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Bilaspur News: सीवरेज ट्रीटमेंट परियोजना की फाइनेंशियल बिड को मिली मंजूरी
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दो चरणों में होगा सीवरेज प्लांट का काम
60 साल पुरानी सीवरेज व्यवस्था से मिलेगी निजात
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर की 103 करोड़ रुपये की सीवरेज ट्रीटमेंट परियोजना के प्लांट के टेंडर की फाइनेंशियल बिड को एफडी से मंजूरी मिल गई है। प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (पीएमयू) मंडी की ओर से इसका वित्तीय मूल्यांकन (फाइनेंशियल इवैल्यूएशन) की जा रही है। इसके बाद परियोजना का कार्य शुरू किया जाएगा।
परियोजना निर्माण के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडर के लिए दो बीडर क्वालीफाई हुए थे। इनकी फाइनेंशियल बिड को अब एएफडी (एजेंसी फ्रांसिस डी डेवलपमेंट) को समीक्षा के लिए भेजा गया था। यहां से फाइनेंशियल बिड की मंजूरी मिल गई है। यह टेंडर यूनिप्रो फर्म को जारी हुआ है। अब इसकी फाइनेंशियल इवैल्यूएशन की जा रही है, जिसके बाद परियोजना कार्य शुरू किया जाएगा।
बिलासपुर शहर की सीवरेज ट्रीटमेंट परियोजना को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से में सीवरेज नेटवर्क का निर्माण होगा, जबकि दूसरे हिस्से में ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना होगी। नेटवर्क के लिए 63 करोड़ रुपये का टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है, जबकि ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 40 करोड़ रुपये के टेंडर की फाइनेंशियल बिड को अब मंजूरी मिली है। यह परियोजना बिलासपुर शहर की सीवरेज व्यवस्था को आधुनिक बनाने शहर के लोगों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं देने में अहम कदम साबित होगी। इस परियोजना के लिए एएफडी ने 103 करोड़ रुपये का फंड मंजूर हुआ है।
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जल शक्ति विभाग ने इस परियोजना के लिए एएफडी को 103 करोड़ का प्राक्कलन भेजा था, जिसे एएफडी ने स्वीकृत किया है। बिलासपुर में 60 साल पुरानी सीवरेज व्यवस्था अब शहर की बढ़ती आबादी और आधुनिक आवश्यकताओं के हिसाब से नाकाफी साबित हो रही है। इस परियोजना के तहत नई सीवरेज व्यवस्था तैयार की जा रही है, जो 2040 तक की आबादी की जरूरतों को पूरा कर सकेगी। 32 किलोमीटर की सीवरेज लाइन बिछाने के साथ दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे।
सीवरेज ट्रीटमेंट परियोजना के प्लांट के टेंडर की फाइनेंशियल बिड को एफडी से मंजूरी मिल गई। फाइनेंशियल इवैल्यूएशन के बाद कार्य शुरू किया जाएगा।
राजकुमार कौंडल, अधिशासी अभियंता, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट मंडी
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60 साल पुरानी सीवरेज व्यवस्था से मिलेगी निजात
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर की 103 करोड़ रुपये की सीवरेज ट्रीटमेंट परियोजना के प्लांट के टेंडर की फाइनेंशियल बिड को एफडी से मंजूरी मिल गई है। प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (पीएमयू) मंडी की ओर से इसका वित्तीय मूल्यांकन (फाइनेंशियल इवैल्यूएशन) की जा रही है। इसके बाद परियोजना का कार्य शुरू किया जाएगा।
परियोजना निर्माण के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडर के लिए दो बीडर क्वालीफाई हुए थे। इनकी फाइनेंशियल बिड को अब एएफडी (एजेंसी फ्रांसिस डी डेवलपमेंट) को समीक्षा के लिए भेजा गया था। यहां से फाइनेंशियल बिड की मंजूरी मिल गई है। यह टेंडर यूनिप्रो फर्म को जारी हुआ है। अब इसकी फाइनेंशियल इवैल्यूएशन की जा रही है, जिसके बाद परियोजना कार्य शुरू किया जाएगा।
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बिलासपुर शहर की सीवरेज ट्रीटमेंट परियोजना को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से में सीवरेज नेटवर्क का निर्माण होगा, जबकि दूसरे हिस्से में ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना होगी। नेटवर्क के लिए 63 करोड़ रुपये का टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है, जबकि ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 40 करोड़ रुपये के टेंडर की फाइनेंशियल बिड को अब मंजूरी मिली है। यह परियोजना बिलासपुर शहर की सीवरेज व्यवस्था को आधुनिक बनाने शहर के लोगों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं देने में अहम कदम साबित होगी। इस परियोजना के लिए एएफडी ने 103 करोड़ रुपये का फंड मंजूर हुआ है।
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जल शक्ति विभाग ने इस परियोजना के लिए एएफडी को 103 करोड़ का प्राक्कलन भेजा था, जिसे एएफडी ने स्वीकृत किया है। बिलासपुर में 60 साल पुरानी सीवरेज व्यवस्था अब शहर की बढ़ती आबादी और आधुनिक आवश्यकताओं के हिसाब से नाकाफी साबित हो रही है। इस परियोजना के तहत नई सीवरेज व्यवस्था तैयार की जा रही है, जो 2040 तक की आबादी की जरूरतों को पूरा कर सकेगी। 32 किलोमीटर की सीवरेज लाइन बिछाने के साथ दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे।
सीवरेज ट्रीटमेंट परियोजना के प्लांट के टेंडर की फाइनेंशियल बिड को एफडी से मंजूरी मिल गई। फाइनेंशियल इवैल्यूएशन के बाद कार्य शुरू किया जाएगा।
राजकुमार कौंडल, अधिशासी अभियंता, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट मंडी