इनसेट
अभिभावक विजय कुमार ने कहा कि हम प्रशासन से मांग करते हैं कि बच्चों के लिए तुरंत किसी सुरक्षित स्थान पर कक्षाएं शुरू की जाएं। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए हमारे पास संसाधन नहीं हैं और बच्चों का भविष्य इस तरह से बर्बाद नहीं होने देना चाहते।
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इनसेट
अभिभावक सुमन ठाकुर ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई ठप हो चुकी है। सरकार को चाहिए कि जल्दी से स्थायी समाधान निकाले। हमारे पास दो बच्चों के लिए अलग-अलग मोबाइल और रिचार्ज करवाने का बजट नहीं है।
इनसेट
अभिभावक मंजू ने कहा कि केंद्र सरकार और जिला प्रशासन से निवेदन है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए जल्द वैकल्पिक और सुरक्षित व्यवस्था हो। गरीब परिवार मोबाइल कैसे खरीदें? पढ़ाई रुकना बच्चों का नुकसान है।
इनसेट
बीना देवी ने कहा कि किसी को भी हमारे बच्चों के भविष्य की चिंता नहीं है। न सरकार को, न प्रशासन को। अगर दो दिन में हल नहीं निकला तो हम बच्चों को लेकर एसडीएम ऑफिस के बाहर बैठेंगे।
कोट
केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं की प्रधानाचार्य रिंकू कुमारी ने कहा कि स्कूल प्रबंधन भी बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंतित है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनती, ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी है। साथ ही हम प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं और किसी सुरक्षित स्थान की तलाश चल रही है। हमें उम्मीद है कि बहुत जल्द समाधान निकलेगा ताकि बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
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दस दिन से बच्चे नहीं गए स्कूल,आश्वासन के बाद भी छात्र स्कूल घुमारवीं में शिफ्ट नहीं हुई कक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं के असुरक्षित भवन को लेकर अभिभावकों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। भवन को असुरक्षित घोषित हुए दस दिन का समय बीत चुका है, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक बच्चों की पढ़ाई के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।
इस स्थिति से नाराज अभिभावक सोमवार को बड़ी संख्या में स्कूल परिसर पहुंचे और स्कूल प्रबंधन से पूरी जानकारी ली। अभिभावकों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि अगले दो दिनों में कोई समाधान नहीं निकला तो वे अपने बच्चों के साथ एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देंगे। अभिभावकों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बच्चों का भविष्य अधर में है लेकिन सरकार और प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि पहले कहा गया था कि बच्चों की कक्षाएं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक बाल पाठशाला घुमारवीं में शिफ्ट की जाएंगी, लेकिन अब प्रशासन यह कहकर पीछे हट रहा है कि उस स्कूल की एसएमसी ने कमरे देने से मना कर दिया है। प्रशासन जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है जबकि नुकसान बच्चों को हो रहा है। कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प सिर्फ कागजों तक सीमित है। सच्चाई यह है कि अधिकतर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पास न तो मोबाइल फोन हैं और न ही इंटरनेट की सुविधा। दो बच्चों के लिए अलग-अलग मोबाइल फोन और डाटा रिचार्ज का खर्च वहन करना भी उनके लिए संभव नहीं। ऐसे में पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई है और बच्चों का भविष्य बर्बादी की ओर बढ़ रहा है।
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अभिभावक विजय कुमार ने कहा कि हम प्रशासन से मांग करते हैं कि बच्चों के लिए तुरंत किसी सुरक्षित स्थान पर कक्षाएं शुरू की जाएं। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए हमारे पास संसाधन नहीं हैं और बच्चों का भविष्य इस तरह से बर्बाद नहीं होने देना चाहते।
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अभिभावक सुमन ठाकुर ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई ठप हो चुकी है। सरकार को चाहिए कि जल्दी से स्थायी समाधान निकाले। हमारे पास दो बच्चों के लिए अलग-अलग मोबाइल और रिचार्ज करवाने का बजट नहीं है।
इनसेट
अभिभावक मंजू ने कहा कि केंद्र सरकार और जिला प्रशासन से निवेदन है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए जल्द वैकल्पिक और सुरक्षित व्यवस्था हो। गरीब परिवार मोबाइल कैसे खरीदें? पढ़ाई रुकना बच्चों का नुकसान है।
इनसेट
बीना देवी ने कहा कि किसी को भी हमारे बच्चों के भविष्य की चिंता नहीं है। न सरकार को, न प्रशासन को। अगर दो दिन में हल नहीं निकला तो हम बच्चों को लेकर एसडीएम ऑफिस के बाहर बैठेंगे।
कोट
केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं की प्रधानाचार्य रिंकू कुमारी ने कहा कि स्कूल प्रबंधन भी बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंतित है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनती, ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी है। साथ ही हम प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं और किसी सुरक्षित स्थान की तलाश चल रही है। हमें उम्मीद है कि बहुत जल्द समाधान निकलेगा ताकि बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

सुमन ठाकुर

सुमन ठाकुर

सुमन ठाकुर