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घेंगा रोग से बचाव के लिए आयोडीन युक्त नमक खाएं : डॉ. अभिनीत शर्मा
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घुमारवीं में जागरूकता शिविर के दौरान उपस्थित आशा कर्मी
- फोटो : BILASPUR
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घुमारवीं(बिलासपुर)। सिविल अस्पताल घुमारवीं में खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. अभिनीत शर्मा की अध्यक्षता में विश्व आयोडीन अल्पता दिवस मनाया गया। इस दिवस पर खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. अभिनीत शर्मा ने आशा कार्यकर्ताओं को आयोडीन की कमी से होने वाली बीमारियों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।
डॉ. शर्मा ने बताया कि आयोडीन अल्पता विकार आज भी एक बड़ी समस्या बनी है और इसकी कमी से घेंगा रोग होता है जिसमें थायराइड ग्लैंड में बड़ी गिल्टी बन जाती है इसे गोयटर भी कहते हैं।
बताया कि आयोडीन की कमी से शारीरिक व मानसिक कमजोरी, महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान गर्भपात होना, बच्चों का मंदबुद्धि होना, गूंगा बेहरा या बौना होना मुख्य लक्षण है। उन्होंने बताया कि इन बीमारियों से बचने के लिए मनुष्य को प्रति दिन 100 से 150 माइक्रोग्राम आयोडीन लेनी चाहिए।
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शर्मा ने कहा कि घेंगा रोग के बचाव के लिए आयोडीन युक्त नमक खाना चाहिए और आहार में अन्न, साग सब्जियां, दूध, अंडे और मछली आदि लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी के शरीर में आयोडीन की बहुत कमी हो तो चिकित्सक की सलाह से मल्टी विटामिन भी ले सकते हैं।
इस दिवस पर आशा कार्यकर्ताओं की आयोडीन अल्पता विकार पर भाषण प्रतियोगिता भी करवाई गई जिसमें व्यासा देवी प्रथम स्थान, संध्या देवी द्वितीया और वीना धीमान तृतीय स्थान पर रहीं।
खंड चिकित्सा अधिकारी ने भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी आशा कार्यकर्ताओं को नकद इनाम दिए। इस दिवस पर खंड स्वास्थ्य शिक्षक घुमारवीं सुरेश चंदेल ने कार्यक्रम में उपस्थित खंड की आशा कार्यकर्ताओं को आयोडीन से होने वाली कमी से होने वाली बीमारियों और शरीर की हानियों के बारे में अन्य लोगों को जागरूक करने की सलाह दी।
इस अवसर पर खंड स्वास्थ्य शिक्षक घुमारवीं सुरेश चंदेल, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक जगदीश चंद, स्वास्थ्य पर्यवेक्षिका माया शर्मा, वीना जगोता, कपिल देव क्लर्क उपस्थित थे।
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डॉ. शर्मा ने बताया कि आयोडीन अल्पता विकार आज भी एक बड़ी समस्या बनी है और इसकी कमी से घेंगा रोग होता है जिसमें थायराइड ग्लैंड में बड़ी गिल्टी बन जाती है इसे गोयटर भी कहते हैं।
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बताया कि आयोडीन की कमी से शारीरिक व मानसिक कमजोरी, महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान गर्भपात होना, बच्चों का मंदबुद्धि होना, गूंगा बेहरा या बौना होना मुख्य लक्षण है। उन्होंने बताया कि इन बीमारियों से बचने के लिए मनुष्य को प्रति दिन 100 से 150 माइक्रोग्राम आयोडीन लेनी चाहिए।
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शर्मा ने कहा कि घेंगा रोग के बचाव के लिए आयोडीन युक्त नमक खाना चाहिए और आहार में अन्न, साग सब्जियां, दूध, अंडे और मछली आदि लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी के शरीर में आयोडीन की बहुत कमी हो तो चिकित्सक की सलाह से मल्टी विटामिन भी ले सकते हैं।
इस दिवस पर आशा कार्यकर्ताओं की आयोडीन अल्पता विकार पर भाषण प्रतियोगिता भी करवाई गई जिसमें व्यासा देवी प्रथम स्थान, संध्या देवी द्वितीया और वीना धीमान तृतीय स्थान पर रहीं।
खंड चिकित्सा अधिकारी ने भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी आशा कार्यकर्ताओं को नकद इनाम दिए। इस दिवस पर खंड स्वास्थ्य शिक्षक घुमारवीं सुरेश चंदेल ने कार्यक्रम में उपस्थित खंड की आशा कार्यकर्ताओं को आयोडीन से होने वाली कमी से होने वाली बीमारियों और शरीर की हानियों के बारे में अन्य लोगों को जागरूक करने की सलाह दी।
इस अवसर पर खंड स्वास्थ्य शिक्षक घुमारवीं सुरेश चंदेल, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक जगदीश चंद, स्वास्थ्य पर्यवेक्षिका माया शर्मा, वीना जगोता, कपिल देव क्लर्क उपस्थित थे।