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Bilaspur News: ननावां में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर गेट लगाने का लोगों ने किया विरोध
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सड़क पर गेट लगाने को लेकर पंचायत और प्रशासन आमने-सामने
ग्रामीणों ने पंचायत पर लगाया मनमानी करने का आरोप
प्रधान बोलीं, टोल बचाने के लिए लोग कर रहे थे इस सड़क का उपयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं की ग्राम पंचायत ननावां में कई वर्ष पुरानी सड़क पर गेट लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ ग्राम पंचायत इस गेट को लोगों की सुविधा के लिए जरूरी बता रही है, वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गेट को अवैध रूप से लगाया गया है। लोग इसका विरोध कर रहे हैं।
खास बात यह है कि जहां पंचायत और लोक निर्माण विभाग कह रहे हैं कि इसे प्रशासन की अनुमति से लगाया गया है। वहीं प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि यह सड़क कई साल से सार्वजनिक रही है, लेकिन अब गेट लगाकर उनकी आवाजाही में बाधा डाली जा रही है। ग्रामीणों ने पंचायत पर मनमानी करने का आरोप लगाया। कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के यह फैसला लिया गया, जिससे आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्राम पंचायत ननावां की प्रधान तृप्ता देवी ने बताया कि बलोह गांव के पास टोल प्लाजा की फीस बचाने के लिए बड़ी संख्या में वाहन चालक इस सड़क का इस्तेमाल कर रहे थे। इससे सड़क पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया और आसपास रहने वाले लोगों को शोर और धूल से परेशान होना पड़ रहा था। स्थानीय निवासियों की मांग पर पंचायत ने प्रशासन से अनुमति लेकर गेट लगाया। गांव के लोगों की शिकायत के बाद बैठक में गेट लगाने का फैसला हुआ था। उपमंडल अधिकारी से अनुमति लेने के बाद ही यह गेट लगाया गया है। इस पूरे मामले में प्रशासन ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। एसडीएम घुमारवीं गौरव चौधरी ने कहा कि पंचायत को केवल अस्थायी बैरिकेड लगाने की इजाजत दी गई थी, स्थायी गेट लगाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। कहा कि अब जांच की जाएगी कि यह गेट किसके आदेश पर लगाया गया। गेट लगाने के मामले में लोक निर्माण विभाग भी अब बैकफुट पर आ गया है। पहले विभाग कह रहा था कि प्रशासन की सहमति से इस गेट को लगाया गया था, लेकिन अब विवाद बढ़ने के बाद इससे पल्ला झाड़ रहा है। विभाग के सहायक अभियंता सीताराम ने कहा कि यदि प्रशासन को इस पर आपत्ति है, तो जल्द ही गेट हटाने के आदेश दिए जाएंगे।
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ग्रामीणों ने पंचायत पर लगाया मनमानी करने का आरोप
प्रधान बोलीं, टोल बचाने के लिए लोग कर रहे थे इस सड़क का उपयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं की ग्राम पंचायत ननावां में कई वर्ष पुरानी सड़क पर गेट लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ ग्राम पंचायत इस गेट को लोगों की सुविधा के लिए जरूरी बता रही है, वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गेट को अवैध रूप से लगाया गया है। लोग इसका विरोध कर रहे हैं।
खास बात यह है कि जहां पंचायत और लोक निर्माण विभाग कह रहे हैं कि इसे प्रशासन की अनुमति से लगाया गया है। वहीं प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि यह सड़क कई साल से सार्वजनिक रही है, लेकिन अब गेट लगाकर उनकी आवाजाही में बाधा डाली जा रही है। ग्रामीणों ने पंचायत पर मनमानी करने का आरोप लगाया। कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के यह फैसला लिया गया, जिससे आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्राम पंचायत ननावां की प्रधान तृप्ता देवी ने बताया कि बलोह गांव के पास टोल प्लाजा की फीस बचाने के लिए बड़ी संख्या में वाहन चालक इस सड़क का इस्तेमाल कर रहे थे। इससे सड़क पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया और आसपास रहने वाले लोगों को शोर और धूल से परेशान होना पड़ रहा था। स्थानीय निवासियों की मांग पर पंचायत ने प्रशासन से अनुमति लेकर गेट लगाया। गांव के लोगों की शिकायत के बाद बैठक में गेट लगाने का फैसला हुआ था। उपमंडल अधिकारी से अनुमति लेने के बाद ही यह गेट लगाया गया है। इस पूरे मामले में प्रशासन ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। एसडीएम घुमारवीं गौरव चौधरी ने कहा कि पंचायत को केवल अस्थायी बैरिकेड लगाने की इजाजत दी गई थी, स्थायी गेट लगाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। कहा कि अब जांच की जाएगी कि यह गेट किसके आदेश पर लगाया गया। गेट लगाने के मामले में लोक निर्माण विभाग भी अब बैकफुट पर आ गया है। पहले विभाग कह रहा था कि प्रशासन की सहमति से इस गेट को लगाया गया था, लेकिन अब विवाद बढ़ने के बाद इससे पल्ला झाड़ रहा है। विभाग के सहायक अभियंता सीताराम ने कहा कि यदि प्रशासन को इस पर आपत्ति है, तो जल्द ही गेट हटाने के आदेश दिए जाएंगे।
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