फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   High-tech facilities comparable to those in major cities will be available at the Urology Department of AIIMS Bilaspur.

Bilaspur News: एम्स बिलासपुर के यूरोलॉजी विभाग में मिलेगी महानगरों जैसी हाईटेक सुविधा

Thu, 11 Jun 2026 11:21 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 11 Jun 2026 11:21 PM IST
विज्ञापन
High-tech facilities comparable to those in major cities will be available at the Urology Department of AIIMS Bilaspur.
किडनी, प्रोस्टेट, मूत्र रोगों के मरीजों को मिलेगा अधिक सटीक, सुरक्षित और आधुनिक इलाज
विज्ञापन

बिना बड़े चीरे के दूरबीन आधारित सर्जरी होगी और अधिक प्रभावी
कम दर्द, कम रक्तस्राव और संक्रमण के खतरे में आएगी कमी
ऑपरेशन के बाद मरीजों की रिकवरी होगी तेज, अस्पताल में कम समय रहना पड़ेगा

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में यूरोलॉजी विभाग की सुविधाएं जल्द ही नई ऊंचाई पर पहुंचने वाली हैं। विभाग को मिलने वाला अत्याधुनिक हाई-डेफिनिशन एंडोविजन सिस्टम मरीजों के इलाज को अधिक सटीक, सुरक्षित और आधुनिक बनाएगा। इस तकनीक के माध्यम से डॉक्टर शरीर के अंदरूनी हिस्सों को अत्यंत स्पष्टता के साथ देख सकेंगे, जिससे जटिल सर्जरी और उपचार प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हो जाएगी।

यूरोलॉजी विभाग में आने वाले अधिकांश मरीज किडनी स्टोन, बढ़े हुए प्रोस्टेट, मूत्राशय की बीमारियों, मूत्र मार्ग में रुकावट, संक्रमण और अन्य जटिल समस्याओं से पीड़ित होते हैं। इन बीमारियों के इलाज में कई बार शरीर के अंदरूनी हिस्सों को बारीकी से देखना आवश्यक होता है। हाई-डेफिनिशन एंडोविजन सिस्टम डॉक्टरों को शरीर के भीतर का बेहद स्पष्ट और विस्तृत दृश्य उपलब्ध कराएगा, जिससे बीमारी की पहचान और उपचार दोनों अधिक सटीक हो सकेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रणाली विशेष रूप से एंडोस्कोपिक और मिनिमल इनवेसिव सर्जरी में उपयोगी है। इन सर्जरी में शरीर पर बड़े चीरे लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। छोटे उपकरणों और कैमरे की सहायता से ऑपरेशन किया जाता है। इससे मरीज को कम दर्द होता है, खून कम बहता है और ऑपरेशन के बाद जटिलताओं की संभावना भी घट जाती है। नई तकनीक का लाभ खासकर किडनी की पथरी के मरीजों को मिलेगा। पथरी निकालने की प्रक्रिया के दौरान डॉक्टरों को अंदरूनी हिस्सों का स्पष्ट दृश्य मिलेगा, जिससे उपचार अधिक सुरक्षित और प्रभावी होगा। इसी तरह प्रोस्टेट संबंधी रोगों और मूत्राशय की सर्जरी में भी बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है। डॉक्टरों का मानना है कि हाई-डेफिनिशन विजुअलाइजेशन के कारण ऑपरेशन के दौरान आसपास की नसों और ऊतकों को नुकसान पहुंचने की संभावना कम होगी। इससे मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी और सर्जरी की सफलता दर में भी सुधार होगा। मरीजों के लिए एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि ऑपरेशन के बाद रिकवरी का समय कम लगेगा। अधिकांश मामलों में मरीज जल्दी चल-फिर सकेंगे और अपेक्षाकृत कम समय में सामान्य जीवन में लौट पाएंगे। कुल मिलाकर यह सुविधा एम्स बिलासपुर में आने वाले यूरोलॉजी मरीजों के लिए इलाज की गुणवत्ता में बड़ा बदलाव लाने वाली साबित होगी और उन्हें महानगरों जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधा प्रदेश में ही उपलब्ध हो सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed