फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Hands that used to repair bikes are now growing dragon fruit.

Bilaspur News: बाइक ठीक करने वाले हाथ अब उगा रहे ड्रैगन फ्रूट

Sun, 19 Jul 2026 11:39 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 11:39 PM IST
विज्ञापन
Hands that used to repair bikes are now growing dragon fruit.
धरोट में सतनाम सिंह अपने बगीचे में। स्रोत: जागरूक पाठक
धरोट के सतनाम सिंह ने प्राकृतिक खेती से बदली तस्वीर, तीन साल में खड़ा किया बगीचा
विज्ञापन


किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बागवानी अपनाने की सलाह

संवाद न्यूज एजेंसी

गेहड़वीं (बिलासपुर)। मेहनत, संघर्ष और कुछ नया करने का जज्बा हो तो सफलता की नई कहानी लिखी जा सकती है। ग्राम पंचायत धरोट के रहने वाले सतनाम सिंह ने इसे सच कर दिखाया है। कभी बाइक मेकेनिक का काम करने वाले सतनाम सिंह आज ड्रैगन फ्रूट की प्राकृतिक खेती के जरिये अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। उनके बगीचे में तैयार होने वाले ड्रैगन फ्रूट अब जिले ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों में भी पसंद किए जा रहे हैं।

करीब तीन वर्ष पहले उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। शुरुआत में सीमित स्तर पर पौधे लगाए, लेकिन लगातार मेहनत और प्रयोगों के दम पर खेती का दायरा बढ़ाते गए। आज उनके फार्म में ड्रैगन फ्रूट की कई उन्नत किस्में तैयार हैं और वह लाखों रुपये का उत्पादन बेच चुके हैं। सतनाम सिंह का कहना है कि उनके फार्म में पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से खेती की जाती है। रासायनिक खाद और कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता। इसके बजाय वह स्वयं जीवामृत तैयार कर पौधों में इस्तेमाल करते हैं, जिससे फल की गुणवत्ता बेहतर रहती है और उत्पादन भी अच्छा मिलता है। उन्होंने किसानों से पारंपरिक फसलों के साथ बागवानी को अपनाने की अपील की। उनका कहना है कि गेहूं और मक्की जैसी फसलों में जंगली जानवरों, मौसम और कीटों से नुकसान का खतरा अधिक रहता है, जबकि ड्रैगन फ्रूट की खेती कम जोखिम के साथ बेहतर आय का माध्यम बन सकती है।
विज्ञापन

सरकारी सहयोग मिले तो बढ़ेगा दायरा

सतनाम सिंह ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू करने के इच्छुक किसान उनसे पौधों और उत्पादन से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें सरकार या संबंधित विभाग की ओर से किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं मिली है। यदि सरकारी स्तर पर सहयोग मिले तो वह इस खेती को और बड़े स्तर पर विस्तार दे सकते हैं और अधिक किसानों को ड्रैगन फ्रूट उत्पादन से जोड़ने में मदद कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed