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प्रदेश से नशे का खात्मा चुनौतीपूर्ण कार्य : गोयल
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जिला स्तरीय नशा मुक्ति कार्यक्रम में प्रभात फेरी के दौरान उपायुक्त व अन्य।
- फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश को पूर्ण रूप से नशा मुक्त करने के लिए उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने उपायुक्त कार्यालय से प्रभात फेरी निकालकर जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रभात फेरी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल में संपन्न हुई।
इसके उपरांत उपायुक्त ने बाल पाठशाला में नशे को जड़ से खत्म करने के लिए स्कूली बच्चों तथा आम नागरिकों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर डॉ. प्रवीण शर्मा ने उपस्थित सभी प्रबुद्ध नागरिकों और बच्चों को योग क्रियाएं करवाकर नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बताया कि यह अभियान 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा जिसमें नशे से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव को नुक्कड़ नाटकों, काउंसलिंग, वादविवाद प्रतियोगिताओं तथा कार्यशालाओं के माध्यम से इसका व्यापक प्रचार और प्रसार करके आमजन को जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन ने पूरे माह की रूपरेखा तैयार की है। इसमें सभी अधिकारियों को विभाग से संबंधित कार्यक्रम आयोजित करने के
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निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नशे का खात्मा हमारे लिए चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसे चुनौती के रूप में स्वीकार कर इसे पूर्ण रूप से समाज से जड़ से उखाड़ने के लिए सभी वर्गों का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने आमजन से आग्रह करते हुए कहा कि अपने मित्रों, परिचितों व परिवार
के सदस्यों को नशा न करने के लिए प्रेरित करें। कहा कि नशे के सेवन से न केवल आत्मा और शरीर का विनाश होता है अपितु इसके दुष्प्रभाव से परिवार, समाज व राष्ट्र निर्माण पर विपरीत असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को नशा मुक्त करने के लिए सभी वर्ग सत्य, निष्ठा व समर्पित भाव से कार्य करें।
इस अवसर पर एडीएम विनय धीमान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश दड़ोच, पीओ डीआरडीए संजीत सिंह, जिला कल्याण अधिकारी अमरजीत डोगरा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी जयगोपाल शर्मा, निदेशक पशुपालन डॉ. विनोद कुन्दी, गायत्री शक्तिपीठ परिवार से कुलवंत, रमेश चंद्र, लाडली फाउंडेशन जिला अध्यक्ष अनीता शर्मा, रेनबो स्टार क्लब के अध्यक्ष ईशान अख्तर के अतिरिक्त विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता तथा स्कूली छात्र-छात्राएं स्पोर्ट्स हॉस्टल के खिलाड़ियों ने भाग लिया।
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इसके उपरांत उपायुक्त ने बाल पाठशाला में नशे को जड़ से खत्म करने के लिए स्कूली बच्चों तथा आम नागरिकों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर डॉ. प्रवीण शर्मा ने उपस्थित सभी प्रबुद्ध नागरिकों और बच्चों को योग क्रियाएं करवाकर नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बताया कि यह अभियान 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा जिसमें नशे से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव को नुक्कड़ नाटकों, काउंसलिंग, वादविवाद प्रतियोगिताओं तथा कार्यशालाओं के माध्यम से इसका व्यापक प्रचार और प्रसार करके आमजन को जागरूक किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि इस अभियान के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन ने पूरे माह की रूपरेखा तैयार की है। इसमें सभी अधिकारियों को विभाग से संबंधित कार्यक्रम आयोजित करने के
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निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नशे का खात्मा हमारे लिए चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसे चुनौती के रूप में स्वीकार कर इसे पूर्ण रूप से समाज से जड़ से उखाड़ने के लिए सभी वर्गों का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने आमजन से आग्रह करते हुए कहा कि अपने मित्रों, परिचितों व परिवार
के सदस्यों को नशा न करने के लिए प्रेरित करें। कहा कि नशे के सेवन से न केवल आत्मा और शरीर का विनाश होता है अपितु इसके दुष्प्रभाव से परिवार, समाज व राष्ट्र निर्माण पर विपरीत असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को नशा मुक्त करने के लिए सभी वर्ग सत्य, निष्ठा व समर्पित भाव से कार्य करें।
इस अवसर पर एडीएम विनय धीमान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश दड़ोच, पीओ डीआरडीए संजीत सिंह, जिला कल्याण अधिकारी अमरजीत डोगरा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी जयगोपाल शर्मा, निदेशक पशुपालन डॉ. विनोद कुन्दी, गायत्री शक्तिपीठ परिवार से कुलवंत, रमेश चंद्र, लाडली फाउंडेशन जिला अध्यक्ष अनीता शर्मा, रेनबो स्टार क्लब के अध्यक्ष ईशान अख्तर के अतिरिक्त विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता तथा स्कूली छात्र-छात्राएं स्पोर्ट्स हॉस्टल के खिलाड़ियों ने भाग लिया।