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ऑफलाइन परीक्षा के पक्ष में नहीं कॉलेज विद्यार्थी
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बिलासपुर। जिला बिलासपुर के विभिन्न कॉलेजों में पढ़ने वाले अधिकांश विद्यार्थी ऑफलाइन परीक्षा पर सहमत नहीं हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई के चलते उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना है। पाठ्यक्रम भी पूरा नहीं हुआ है। तैयारी भी अधूरी है। ऐसे में ऑफलाइन परीक्षा के डर से कॉलेज विद्यार्थी तनाव में जा रहे हैं। ऑनलाइन/ऑफलाइन परीक्षा को लेकर हुए सर्वे में कॉलेज विद्यार्थियों ने यह प्रतिक्रिया दी है। सर्वे में 75 प्रतिशत विद्यार्थियों ने ऑलनाइन पेपर करवाने को लेकर सहमति जताई है।
डिग्री कॉलेज बिलासपुर के आसिफ चौधरी ने बताया कि कॉलेज स्तर पर लिए गए सुझाव में काफी विद्यार्थियों ने ऑफलाइन कक्षाएं चलाने के लिए राय व्यक्त की थी। ऑनलाइन कक्षाएं चलने के कारण पढ़ाई सुचारू नहीं हो पाई है। अभय ने बताया कि ज्यादातर विद्यार्थियों के पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट की उचित सुविधा न होने के कारण सुचारु रूप से ऑनलाइन कक्षाएं नहीं लगा पाएं हैं। विद्यार्थी पाठ्यक्रम को लेकर भी अपडेट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर कक्षाएं ऑनलाइन लगी हैं, तो पेपर भी ऑनलाइन मोड में ही लिए जाएं।
घुमारवीं कॉलेज की सरोज ने बताया कि सिर्फ एक माह ही उनके कॉलेज खुले हैं। उसमें भी पूरी कक्षाएं नहीं लग पाई हैं। ऑनलाइन कक्षाएं लगी हैं। ऑनलाइन पढ़ाई में ज्यादा समझ नहीं आया है। अब ऑफलाइन पेपरों के डर से छात्र-छात्राएं तनाव का शिकार हो जाएंगे। कुसुम ने कहा कि सभी कॉलेज विद्यार्थियों को वैक्सीन लगाने के बाद ही ऑफलाइन परीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 10 वीं व 12वीं की तर्ज पर कॉलेज के विद्यार्थियों को भी प्रमोट किया जा सकता है।
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घुमारवीं कॉलेज की पायल मलिक ने बताया कि परीक्षाओं से पहले सभी विद्यार्थियों को वैक्सीन लगवाई जाए। ऑलनाइन पढ़ाई के कारण उनकी अच्छे से पढ़ाई भी नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं को लेकर सरकार फिर से विचार करे। झंडूता कॉलेज के अभिषेक भी मौजूदा हालातों में ऑपलाइन परीक्षा पर असहमति जताते हुए कॉलेज विद्यार्थियों को प्रमोट करने की अपील की।
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डिग्री कॉलेज बिलासपुर के आसिफ चौधरी ने बताया कि कॉलेज स्तर पर लिए गए सुझाव में काफी विद्यार्थियों ने ऑफलाइन कक्षाएं चलाने के लिए राय व्यक्त की थी। ऑनलाइन कक्षाएं चलने के कारण पढ़ाई सुचारू नहीं हो पाई है। अभय ने बताया कि ज्यादातर विद्यार्थियों के पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट की उचित सुविधा न होने के कारण सुचारु रूप से ऑनलाइन कक्षाएं नहीं लगा पाएं हैं। विद्यार्थी पाठ्यक्रम को लेकर भी अपडेट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर कक्षाएं ऑनलाइन लगी हैं, तो पेपर भी ऑनलाइन मोड में ही लिए जाएं।
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घुमारवीं कॉलेज की सरोज ने बताया कि सिर्फ एक माह ही उनके कॉलेज खुले हैं। उसमें भी पूरी कक्षाएं नहीं लग पाई हैं। ऑनलाइन कक्षाएं लगी हैं। ऑनलाइन पढ़ाई में ज्यादा समझ नहीं आया है। अब ऑफलाइन पेपरों के डर से छात्र-छात्राएं तनाव का शिकार हो जाएंगे। कुसुम ने कहा कि सभी कॉलेज विद्यार्थियों को वैक्सीन लगाने के बाद ही ऑफलाइन परीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 10 वीं व 12वीं की तर्ज पर कॉलेज के विद्यार्थियों को भी प्रमोट किया जा सकता है।
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घुमारवीं कॉलेज की पायल मलिक ने बताया कि परीक्षाओं से पहले सभी विद्यार्थियों को वैक्सीन लगवाई जाए। ऑलनाइन पढ़ाई के कारण उनकी अच्छे से पढ़ाई भी नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं को लेकर सरकार फिर से विचार करे। झंडूता कॉलेज के अभिषेक भी मौजूदा हालातों में ऑपलाइन परीक्षा पर असहमति जताते हुए कॉलेज विद्यार्थियों को प्रमोट करने की अपील की।