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Bilaspur News: बंदला धार में आठ पायलटों ने सीखी मुश्किल उड़ान में ग्लाइडर संभालने की तकनीक
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बंदला धार में पैराग्लाइडिंग करता प्रशिक्षु। संवाद
एसआईवी कोर्स में देशभर से पहुंचे पायलट, गोबिंद सागर के ऊपर आपात परिस्थितियों में रिकवरी का किया अभ्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बंदला धार में पैराग्लाइडिंग सीजन का पहला एसआईवी (सिमुलेटेड इंसिडेंट इन फ्लाइट) प्रशिक्षण कोर्स पूरा हो गया है। द पायलट्स चॉइस पैराग्लाइडिंग स्कूल की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे आठ पायलटों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य उड़ान के दौरान ग्लाइडर के असामान्य व्यवहार की स्थिति में पायलटों को नियंत्रण बनाए रखने और सुरक्षित रिकवरी की तकनीक में दक्ष करना रहा। अनुभवी प्रशिक्षक जितेंद्र चिंदलिया के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने अलग-अलग निर्धारित मैन्युवर्स का अभ्यास किया। गोबिंद सागर झील के ऊपर हुए प्रशिक्षण के दौरान पायलटों को उड़ान के दौरान आने वाली चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। इसमें ग्लाइडर पर नियंत्रण बनाए रखने से लेकर आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से रिकवरी करने की तकनीक का अभ्यास शामिल रहा। प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई और सभी प्रतिभागियों ने निर्धारित मैन्युवर्स पूरे किए। कोर्स पूरा होने के बाद पायलटों की तकनीकी समझ और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने का आत्मविश्वास बढ़ा। बंदला धार में एसआईवी प्रशिक्षण के आयोजन से क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है। देश के विभिन्न हिस्सों से पायलटों के यहां पहुंचने से स्थानीय होटल, होम स्टे, ढाबा और परिवहन कारोबार को भी फायदा मिल रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बंदला धार में पैराग्लाइडिंग सीजन का पहला एसआईवी (सिमुलेटेड इंसिडेंट इन फ्लाइट) प्रशिक्षण कोर्स पूरा हो गया है। द पायलट्स चॉइस पैराग्लाइडिंग स्कूल की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे आठ पायलटों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य उड़ान के दौरान ग्लाइडर के असामान्य व्यवहार की स्थिति में पायलटों को नियंत्रण बनाए रखने और सुरक्षित रिकवरी की तकनीक में दक्ष करना रहा। अनुभवी प्रशिक्षक जितेंद्र चिंदलिया के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने अलग-अलग निर्धारित मैन्युवर्स का अभ्यास किया। गोबिंद सागर झील के ऊपर हुए प्रशिक्षण के दौरान पायलटों को उड़ान के दौरान आने वाली चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। इसमें ग्लाइडर पर नियंत्रण बनाए रखने से लेकर आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से रिकवरी करने की तकनीक का अभ्यास शामिल रहा। प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई और सभी प्रतिभागियों ने निर्धारित मैन्युवर्स पूरे किए। कोर्स पूरा होने के बाद पायलटों की तकनीकी समझ और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने का आत्मविश्वास बढ़ा। बंदला धार में एसआईवी प्रशिक्षण के आयोजन से क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है। देश के विभिन्न हिस्सों से पायलटों के यहां पहुंचने से स्थानीय होटल, होम स्टे, ढाबा और परिवहन कारोबार को भी फायदा मिल रहा है।