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Bilaspur News: छंजियार, निहारी, दधोल कलां में चार दिनों से जल रहे जंगल

Sun, 19 May 2024 11:31 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 19 May 2024 11:31 PM IST
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Forests burning in Chhanjiar, Nihari, Dadhol Kalan for four days
- पांच हेक्टेयर में लाखों की वन संपदा जलकर राख
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-जंगली जीव जंतु भी चढ़ रहे आग की भेंट

संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी/घुमारवीं(बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के तहत छंजियार, निहारी और दधोल कलां जंगल में पिछले चार दिनों से लगातार आग लगने की घटनाएं जारी हैं। करीब पांच हेक्टेयर क्षेत्र में लाखों रुपये की वन संपदा जलकर राख हो गई। वहीं जंगली जीव-जंतु भी इस आज की भेंट चढ़ गए।
आग बुझाने के बावजूद बार-बार जंगल आग की भेंट चढ़ रहा है। आग की लपटें देखकर गांव वालों ने शीघ्र वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी समय रहते घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने गांव वालों के साथ मिलकर आग बुझाने का कार्य शुरू किया। वन विभाग के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन संसाधनों की कमी के चलते कर्मचारियों को आग बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालत यह है कि जंगल में लगने वाली इस आग वाली जगह पर अग्निशमन विभाग की गाड़ियों का पहुंचना भी मुश्किल है। यही कारण है कि विभाग के कर्मचारी स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ों की टहनियां से झाड़ू बनाकर आग को काबू करने में लगे हुए हैं। बता दें कि इस जंगल में करीब चार दिन से लगातार आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। इसके बाद वन विभाग के कर्मचारी एक तरफ आग बुझाकर चले जाते हैं। वही थोड़े देर बाद दोबारा जंगल में आग लग जाती है। जंगल के साथ ही रिहायशी गांव होने के कारण गांव वाले रात भर जागकर पहरा देने में लगे हुए हैं जबकि वन विभाग के कर्मचारी भी आग बुझाने के बाद लगातार जंगल में सूखी पत्तियां व अन्य चीज की पत्तियों को हटाने के काम में लगे हुए हैं। ताकि आज को आगे बढ़ने से रोका जा सके। आग बुझाने में स्थानीय लोग और महिलाएं भी सहयोग कर रहीं हैं। आग की तपत इतनी तेज होती है कि 500 मीटर के दायरे में खड़े रहना मुश्किल हो रहा है। जिस तरफ आग की लपटें बढ़ रही हैं उस तरफ घासनी और चलारू को लोगों द्वारा साफ किया जा रहा है, ताकि आग आगे न बढ़ पाए। चील के ऊंचे पेड़ होने के कारण आग के नजदीक जाना खतरे से खाली नहीं है। ऐसे में दूर-दूर से आग का बवंडर दिख रहा था। जंगल में आग लगने का दायरा बहुत ज्यादा रहा है। धुंए का गुबार आसमान में उड़ रहा है। आरओ भराड़ी मदन ने कहा कि शनिवार को पलासला बीट के मोहड़ा में 15 हेक्टेयर जंगल में आग लगी थी। दधोल कलां के नजदीक पांच हेक्टेयर से ज्यादा का हिस्सा जला है। वहीं निहारी के नजदीक में शनिवार दोपहर से लगी आग को रात 11 बजे काबू कर लिया गया था।
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इनसेट

ढल्याणी गांव के पास भी लगी आग

उप तहसील भराड़ी के तहत ढल्याणी गांव के नजदीक रविवार दोपहर को निजी भूमि में आग लग गई। आग तेजी से रिहायशी मकानों की तरफ बढ़ने लगी। शीघ्र ही दमकल विभाग को इसके बारे में सूचित किया गया। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया नहीं तो रिहायशी मकान आग की चपेट में आ सकते थी। ढल्याणी गांव के पास लोगों की खाली जमीन है। इसमें घास और छोटी मोटी झाडिय़ां उगी हैं। रविवार दोपहर के करीब यहां पर आग की लपटें निकलना शुरू हुईं।
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