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नई शिक्षानीति में छोटी कक्षाओं से पढ़ाया जाएगा कृषि विषय ः वीसी
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बरठी केंद्र के प्रभारी डॉ. सुमन कुमार पालमपुर विश्वविद्यालय के कुलपति एचके चौधरी को सम्मानित कर?
- फोटो : BILASPUR
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बरठीं (बिलासपुर)। अभिभावक बच्चों को कृषि की ओर प्रेरित करें ताकि कृषि क्षेत्र में क्रांति लाई जा सके। जल्द नई शिक्षा नीति के तहत छोटी कक्षाओं से ही कृषि विषय पढ़ाया जाएगा ताकि बच्चे कृषि और पशु पालन क्षेत्र में भविष्य संवार सकें। यह बात चौधरी श्रवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरिंद्र कुमार चौधरी ने कही। प्रो. चौधरी ने केवीके बरठीं में प्रगतिशील किसानों से वार्तालाप कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि किसानों के हौसलों को बुलंद करने के लिए न मैं खुद सोउंगा न ही वैज्ञानिकों को सोने दूंगा। उन्होंने हाल ही में कुलपति का पद ग्रहण किया है। प्रो. चौधरी ने कहा कि उनका लक्ष्य प्रत्येक पंचायत के प्रत्येक किसान तक कृषि की वैज्ञानिक तकनीक पहुंचाना है। चौधरी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में बहुत बदलाव कर रही है। कृषि से किसानों की आय को दोगुना करने के प्रयास भी तेज हो रहे हैं। प्रदेश के बेरोजगार युवा कृषि को अपनाकर भविष्य संवार सकते हैं। युवाओं के कृषि क्षेत्र में आने से जहां उन्हें रोजगार मिलेगा वहीं क्रांतिकारी बदलाव भी होंगे। उन्होंने वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे अपनी अच्छाई कार्यालयों में नहीं बल्कि किसानों के खेतों में जाकर दिखाएं ताकि कृषि में नई-नई तकनीकों का किसानों को भरपूर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी किसानों का विकास करना उनका पहला लक्ष्य रहेगा।
चौधरी ने कहा कि उनके पास किसानों को प्रगतिशील बनाने के लिए एक विजन है। इसके लिए वे प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में ऐसे बदलाव किए जाएंगे कि प्रदेश का नक्शा ही बदल जाए। उन्होंने कहा कि जिले में दलहनी, जिमीकंद और लहसुन के लिए अपार संभावनाएं हैं। जो किसान इस खेती से जुड़े हैं उनकी आय इतनी हो चुकी है, जिसकी वे कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि किसानों के हौसलों को बुलंद करने के लिए न मैं खुद सोउंगा न ही वैज्ञानिकों को सोने दूंगा। उन्होंने हाल ही में कुलपति का पद ग्रहण किया है। प्रो. चौधरी ने कहा कि उनका लक्ष्य प्रत्येक पंचायत के प्रत्येक किसान तक कृषि की वैज्ञानिक तकनीक पहुंचाना है। चौधरी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में बहुत बदलाव कर रही है। कृषि से किसानों की आय को दोगुना करने के प्रयास भी तेज हो रहे हैं। प्रदेश के बेरोजगार युवा कृषि को अपनाकर भविष्य संवार सकते हैं। युवाओं के कृषि क्षेत्र में आने से जहां उन्हें रोजगार मिलेगा वहीं क्रांतिकारी बदलाव भी होंगे। उन्होंने वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे अपनी अच्छाई कार्यालयों में नहीं बल्कि किसानों के खेतों में जाकर दिखाएं ताकि कृषि में नई-नई तकनीकों का किसानों को भरपूर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी किसानों का विकास करना उनका पहला लक्ष्य रहेगा।
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चौधरी ने कहा कि उनके पास किसानों को प्रगतिशील बनाने के लिए एक विजन है। इसके लिए वे प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में ऐसे बदलाव किए जाएंगे कि प्रदेश का नक्शा ही बदल जाए। उन्होंने कहा कि जिले में दलहनी, जिमीकंद और लहसुन के लिए अपार संभावनाएं हैं। जो किसान इस खेती से जुड़े हैं उनकी आय इतनी हो चुकी है, जिसकी वे कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।
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