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स्कूल मनमर्जी से वसूल रहे स्कूल फंड
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बरठीं (बिलासपुर)। विद्यार्थियों को फीस जमा करवाने के निर्देश जारी करने पर अभिभावकों ने रोष जताया है। उपनिदेशक उच्च शिक्षा जिला बिलासपुर के अंतर्गत सभी राजकीय पाठशालाओं में पढ़ रहे नवमीं से 12वीं कक्षा के बच्चों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से शीघ्र फीस जमा करवाने के निर्देश अध्यापकों की ओर से बार-बार दिए जा रहे हैं। इससे अभिभावकों पर फीस न जमा करवाने पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
जिला की कई राजकीय पाठशालाओं में फीस न जमा करवाने पर बच्चों को वार्षिक परीक्षाओं में न बैठने की चेतावनी दी जा रही है। गौरतलब है कि सरकार और शिक्षा विभाग एक तरफ निजी पाठशालाओं को ट्यूशन फीस के अलावा दूसरे किसी भी तरह की फीस व फंड न लेने के निर्देश दे रही है, वहीं दूसरी ओर राजकीय पाठशालाओं में पढ़ रहे बच्चों को ट्यूशन फीस के अलावा दूसरे फंड जैसे बिल्डिंग, स्पोर्ट्स, स्काउट एंड गाइड, एनसीसी फंड सहित पीटीए फंड वसूले जा रहे हैं। यही नहीं राजकीय पाठशालाओं में पढ़ रहे बच्चों से कंप्यूटर फीस भी वसूली जा रही है। जबकि बच्चों ने कंप्यूटर लैब में कंप्यूटर कक्षाएं कोविड-19 के चलते नहीं लगाई हैं। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से समर्थ अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाते हैं और वे सभी प्रकार की फीस स्कूल को जमा करवाने में समर्थ होते हैं। फिर भी सरकार उन्हें ट्यूशन फीस के अलावा अन्य फीस जमा न करवाने के पक्ष में रही है।
जिला बिलासपुर के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरठीं का मामला है, जहां अध्यापकों की ओर से अभिभावकों को व्हाट्सएप के माध्यम से सभी प्रकार की फीस शीघ्र जमा करवाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरठीं की पीटीए कमेटी के प्रधान मुख्तयार सिंह पटियाल, राकेश कुमार शर्मा, राजेश कुमार, अशोक कुमार, राजेश गौतम सहित अन्य अभिभावकों ने सरकार के इस रवैये पर रोष जताया है। अभिभावकों ने बताया कि राजकीय पाठशाला बरठीं में 11वीं व 12वीं कक्षा की फिजिक्स व मैथ को छोड़कर अन्य किसी भी विषय की ऑनलाइन कक्षाएं नहीं लग रही हैं। जबकि अध्यापकों को ऑनलाइन क्लास लगाने का बार-बार अनुरोध किया जा रहा है। इस संदर्भ में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरठीं के प्रधानाचार्य जगबीर जम्वाल ने कहा कि बच्चों से फीस व अन्य फंड सरकारी आदेशों के अनुसार ही लिए जा रहे हैं। उपनिदेशक उच्च शिक्षा बिलासपुर राजकुमार ने कहा कि उपरोक्त मामला उनके संज्ञान में आया है। छानबीन कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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जिला की कई राजकीय पाठशालाओं में फीस न जमा करवाने पर बच्चों को वार्षिक परीक्षाओं में न बैठने की चेतावनी दी जा रही है। गौरतलब है कि सरकार और शिक्षा विभाग एक तरफ निजी पाठशालाओं को ट्यूशन फीस के अलावा दूसरे किसी भी तरह की फीस व फंड न लेने के निर्देश दे रही है, वहीं दूसरी ओर राजकीय पाठशालाओं में पढ़ रहे बच्चों को ट्यूशन फीस के अलावा दूसरे फंड जैसे बिल्डिंग, स्पोर्ट्स, स्काउट एंड गाइड, एनसीसी फंड सहित पीटीए फंड वसूले जा रहे हैं। यही नहीं राजकीय पाठशालाओं में पढ़ रहे बच्चों से कंप्यूटर फीस भी वसूली जा रही है। जबकि बच्चों ने कंप्यूटर लैब में कंप्यूटर कक्षाएं कोविड-19 के चलते नहीं लगाई हैं। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से समर्थ अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाते हैं और वे सभी प्रकार की फीस स्कूल को जमा करवाने में समर्थ होते हैं। फिर भी सरकार उन्हें ट्यूशन फीस के अलावा अन्य फीस जमा न करवाने के पक्ष में रही है।
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जिला बिलासपुर के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरठीं का मामला है, जहां अध्यापकों की ओर से अभिभावकों को व्हाट्सएप के माध्यम से सभी प्रकार की फीस शीघ्र जमा करवाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरठीं की पीटीए कमेटी के प्रधान मुख्तयार सिंह पटियाल, राकेश कुमार शर्मा, राजेश कुमार, अशोक कुमार, राजेश गौतम सहित अन्य अभिभावकों ने सरकार के इस रवैये पर रोष जताया है। अभिभावकों ने बताया कि राजकीय पाठशाला बरठीं में 11वीं व 12वीं कक्षा की फिजिक्स व मैथ को छोड़कर अन्य किसी भी विषय की ऑनलाइन कक्षाएं नहीं लग रही हैं। जबकि अध्यापकों को ऑनलाइन क्लास लगाने का बार-बार अनुरोध किया जा रहा है। इस संदर्भ में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरठीं के प्रधानाचार्य जगबीर जम्वाल ने कहा कि बच्चों से फीस व अन्य फंड सरकारी आदेशों के अनुसार ही लिए जा रहे हैं। उपनिदेशक उच्च शिक्षा बिलासपुर राजकुमार ने कहा कि उपरोक्त मामला उनके संज्ञान में आया है। छानबीन कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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