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Bilaspur News: नातड़ा चौक पर बह रहा गंदा पानी, पहचान पर संकट
Sat, 17 Jan 2026 11:25 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 17 Jan 2026 11:25 PM IST
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नातड़ा चौक। स्रोत: ग्रामीण
पांडव भूमि के ऐतिहासिक स्थल पर जल निकासी ठप
पूर्व प्रधानों ने सरकार और विभाग के खिलाफ खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर विधानसभा के पंजगाईं क्षेत्र के प्रसिद्ध नातड़ा चौक पर जल निकासी की समस्या अब नासूर बनती जा रही है। सड़क पर हर समय गंदा पानी जमा रहने से लोगों को जीना दूभर हो गया है। इसे लेकर क्षेत्र के पूर्व जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने कड़ा रोष जताते हुए संबंधित विभाग से समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
पंजगाईं पंचायत के पूर्व प्रधान सुशील शर्मा, धौण-कोठी के पूर्व प्रधान सुरेंद्र शर्मा और बैरी पंचायत के पूर्व प्रधान बंत सिंह चंदेल ने कहा कि नातड़ा चौक क्षेत्र का मुख्य केंद्र है। यहां से रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही होती है, लेकिन सड़क पर बहते गंदे पानी के कारण पैदल चलना तक दूभर हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। जलभराव के कारण न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि क्षेत्र की स्वच्छता पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। प्रमोद शर्मा ने कहा कि स्वच्छता और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के बिना विकास की बातें बेमानी हैं। बता दें कि नातड़ा चौक को क्षेत्र का मिनी रिज कहा जाता है। शिमला के रिज मैदान की तरह यहां शाम को पंजगाईं-नातड़ा, कुनणु-बलोह, धौण-कोठी, रोपा-बगोण और टिकरी-गाहर के ग्रामीण सैर-सपाटे और मेल-मिलाप के लिए जुटते हैं। गंदगी के कारण अब यहां की सामाजिक रौनक फीकी पड़ने लगी है। मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां एक रात बिताई थी, जिस कारण इस क्षेत्र को पांडव भूमि कहा जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतने ऐतिहासिक और सामरिक महत्व के चौक को यदि सुव्यवस्थित किया जाए, तो यह जिले के लिए एक मॉडल पर्यटन स्थल बन सकता है। मांग की कि नातड़ा चौक पर तुरंत पक्की नालियों का निर्माण किया जाए। सड़क पर जमा होने वाले पानी की निकासी के लिए स्थायी ड्रेनेज सिस्टम बने। ऐतिहासिक स्थल की गरिमा के अनुरूप यहां सौंदर्यीकरण और सफाई का ध्यान रखा जाए।
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पूर्व प्रधानों ने सरकार और विभाग के खिलाफ खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर विधानसभा के पंजगाईं क्षेत्र के प्रसिद्ध नातड़ा चौक पर जल निकासी की समस्या अब नासूर बनती जा रही है। सड़क पर हर समय गंदा पानी जमा रहने से लोगों को जीना दूभर हो गया है। इसे लेकर क्षेत्र के पूर्व जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने कड़ा रोष जताते हुए संबंधित विभाग से समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
पंजगाईं पंचायत के पूर्व प्रधान सुशील शर्मा, धौण-कोठी के पूर्व प्रधान सुरेंद्र शर्मा और बैरी पंचायत के पूर्व प्रधान बंत सिंह चंदेल ने कहा कि नातड़ा चौक क्षेत्र का मुख्य केंद्र है। यहां से रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही होती है, लेकिन सड़क पर बहते गंदे पानी के कारण पैदल चलना तक दूभर हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। जलभराव के कारण न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि क्षेत्र की स्वच्छता पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। प्रमोद शर्मा ने कहा कि स्वच्छता और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के बिना विकास की बातें बेमानी हैं। बता दें कि नातड़ा चौक को क्षेत्र का मिनी रिज कहा जाता है। शिमला के रिज मैदान की तरह यहां शाम को पंजगाईं-नातड़ा, कुनणु-बलोह, धौण-कोठी, रोपा-बगोण और टिकरी-गाहर के ग्रामीण सैर-सपाटे और मेल-मिलाप के लिए जुटते हैं। गंदगी के कारण अब यहां की सामाजिक रौनक फीकी पड़ने लगी है। मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां एक रात बिताई थी, जिस कारण इस क्षेत्र को पांडव भूमि कहा जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतने ऐतिहासिक और सामरिक महत्व के चौक को यदि सुव्यवस्थित किया जाए, तो यह जिले के लिए एक मॉडल पर्यटन स्थल बन सकता है। मांग की कि नातड़ा चौक पर तुरंत पक्की नालियों का निर्माण किया जाए। सड़क पर जमा होने वाले पानी की निकासी के लिए स्थायी ड्रेनेज सिस्टम बने। ऐतिहासिक स्थल की गरिमा के अनुरूप यहां सौंदर्यीकरण और सफाई का ध्यान रखा जाए।
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