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Bilaspur News: चलैहली स्कूल से घर जाने के लिए 603 सीढ़ियां चढ़ने से मिला छुटकारा
Wed, 22 Mar 2023 12:11 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 22 Mar 2023 12:11 AM IST
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बिलासपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चलैहली में रोड का कार्य करती जेसीबी। संवाद
बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चलैहली में पढ़ने वाले बच्चों और स्कूल स्टाफ को 1206 सीढ़ियों को उतरने और चढ़ने से छुटकारा मिल गया है। सदर विधानसभा क्षेत्र बिलासपुर के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चलैहली 88 साल के बाद सड़क सुविधा से जुड़ गई है।
इससे पहले सड़क के अभाव में स्कूल के विद्यार्थियों और स्टाफ को करीब 603 सीढ़ियां उतरकर स्कूल पहुंचना पड़ता था और इन्हीं सीढिय़ों को चढ़कर वापस सड़क तक जाना पड़ता था। इससे विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। सड़क को निकालते हुए मंगलवार को जब जेसीबी स्कूल के मैदान में पहुंची तो विद्यार्थियों, स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
बता दें कि चलैहली स्कूल में छठी से लेकर 12वीं कक्षा तक करीब 110 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल में कला, वाणिज्य, विज्ञान संकाय की पढ़ाई भी होती है। स्कूल के सड़क सुविधा से जुड़ने से क्षेत्र के लोगों और स्कूल के विद्यार्थियों में जशन का माहौल है। मंगलवार को सड़क स्कूल परिसर तक पहुंची तो बच्चों, स्टाफ और स्थानीय ग्रामीणों ने हलवा बांटकर खुशी मनाई।
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उल्लेखनीय है कि स्कूल प्रशासन, एसएमसी, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सरकार से स्कूल के लिए सड़क बनाने की मांग की थी। इसी मांग पर सरकार ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला से लेकर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चलैहली तक करीब एक किलोमीटर सड़क के लिए दस लाख से अधिक की राशि स्वीकृत की थी।
सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार कैप्टन राम लाल और सरयून खास पंचायत प्रधान अमी चंद भारद्वाज, एसएमसी अध्यक्ष सुनीता देवी, प्रधानाचार्य प्यार सिंह चंदेल, सोहन सिंह, तुलसी राम, सूबेदार सौजू राम, दीप राम, प्रबंधन समिति के सदस्य सीमा देवी, संजय कुमार, अंजना देवी, सरला देवी, सुनीता देवी ने खुशी जाहिर की और प्रदेश सरकार व प्रशासन का सड़क सुविधा देने का आभार प्रकट किया।
1934 में राजा आनंद चंद ने खोला था स्कूल
1934 में कहलूर रियासत के 44वें राजा आनंद चंद ने ग्रामीणों की मांग पर बरड़ी-पालटी गांव में स्कूल खोला था। जगह के अभाव के कारण इसे बाद में चलैहली लाया गया और भवन का निर्माण किया गया। क्षेत्र के ग्रामीणों की मांग पर सरकार ने स्कूल को मिडिल, हाई और फिर वरिष्ठ माध्यमिक में स्तरोन्नत कर दिया।
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इससे पहले सड़क के अभाव में स्कूल के विद्यार्थियों और स्टाफ को करीब 603 सीढ़ियां उतरकर स्कूल पहुंचना पड़ता था और इन्हीं सीढिय़ों को चढ़कर वापस सड़क तक जाना पड़ता था। इससे विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। सड़क को निकालते हुए मंगलवार को जब जेसीबी स्कूल के मैदान में पहुंची तो विद्यार्थियों, स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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बता दें कि चलैहली स्कूल में छठी से लेकर 12वीं कक्षा तक करीब 110 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल में कला, वाणिज्य, विज्ञान संकाय की पढ़ाई भी होती है। स्कूल के सड़क सुविधा से जुड़ने से क्षेत्र के लोगों और स्कूल के विद्यार्थियों में जशन का माहौल है। मंगलवार को सड़क स्कूल परिसर तक पहुंची तो बच्चों, स्टाफ और स्थानीय ग्रामीणों ने हलवा बांटकर खुशी मनाई।
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उल्लेखनीय है कि स्कूल प्रशासन, एसएमसी, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सरकार से स्कूल के लिए सड़क बनाने की मांग की थी। इसी मांग पर सरकार ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला से लेकर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चलैहली तक करीब एक किलोमीटर सड़क के लिए दस लाख से अधिक की राशि स्वीकृत की थी।
सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार कैप्टन राम लाल और सरयून खास पंचायत प्रधान अमी चंद भारद्वाज, एसएमसी अध्यक्ष सुनीता देवी, प्रधानाचार्य प्यार सिंह चंदेल, सोहन सिंह, तुलसी राम, सूबेदार सौजू राम, दीप राम, प्रबंधन समिति के सदस्य सीमा देवी, संजय कुमार, अंजना देवी, सरला देवी, सुनीता देवी ने खुशी जाहिर की और प्रदेश सरकार व प्रशासन का सड़क सुविधा देने का आभार प्रकट किया।
1934 में राजा आनंद चंद ने खोला था स्कूल
1934 में कहलूर रियासत के 44वें राजा आनंद चंद ने ग्रामीणों की मांग पर बरड़ी-पालटी गांव में स्कूल खोला था। जगह के अभाव के कारण इसे बाद में चलैहली लाया गया और भवन का निर्माण किया गया। क्षेत्र के ग्रामीणों की मांग पर सरकार ने स्कूल को मिडिल, हाई और फिर वरिष्ठ माध्यमिक में स्तरोन्नत कर दिया।