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ढाई-ढाई साल पर सहमति, कद बढ़ा बंबर, धर्माणी का
संजय भारद्वाज/अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Thu, 21 Jan 2016 06:21 PM IST
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जनता जनार्दन के फैसले के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन राजनेताओं के लिए ‘धर्म संकट’ से कम नहीं रहा। किसके सिर पर ताज सजाएं, एक को पहनाए तो दूसरा नाराज हो जाए। जिले के दो सबसे बड़े शहरों बिलासपुर और घुमारवीं में सियासी हालात राजनेताओं के लिए भी अग्नि परीक्षा से कम नहीं रहे।
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पद एक और तलबगार दो। अध्यक्ष पद के लिए पेच जरूर फंसा। इसके बावजूद कांग्रेसियों ने एकजुटता दिखाई। सियासी गलियारों में भले ही अध्यक्ष पद पर ढाई-ढाई साल के लिए सहमति बनने की चर्चाएं हैं। लेकिन, नव निर्वाचित पार्षदों की एकजुटता ने स्थानीय विधायकों के कंधे मजबूत कर दिए। एकजुटता के इस संदेश से सदर विधायक बंबर ठाकुर का कद बढ़ा है। वहीं, घुमारवीं में सीपीएस राजेश धर्माणी का भी वर्चस्व रहा। दोनों ही निकायों में एकजुटता बनाए रखने के लिए ढाई-ढाई साल की युक्ति काम आ गई।
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नगर परिषद बिलासपुर में जीत की हैट्रिक मनाने वाली सोमा देवी अध्यक्ष बनी। अध्यक्ष पद की दौड़ में वार्ड नंबर तीन से विजयी शालिनी शर्मा भी थीं। कांग्रेस के 11 में से सात पार्षद जीते हैं। लिहाजा, बहुमत पूर्ण था। पेच सिर्फ अध्यक्ष पद को लेकर था। वीरवार को नगर परिषद कार्यालय में इसे लेकर मंथन चलता रहा।
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इस दौरान अध्यक्ष पद पर ढाई-ढाई साल के लिए सहमति बनी। विधायक बंबर ठाकुर ने कहा कि अध्यक्ष पद पर ढाई-ढाई साल के लिए सहमति बनी है। खास यह रहा कि कांग्रेस का कुनबा पूरी तरह एकजुट दिखा। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान हुआ तो एक भी पार्षद नहीं खिसका। कांग्रेस ने सात सीटें जीतीं हैं।
घुमारवीं में बुधवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन हुआ। यहां अध्यक्ष पद अनारक्षित होने के बावजूद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों ही पदों पर महिलाएं चुनी गईं। यहां सात में से कांग्रेस के चार पार्षद जीते। गीता महाजन और रीता सहगल दोनों ही दौड़ में होने से ढाई-ढाई साल का कार्यकाल तय हुआ। कांग्रेस की एकजुटता से सदर में विधायक बंबर ठाकुर और घुमारवीं में सीपीएस राजेश धर्माणी का कद बढ़ गया हे।
पार्षद तीन, वोट मिले चार
नगर परिषद बिलासपुर में भाजपा के तीन और कांग्रेस के सात पार्षद विजयी हुए हैं। जबकि एक निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। अध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान के तहत भाजपा ने एक वोट का इजाफा किया है। भाजपा को अध्यक्ष पद के लिए चार वोट मिलें। जबकि निर्दलीय पार्षद नरेंद्र पंडित ने भी अपना दम-खम दिखाया। उन्हें भी चार वोट मिले।
छोटी निकायों में भाजपा की बढ़ी जीत
नगर परिषद घुमारवीं और नगर पंचायत शाहतलाई मतदाताओं की संख्या के हिसाब से छोटी है। लेकिन, छोटी निकायों में भाजपा ने बढ़ी जीत हासिल की। दोनों ही निकायों में सात-सात वार्ड हैं। भाजपा ने पांच-पांच पर कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस दो पर ही सिमट गई। यहां अध्यक्ष पद के चयन के लिए मतदान भी नहीं हुआ। निर्विरोध ही दोनों स्थानों पर भाजपा काबिज हुई। दोनों ही निकायों में भाजपा विधायकों नयनादेवी के रणधीर शर्मा और झंडूता के रिखी राम कौंडल का दबदबा रहा।