{"_id":"65d7273fd5416e430b0b8e5f","slug":"even-on-the-third-day-doctors-reached-opd-after-12-oclock-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-113473-2024-02-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: तीसरे दिन भी 12 बजे के बाद ओपीडी में पहुंचे चिकित्सक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: तीसरे दिन भी 12 बजे के बाद ओपीडी में पहुंचे चिकित्सक
विज्ञापन
तीसरे दिन भी 12 बजे के बाद ओपीडी में पहुंचे चिकित्सक
-ढाई घंटे ओपीडी के बाहर चिकित्सकों की राह देखते रहे मरीज
-आपातकालीन और ओटी की सुविधाएं रही सुचारू
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के अस्पतालों में वीरवार को भी चिकित्सक 12 बजे के बाद ही ओपीडी में पहुंचे। 12 बजे तक मरीज ओपीडी के बाहर चिकित्सकों की राह देखते रहे। हालांकि इस दौरान आपातकालीन और ओटी की सुविधाएं सुचारू रूप से चलती रहीं।
मांगों को लेकर जिले के अस्पतालों में चिकित्सा अधिकारी 9:30 से 12:00 बजे तक हड़ताल पर रहे। लगातार तीसरे दिन हड़ताल से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। आईपीडी में राउंड पर भी चिकित्सक 12 बजे के बाद ही पहुंचे। एक ओर जहां सरकार चिकित्सकों की हड़ताल को गंभीरता से नहीं ले रही है, वहीं दूसरी ओर चिकित्सक भी मांगों को लेकर अड़ चुके हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती हैं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। लंबे समय से चिकित्सक अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इससे पहले भी चिकित्सक पेन डाउन हड़ताल और काले बिल्ले लगाकर काम कर चुके हैं। हालांकि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई हैं। चिकित्सकों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं। अब इस हड़ताल का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सुबह-सुबह लोग पर्ची काउंटर के बाहर लंबी कतारों में लग जाते हैं। इसके बाद उन्हें चिकित्सक के लिए 12 बजे तक का इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन
-ढाई घंटे ओपीडी के बाहर चिकित्सकों की राह देखते रहे मरीज
-आपातकालीन और ओटी की सुविधाएं रही सुचारू
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के अस्पतालों में वीरवार को भी चिकित्सक 12 बजे के बाद ही ओपीडी में पहुंचे। 12 बजे तक मरीज ओपीडी के बाहर चिकित्सकों की राह देखते रहे। हालांकि इस दौरान आपातकालीन और ओटी की सुविधाएं सुचारू रूप से चलती रहीं।
मांगों को लेकर जिले के अस्पतालों में चिकित्सा अधिकारी 9:30 से 12:00 बजे तक हड़ताल पर रहे। लगातार तीसरे दिन हड़ताल से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। आईपीडी में राउंड पर भी चिकित्सक 12 बजे के बाद ही पहुंचे। एक ओर जहां सरकार चिकित्सकों की हड़ताल को गंभीरता से नहीं ले रही है, वहीं दूसरी ओर चिकित्सक भी मांगों को लेकर अड़ चुके हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती हैं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। लंबे समय से चिकित्सक अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इससे पहले भी चिकित्सक पेन डाउन हड़ताल और काले बिल्ले लगाकर काम कर चुके हैं। हालांकि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई हैं। चिकित्सकों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं। अब इस हड़ताल का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सुबह-सुबह लोग पर्ची काउंटर के बाहर लंबी कतारों में लग जाते हैं। इसके बाद उन्हें चिकित्सक के लिए 12 बजे तक का इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन