{"_id":"5dd032218ebc3e54ee7983f1","slug":"education-bilaspur-news-sml3144167140","type":"story","status":"publish","title_hn":"नन्हें वैज्ञानिकों के मॉडलों की शिक्षा मंत्रा ने की प्रशंसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नन्हें वैज्ञानिकों के मॉडलों की शिक्षा मंत्रा ने की प्रशंसा
विज्ञापन
राज्य स्तरीय बिज्ञान मेले में छात्रों के मॉडल को देखते शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज।
- फोटो : BILASPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में नन्हें वैज्ञानिकों के मॉडलों को देखकर शिक्षा मंत्री ने बच्चों के मॉडलों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कोने-कोने से आए स्कूली बच्चों ने विज्ञान विषय से संबंधित एक से बढ़कर एक प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाया जोकि सराहनीय है।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकोस्ट) द्वारा शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय विज्ञान विकास उद्योग परिषद और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के सहयोग से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या में आयोजित 27वें राज्य स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में वैज्ञानिक चिंतन के साथ बौद्धिक एवं मानसिक विकास भी होता है तथा बच्चों में विज्ञान के प्रति नई सोच के साथ जागरूकता पैदा होती है। उन्होंने कहा कि देश में हर बच्चा, हर व्यक्ति वैज्ञानिक है और हर दिन नई सोच के साथ कुछ ना कुछ नया अविष्कार करने का दम रखता है। कहा कि वैज्ञानिक सोच के साथ नए अविष्कारों, प्रयोगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने पुरस्कार देने का भी प्रावधान किया है।
विज्ञापन
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण के सदस्य सचिव डीसी राणा ने बच्चों को अपने आइडिया मॉडल को पेटैंट करवाने की भी सलाह दी। उन्होंने बच्चों को बताया कि भारत में पेटैंट के लिए 2 लाख रुपये, अंतरराष्ट्रीय पेटैंट के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने बच्चों से इस योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उपनिदेशक उच्च शिक्षा अमर सिंह ठाकुर, अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ अजय शर्मा, महासचिव अमृत महाजन के अतिरिक्त प्रदेश भर से आए विज्ञान पर्यवेक्षक के अतिरिक्त अध्यापक व अभिभावक उपस्थित रहे।
इनसेट
बाल विज्ञान सम्मेलन में जिन बच्चों को बेहतर परफार्मेंस के लिए सम्मानित किया गया। इनमें साइंस एक्टिविटी कॉर्नर, फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ, बॉयोलॉजी, मीडिया और आईटी में बेस्ट थ्री परफार्मेंस के लिए सीनियर सेकेंडरी ग्रुप में रिया गौतम हिम अकादमी हमीरपुर, भारत भूषण गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल चैल चौक मंडी, शिखर सेंट लूकेस सोलन, सीनियर अर्बन ग्रुप में नौवीं और दसवीं क्लास से डीएवी चंबा के चिराग, स्कॉलर होम पौंटा साहिब के अनमोल, ग्लोरी पब्लिक स्कूल बिलासपुर की श्रण्या, सीनियर ग्रुप में 9वीं और दसवीं कक्षा से अल्पाइन पब्लिक स्कूल नालागढ़ की दीक्षा, ग्रीन फील्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल कांगड़ा की काव्या, एलएम स्कूल कुल्लू के अर्जुन, जूनियर अर्बन ग्रुप छठी से आठवीं कक्षा तक आनंद स्कूल सोलन के मृदुल, स्कॉलर होम पौंटा साहिब के गुरसिमर, सेंट पब्लिक स्कूल संतोषगढ़ की रिधि, जूनियर रूरल ग्रुप छठी से आठवीं कक्षा तक के इंडस ग्लोबल स्कूल मंडी के ऋषभ, जिंदल विद्या मंदिर किन्नौर की अक्षिता और डीएवी सरस्वती की प्राजिकता ने बेस्ट थ्री परफार्मेंस दी।
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकोस्ट) द्वारा शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय विज्ञान विकास उद्योग परिषद और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के सहयोग से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या में आयोजित 27वें राज्य स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में वैज्ञानिक चिंतन के साथ बौद्धिक एवं मानसिक विकास भी होता है तथा बच्चों में विज्ञान के प्रति नई सोच के साथ जागरूकता पैदा होती है। उन्होंने कहा कि देश में हर बच्चा, हर व्यक्ति वैज्ञानिक है और हर दिन नई सोच के साथ कुछ ना कुछ नया अविष्कार करने का दम रखता है। कहा कि वैज्ञानिक सोच के साथ नए अविष्कारों, प्रयोगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने पुरस्कार देने का भी प्रावधान किया है।
विज्ञापन
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण के सदस्य सचिव डीसी राणा ने बच्चों को अपने आइडिया मॉडल को पेटैंट करवाने की भी सलाह दी। उन्होंने बच्चों को बताया कि भारत में पेटैंट के लिए 2 लाख रुपये, अंतरराष्ट्रीय पेटैंट के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने बच्चों से इस योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उपनिदेशक उच्च शिक्षा अमर सिंह ठाकुर, अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ अजय शर्मा, महासचिव अमृत महाजन के अतिरिक्त प्रदेश भर से आए विज्ञान पर्यवेक्षक के अतिरिक्त अध्यापक व अभिभावक उपस्थित रहे।
इनसेट
बाल विज्ञान सम्मेलन में जिन बच्चों को बेहतर परफार्मेंस के लिए सम्मानित किया गया। इनमें साइंस एक्टिविटी कॉर्नर, फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ, बॉयोलॉजी, मीडिया और आईटी में बेस्ट थ्री परफार्मेंस के लिए सीनियर सेकेंडरी ग्रुप में रिया गौतम हिम अकादमी हमीरपुर, भारत भूषण गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल चैल चौक मंडी, शिखर सेंट लूकेस सोलन, सीनियर अर्बन ग्रुप में नौवीं और दसवीं क्लास से डीएवी चंबा के चिराग, स्कॉलर होम पौंटा साहिब के अनमोल, ग्लोरी पब्लिक स्कूल बिलासपुर की श्रण्या, सीनियर ग्रुप में 9वीं और दसवीं कक्षा से अल्पाइन पब्लिक स्कूल नालागढ़ की दीक्षा, ग्रीन फील्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल कांगड़ा की काव्या, एलएम स्कूल कुल्लू के अर्जुन, जूनियर अर्बन ग्रुप छठी से आठवीं कक्षा तक आनंद स्कूल सोलन के मृदुल, स्कॉलर होम पौंटा साहिब के गुरसिमर, सेंट पब्लिक स्कूल संतोषगढ़ की रिधि, जूनियर रूरल ग्रुप छठी से आठवीं कक्षा तक के इंडस ग्लोबल स्कूल मंडी के ऋषभ, जिंदल विद्या मंदिर किन्नौर की अक्षिता और डीएवी सरस्वती की प्राजिकता ने बेस्ट थ्री परफार्मेंस दी।