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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   First blow of the monsoon: Landslide at Kyarar; Shimla-Mataur Highway closed all day.

मानसून की पहली मार : क्यारड़ में भूस्खलन, शिमला-मटौर हाईवे दिनभर बंद

Wed, 01 Jul 2026 11:15 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:15 PM IST
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First blow of the monsoon: Landslide at Kyarar; Shimla-Mataur Highway closed all day.
राजघाटी के पास बंद हुआ शिमला-मटौर फोरलेन और मरम्मत में लगी मशीनें। स्रोत: पुलिस विभाग
शाम सात बजे हो सका बहाल
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पहली बरसात ने फोरलेन निर्माण की चुनौतियों को किया उजागर
नम्होल-राजघाटी मार्ग भी एहतियातन बंद, तीन वैकल्पिक मार्गों से ट्रैफिक किया डायवर्ट
एम्स से भराड़ी तक फोरलेन निर्माण के कारण कई स्थान संवेदनशील
पूरा दिन डायवर्ट रहा ट्रैफिक, यात्रियों को करना पड़ा कई किमी अतिरिक्त सफर

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मानसून की पहली तेज बारिश ने जिले में शिमला-मटौर फोरलेन निर्माण की चुनौतियों को भी उजागर कर दिया है। बिलासपुर-सोलन जिले की सीमा से सटे क्यारड़ क्षेत्र में बुधवार को भारी भूस्खलन होने से शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग-205 दिनभर पूरी तरह बंद रहा। इससे देर शाम सात बजे बहाल किया गया।
पहाड़ी से लगातार मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिरते रहे। इसके चलते प्रशासन ने एहतियातन हाईवे पर यातायात रोक दिया। इससे शिमला, बिलासपुर, हमीरपुर और मंडी के बीच सफर करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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नौणी से भराड़ीघाट के बीच मटौर-शिमला फोरलेन का निर्माण कार्य चल रहा है। लगातार बारिश के बीच क्यारड़ के पास पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरक गया और भारी मात्रा में मलबा सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गिरा। भूस्खलन के बाद भी पहाड़ी से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी रहा, जिससे सड़क पूरी तरह असुरक्षित हो गई। पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों ओर यातायात रोक दिया और लोगों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने नम्होल-राजघाटी मार्ग को भी सभी प्रकार के वाहनों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया। लगातार बारिश के कारण आसपास की पहाड़ियां कमजोर हो गई हैं और दोबारा भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान से बचने के लिए यह कदम उठाया गया।
हाईवे बंद होने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक यातायात योजना लागू की। बिलासपुर और हमीरपुर से शिमला जाने वाले वाहनों को ब्रह्मपुखर, जुखाला, जब्बल पुल, रानीकोटला, खारसी और दाड़लामोड़ मार्ग से भेजा गया। शिमला से मंडी की ओर जाने वाले वाहनों को दाड़लामोड़, नवगांव, खारसी, रानीकोटला और बैरी मार्ग से निकाला गया। शिमला से बिलासपुर और हमीरपुर लौटने वाले वाहनों को भी दाड़लामोड़, खारसी, रानीकोटला, जब्बल पुल और घागस होकर भेजा गया।
राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहने से पूरे दिन यात्रियों को लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। कई किलोमीटर अतिरिक्त सफर करने से यात्रा का समय काफी बढ़ गया। वैकल्पिक मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ने से जगह-जगह यातायात धीमी गति से चलता रहा। कार्यालय, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों से यात्रा कर रहे लोगों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हाईवे को जल्द बहाल करने के लिए फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी की जेसीबी, पोकलेन और अन्य भारी मशीनें देर रात तक मलबा हटाने के कार्य में लगी रहीं। लोक निर्माण विभाग, पुलिस और निर्माण कंपनी के कर्मचारी संयुक्त रूप से सड़क को सुरक्षित बनाने में जुटे रहे। हालांकि, पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने के कारण राहत और बहाली कार्य बार-बार प्रभावित होता रहा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मशीनरी का संचालन भी पूरी सतर्कता के साथ किया गया।
एम्स बिलासपुर से भराड़ी तक फोरलेन निर्माण के लिए अधिकांश हिस्से में बड़े पैमाने पर पहाड़ियों की कटाई की गई है। कई स्थानों पर अभी रिटेनिंग वॉल (डंगे) बनने बाकी हैं, जबकि कई जगह सड़क किनारे का कटान खुला पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान ऐसे स्थान सबसे अधिक संवेदनशील साबित हो सकते हैं।
बरसात की पहली ही तेज बारिश ने प्रशासन, फोरलेन निर्माण एजेंसी और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। यदि लगातार बारिश का दौर जारी रहा तो निर्माणाधीन क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे यातायात बार-बार प्रभावित होने की आशंका है।

एसपी ने जारी की एडवाइजरी
एसपी अभिषेक धीमान ने बताया कि क्यारड़ क्षेत्र में फिलहाल आवाजाही सुरक्षित नहीं है। सड़क पूरी तरह बहाल होने तक यातायात वैकल्पिक मार्गों से किया गया। वाहन चालक निर्धारित मार्गों का उपयोग करें, ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें, संकरे रास्तों पर ओवरटेकिंग से बचें और एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता दें।
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