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Bilaspur News: एनटीपीसी कोलडैम में बालिका सशक्तीकरण अभियान शुरू
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एनटीपीसी कोलडैम में बालिका सशक्तिकरण अभियान के शुभांरभ अवसर पर उपस्थित छात्राएं व अन्य। स्रोत:
उपायुक्त राहुल कुमार ने किया शुभारंभ, शिक्षा और नेतृत्व विकास पर दिया जोर
13 सरकारी स्कूलों की 48 बालिकाएं ले रहीं भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एनटीपीसी कोलडैम में बालिका सशक्तीकरण अभियान 2026 का शुभारंभ मंगलवार को उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने किया गया। इस अभियान का आयोजन 14 जुलाई से 11 अगस्त तक किया जाएगा।
इस अभियान में परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के 13 सरकारी स्कूलों की 48 बालिकाएं भाग ले रही हैं, जिसमें मंडी के राजकीय विद्यालय सलापड़, बटवाड़ा, सनीहन, ध्वाल, पंजोल्ठ, दोघरी, कांगू, बिलासपुर के कसोल, हरनोड़ा, जमथल और सोलन के बेरल स्कूल की छात्राएं शामिल हैं। इस पूर्ण आवासीय कार्यक्रम में बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, मूल्य आधारित जीवन, व्यक्तित्व विकास, खेलकूद, योग, संगीत, नृत्य, रचनात्मक कला, संचार कौशल और विभिन्न जीवन कौशल गतिविधियों का समावेश किया गया है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के बौद्धिक, शारीरिक, भावनात्मक एवं सामाजिक विकास के साथ-साथ उनमें नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना का विकास करना है। इस दौरान उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बालिकाओं को बड़े सपने देखने, शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा साधन मानने और निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो किसी व्यक्ति के जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल सकती है, इसलिए बच्चों को सदैव नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक रहना चाहिए और अधिक से अधिक पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब समय महिलाओं के विकास का नहीं, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व में विकास का है।
परियोजना प्रमुख एसएस राव ने कहा कि हमारे इतिहास में बालिकाओं को सदैव शक्ति का स्वरूप माना गया है। हम देवी दुर्गा सहित विभिन्न स्वरूपों में नारी शक्ति की आराधना करते हैं, लेकिन समय के साथ समाज में उन्हें मिलने वाला सम्मान और अवसर कहीं न कहीं कम होता गया। बालिका सशक्तीकरण अभियान इसी सम्मान और विश्वास को पुनः स्थापित करने एवं बालिकाओं में निहित असीम संभावनाओं को जागृत करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अभिभावकों से बालिकाओं की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। इस अवसर पर संगिनी संघ की अध्यक्ष नर्मदा राव, मानव संसाधन प्रमुख मंगला हरींद्रन, डॉ. ईशा सिंह, विनोद कुमार, डीसी, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, डीएवी स्कूल की प्रधानाचार्य एकता, उप महाप्रबंधक (सीएसआर) डॉ. अंजुला अग्रवाल, उप प्रबंधक (सीएसआर) पूरन सिंह आदि उपस्थित रहे।
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13 सरकारी स्कूलों की 48 बालिकाएं ले रहीं भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एनटीपीसी कोलडैम में बालिका सशक्तीकरण अभियान 2026 का शुभारंभ मंगलवार को उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने किया गया। इस अभियान का आयोजन 14 जुलाई से 11 अगस्त तक किया जाएगा।
इस अभियान में परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के 13 सरकारी स्कूलों की 48 बालिकाएं भाग ले रही हैं, जिसमें मंडी के राजकीय विद्यालय सलापड़, बटवाड़ा, सनीहन, ध्वाल, पंजोल्ठ, दोघरी, कांगू, बिलासपुर के कसोल, हरनोड़ा, जमथल और सोलन के बेरल स्कूल की छात्राएं शामिल हैं। इस पूर्ण आवासीय कार्यक्रम में बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, मूल्य आधारित जीवन, व्यक्तित्व विकास, खेलकूद, योग, संगीत, नृत्य, रचनात्मक कला, संचार कौशल और विभिन्न जीवन कौशल गतिविधियों का समावेश किया गया है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के बौद्धिक, शारीरिक, भावनात्मक एवं सामाजिक विकास के साथ-साथ उनमें नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना का विकास करना है। इस दौरान उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बालिकाओं को बड़े सपने देखने, शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा साधन मानने और निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो किसी व्यक्ति के जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल सकती है, इसलिए बच्चों को सदैव नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक रहना चाहिए और अधिक से अधिक पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब समय महिलाओं के विकास का नहीं, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व में विकास का है।
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परियोजना प्रमुख एसएस राव ने कहा कि हमारे इतिहास में बालिकाओं को सदैव शक्ति का स्वरूप माना गया है। हम देवी दुर्गा सहित विभिन्न स्वरूपों में नारी शक्ति की आराधना करते हैं, लेकिन समय के साथ समाज में उन्हें मिलने वाला सम्मान और अवसर कहीं न कहीं कम होता गया। बालिका सशक्तीकरण अभियान इसी सम्मान और विश्वास को पुनः स्थापित करने एवं बालिकाओं में निहित असीम संभावनाओं को जागृत करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अभिभावकों से बालिकाओं की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। इस अवसर पर संगिनी संघ की अध्यक्ष नर्मदा राव, मानव संसाधन प्रमुख मंगला हरींद्रन, डॉ. ईशा सिंह, विनोद कुमार, डीसी, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, डीएवी स्कूल की प्रधानाचार्य एकता, उप महाप्रबंधक (सीएसआर) डॉ. अंजुला अग्रवाल, उप प्रबंधक (सीएसआर) पूरन सिंह आदि उपस्थित रहे।
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