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बिलासपुर में बारिश से 2.75 करोड़ का नुकसान
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बिलासपुर के मुख्य बाजार मे भारी बारिश के बाद बंद पड़ी नालियों को खोलते पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी।
- फोटो : BILASPUR
बिलासपुर। जिले में बुधवार को भारी बारिश आफत बनकर आई। इससे न सिर्फ किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा बल्कि बिलासपुर, मार्कंडेय, स्वारघाट, झंडूता समेत कई जगहों पर भूस्खलन के चलते सड़कों को भी भारी क्षति हुई। इसके अलावा नगर के अलावा कई इलाकों में बारिश के चलते नालियों का पानी घरों एवं सड़कों पर उफनाकर बहना लगा। कई कार्यालयों में पानी लगा रहा। सड़कों पर लबालब पानी लगने से नागरिकों को बीच होकर गुजरना पड़ा। इसके अलावा कई मार्गों पर घंटों तक यातायात भी ठप रहा। हालांकि लोनिवि ने मलबे आने वाली ज्यादातर सड़कों को देरशाम तक बहाल कर दिया है। उधर, लोनिवि ने बारिश व भूस्खलन के चलते करीब 2.75 करोड़ का नुकसान बताया है।
सोमवार से लगातार हो रही बूंदाबांदी ने बुधवार की सुबह में बिकराल रूप धारण कर लिया। तेज आंधी और काले घनघोर बादलों के बीच करीब तीन घंटे की बारिश ने जहां- तहां जनजीवन को ठप कर दिया। हर कोई घनघोर बारिश के चलते छिपने के लिए आसरा खोजने लगे। देखते ही देखते बारिश ने काफी तबाही मचाई। इससे जिला मुख्यालय की नालियां भर गईं। उफनाए नालियों का पानी गांधी मार्केट, रोड़ा सेक्टर, बस स्टैंड के पास, सिनेमा कॉलोनी, कॉलेज चौक आदि स्थानों पर सड़कों पर पानी बहने लगा। इससे लोगों को आने जाने में काफी परेशानी हुई। उधर, मार्कंडेय, स्वारघाट, झंडूता में कई जगह भारी बारिश में भूस्खलन के चलते कई स्थानों पर लोनिवि के डंगे ढह गए। इसके अलावा मलबे आने से यातायात भी करीब दोपहर 12 बजे तक बाधित रहा।
लोनिवि के एसई आरके वर्मा ने बताया पिछले दो दिनों से जारी भारी बारिश के चलते विभाग को पौने तीन करोड़ का नुकसान हुआ है। सड़कों के किनारे जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। सड़कों को भारी नुकसान हुआ है। जिला के उपमंडल स्तर तक विभाग ने जगह-जगह यातायात बहाली के लिए मशीनरी और लेबर तैनात कर दी है। विभाग ने जेसीबी द्वारा मलबा उठाकर तुरंत इसे बहाल कर दिया है।
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फसलों के नुकसान का कर रहे आकलन
उप निदेशक कृषि विभाग कुलदीप पटियाल ने बताया कि जिला में अभी तक बारिश से फसल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जिला के जामली में फसल खेतों में बिछने की सूचना मिली है। खासकर मक्की और धान की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। विभाग के अधिकारी वीरवार को किसानों के खेतों का निरीक्षण करेंगे।
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सोमवार से लगातार हो रही बूंदाबांदी ने बुधवार की सुबह में बिकराल रूप धारण कर लिया। तेज आंधी और काले घनघोर बादलों के बीच करीब तीन घंटे की बारिश ने जहां- तहां जनजीवन को ठप कर दिया। हर कोई घनघोर बारिश के चलते छिपने के लिए आसरा खोजने लगे। देखते ही देखते बारिश ने काफी तबाही मचाई। इससे जिला मुख्यालय की नालियां भर गईं। उफनाए नालियों का पानी गांधी मार्केट, रोड़ा सेक्टर, बस स्टैंड के पास, सिनेमा कॉलोनी, कॉलेज चौक आदि स्थानों पर सड़कों पर पानी बहने लगा। इससे लोगों को आने जाने में काफी परेशानी हुई। उधर, मार्कंडेय, स्वारघाट, झंडूता में कई जगह भारी बारिश में भूस्खलन के चलते कई स्थानों पर लोनिवि के डंगे ढह गए। इसके अलावा मलबे आने से यातायात भी करीब दोपहर 12 बजे तक बाधित रहा।
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लोनिवि के एसई आरके वर्मा ने बताया पिछले दो दिनों से जारी भारी बारिश के चलते विभाग को पौने तीन करोड़ का नुकसान हुआ है। सड़कों के किनारे जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। सड़कों को भारी नुकसान हुआ है। जिला के उपमंडल स्तर तक विभाग ने जगह-जगह यातायात बहाली के लिए मशीनरी और लेबर तैनात कर दी है। विभाग ने जेसीबी द्वारा मलबा उठाकर तुरंत इसे बहाल कर दिया है।
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फसलों के नुकसान का कर रहे आकलन
उप निदेशक कृषि विभाग कुलदीप पटियाल ने बताया कि जिला में अभी तक बारिश से फसल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जिला के जामली में फसल खेतों में बिछने की सूचना मिली है। खासकर मक्की और धान की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। विभाग के अधिकारी वीरवार को किसानों के खेतों का निरीक्षण करेंगे।