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कर्मचारियों को पेंशन लेने या न लेने की हो वैकल्पिक सुविधा: नरेश
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्राध्यापक संघ बिलासपुर के प्रधान नरेश ठाकुर, राज्य वरिष्ठ उपप्रधान हेमराज, मुख्य प्रेस सचिव राजेंद्र शर्मा, सतीश शर्मा, जिला उपप्रधान भूपेंद्र ठाकुर और महासचिव जगदीश कौंडल ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि संघ नई पेंशन नीति का पुरजोर विरोध करता है।
प्राध्यापक संघ के प्रधान का कहना है कि नई पेंशन नीति कर्मचारी विरोधी है। सरकार शेयर बाजार में कर्मचारियों के पैसे लगाकर निजी कंपनी को फायदा पहुंचा रही है। शेयर बाजार से कोई फिक्स्ड रिटर्न नहीं मिलती है और पैसा डूबने का रिस्क भी रहता है। संघ ने सवाल किया है कि सरकार बिना कर्मचारी की सहमति से क्यों उनकी मेहनत के पैसों को शेयर मार्केट में लगा रही है? यह बात कर्मचारियों की समझ से परे है। प्रवक्ता संघ ने सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों को नई पेंशन योजना के जमा पैसों पर फिक्स्ड न्यूनतम ब्याज दिया जाए। जैसे सरकार द्वारा भविष्य निधि पर फिक्स्ड मिनिमम ब्याज दिया जाता है। कहा कि कर्मचारियों को न्यू पेंशन स्कीम से पेंशन लेने या न लेने की वैकल्पिक सुविधा दी जानी चाहिए। न्यू पेंशन कर्मचारियों को भविष्य निधि कि सुविधा भी सरकार द्वारा दी जानी चाहिए क्योंकि कर्मचारियों को इनकम टैक्स के अंतर्गत डेढ़ लाख की बचत के लिए अन्य रास्ते खोज करने पड़ते हैं। नरेश ने कहा कि प्रवक्ता संघ सरकार से मांग करता है कि संवेदनापूर्वक चिंतन करके संघ की मांगों को अमलीजामा पहनाया जाए ताकि न्यू पेंशन कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
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प्राध्यापक संघ के प्रधान का कहना है कि नई पेंशन नीति कर्मचारी विरोधी है। सरकार शेयर बाजार में कर्मचारियों के पैसे लगाकर निजी कंपनी को फायदा पहुंचा रही है। शेयर बाजार से कोई फिक्स्ड रिटर्न नहीं मिलती है और पैसा डूबने का रिस्क भी रहता है। संघ ने सवाल किया है कि सरकार बिना कर्मचारी की सहमति से क्यों उनकी मेहनत के पैसों को शेयर मार्केट में लगा रही है? यह बात कर्मचारियों की समझ से परे है। प्रवक्ता संघ ने सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों को नई पेंशन योजना के जमा पैसों पर फिक्स्ड न्यूनतम ब्याज दिया जाए। जैसे सरकार द्वारा भविष्य निधि पर फिक्स्ड मिनिमम ब्याज दिया जाता है। कहा कि कर्मचारियों को न्यू पेंशन स्कीम से पेंशन लेने या न लेने की वैकल्पिक सुविधा दी जानी चाहिए। न्यू पेंशन कर्मचारियों को भविष्य निधि कि सुविधा भी सरकार द्वारा दी जानी चाहिए क्योंकि कर्मचारियों को इनकम टैक्स के अंतर्गत डेढ़ लाख की बचत के लिए अन्य रास्ते खोज करने पड़ते हैं। नरेश ने कहा कि प्रवक्ता संघ सरकार से मांग करता है कि संवेदनापूर्वक चिंतन करके संघ की मांगों को अमलीजामा पहनाया जाए ताकि न्यू पेंशन कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
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