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पेयजल योजना विवाद : संघर्ष समिति बदलेगी आंदोलन का स्वरूप
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- आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए आज होगी पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक
- समिति ने लगाया सीएम पर वादाखिलाफी करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर-सोलन सीमा पर अली खड्ड में बन रही कीकर-नवगांव पेयजल योजना का विरोध कर रही संघर्ष समिति आचार संहिता लगने के बाद आंदोलन का स्वरूप बदलेगी। आगामी रणनीति बनाने के लिए सोमवार को त्रिवेणी घाट में पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक रखी गई है। वहीं, समिति ने मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया है।
सोमवार को होने वाली बैठक में आचार संहिता रहने तक योजना के निर्माण स्थल पर सिर्फ निगरानी करने का निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, रविवार को योजना के विरोध में क्रमिक अनशन जारी रहा। क्रमिक अनशन पर रीया, उर्मी, प्रेमलता, सत्या और कुंता बैठीं। संघर्ष समिति के संयोजक रजनीश शर्मा ने बताया कि आचार संहिता लगने के कारण योजना के रद्द करने के आदेश अब जून तक नहीं मिलने की संभावना है। इसके चलते समिति को आंदोलन का स्वरूप बदलना होगा। क्योंकि किसान और ग्रामीण 54 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। आगामी रणनीति बनाने के लिए सोमवार को बैठक रखी गई। बैठक में कई अहम निर्णय लिए जाएंगे। कहा कि मुख्यमंत्री से इस मुद्दे को लेकर शिमला में वार्ता हुई। बिलासपुर दौरे के दौरान भी उनसे योजना को रद्द करने की घोषणा करने का आग्रह किया। लेकिन मुख्यमंत्री ने इस पर कुछ नहीं बोला। वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री से सकारात्मक हल निकालने का आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री ने आंदोलन कर रहे लोगों के साथ वादाखिलाफी की है। सरकार को इस योजना को रद्द करना होगा। अन्यथा इसके परिणाम सरकार के पक्ष में नहीं होंगे।
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- समिति ने लगाया सीएम पर वादाखिलाफी करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर-सोलन सीमा पर अली खड्ड में बन रही कीकर-नवगांव पेयजल योजना का विरोध कर रही संघर्ष समिति आचार संहिता लगने के बाद आंदोलन का स्वरूप बदलेगी। आगामी रणनीति बनाने के लिए सोमवार को त्रिवेणी घाट में पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक रखी गई है। वहीं, समिति ने मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया है।
सोमवार को होने वाली बैठक में आचार संहिता रहने तक योजना के निर्माण स्थल पर सिर्फ निगरानी करने का निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, रविवार को योजना के विरोध में क्रमिक अनशन जारी रहा। क्रमिक अनशन पर रीया, उर्मी, प्रेमलता, सत्या और कुंता बैठीं। संघर्ष समिति के संयोजक रजनीश शर्मा ने बताया कि आचार संहिता लगने के कारण योजना के रद्द करने के आदेश अब जून तक नहीं मिलने की संभावना है। इसके चलते समिति को आंदोलन का स्वरूप बदलना होगा। क्योंकि किसान और ग्रामीण 54 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। आगामी रणनीति बनाने के लिए सोमवार को बैठक रखी गई। बैठक में कई अहम निर्णय लिए जाएंगे। कहा कि मुख्यमंत्री से इस मुद्दे को लेकर शिमला में वार्ता हुई। बिलासपुर दौरे के दौरान भी उनसे योजना को रद्द करने की घोषणा करने का आग्रह किया। लेकिन मुख्यमंत्री ने इस पर कुछ नहीं बोला। वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री से सकारात्मक हल निकालने का आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री ने आंदोलन कर रहे लोगों के साथ वादाखिलाफी की है। सरकार को इस योजना को रद्द करना होगा। अन्यथा इसके परिणाम सरकार के पक्ष में नहीं होंगे।
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