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शिक्षा मानव विकास का सबसे सशक्त माध्यम, नीति बनाना जरूरी : कटवाल

Fri, 22 Dec 2023 11:34 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Dec 2023 11:34 PM IST
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Education is the most powerful medium of human development, it is necessary to make policy: Katwal
- शिक्षा नीति ऐसी होनी चाहिए, जिससे ग्लोबल सिस्टम में प्रभावी ढंग से हो सके भागीदारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा नीति बनाना अति आवश्यक है। शिक्षा नीति ऐसी होनी चाहिए, जिससे ग्लोबल सिस्टम में प्रभावी ढंग से भागीदारी हो सके। यह नीति रोजगारपरक भी होनी चाहिए, ताकि युवाओं का भविष्य अंधकारमय न हो। इसके लिए शिक्षाविदों और विधायकों की संयुक्त कमेटी गठित की जाए, जो इस मसले पर सही ढंग से मंथन करके कारगर कदम उठाए।

धर्मशाला में विधानसभा सत्र के दौरान शिक्षा से संबंधित विषय पर चर्चा में भाग लेते हुए जीतराम कटवाल ने कहा कि शिक्षा मानव विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने के साथ ही शिक्षा अच्छे-बुरे का ज्ञान भी करवाती है। सदन में इससे पहले चिट्टे जैसे घातक नशे पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कई बच्चे आसपास के माहौल की वजह से नशा रूपी इस बीमारी के चंगुल में फंस जाते हैं। नशे के दुष्परिणामों का सही ढंग से ज्ञान होने से उन्हें इससे दूर रहने में मदद मिलेगी। यह शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। कहा कि पहले गुरुकुल शिक्षा होती थी, जिसमें कृष्ण-सुदामा एक साथ पढ़ते थे। अब जमाना यूनिवर्सल एजुकेशन का है। आधुनिकता के इस दौर में इस देश के बच्चे पढ़ने के लिए बाहर जाते हैं। उनमें से ज्यादातर वहीं के होकर रह जाते हैं। यदि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कारगर शिक्षा नीति बनाई जाए तो इस पलायन को रोका जा सकता है। केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में 100 विश्वविद्यालय खोलने का प्रावधान है। गुजरात में इस पर काम भी शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारत में कई विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ ही अन्य शिक्षण संस्थान और कंसल्टेंट सेंटर भी स्थापित हो चुके हैं। उनके सहयोग से बच्चों को उच्च शिक्षा इसी देश में मिल सकती है। उन्हें विदेशों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डिजिटल यूनिवर्सिटी भी एक बेहतर विकल्प है। इससे बच्चों को जहां अपने एजुकेशन स्किल ऑनलाइन अपग्रेड करने की सुविधा मिलेगी, वहीं उनके समय और पैसे की बचत भी होगी। वैश्विक शिक्षा प्रणाली में प्रभावी भागीदारी के लिए कारगर कदम उठाए जाने चाहिए।
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