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गरामोड़ा में जनता के लिए टोकन सिस्टम, रसूखदार सीधे कर रहे प्रवेश
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स्वारघाट के गरामोड़ा में बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों का लगा जमावड़ा।
- फोटो : BILASPUR
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स्वारघाट (बिलासपुर)। प्रदेश में एंट्री रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बाद स्वारघाट के गरामोड़ा में रोजाना हजारों लोग बाहरी राज्यों से पहुंच रहे हैं। अंतरराज्यीय बैरियर गरामोड़ा में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी इन लोगों के स्वास्थ्य और जरूरी दस्तावेज की जांच कर रहे हैं।
स्वारघाट सीमा पर लोगों को प्रदेश में दाखिल होने के लिए घंटों कतारों में खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं रसूखदारों को बैरियर से सीधी एंट्री दी जा रही है। कोरोना काल में ठप हो चुकी अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए सरकार ने प्रदेश में आवाजाही को खोल दिया गया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब देश में कोरोना के मामलों का आंकड़ा सात लाख की संख्या को पार कर चुका है। प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पर्यटकों को सादर आमंत्रित किया जा रहा है। यह खतरा केवल एक थर्मल स्कैनर और कुछ कागजी औपचारिकताओं के दम पर लिया जा रहा है।
इस प्रक्रिया में लोगों को लाइनों में छह-छह घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। यहां पर टोकन सिस्टम है लेकिन, यदि आप की पहुंच ऊपर तक है तो आपका नंबर जल्द आ सकता है। यह भी संभव है कि इसी पहुंच के कारण आपको ज्यादा गंभीरता से भी नहीं लिया जाए। गरामोड़ा में चिलचिलाती धूप में बच्चों, बुजुर्गों के साथ लाइनों में अपनी बारी का इंतजार करना कोई सहज बात नहीं है। बंगलूरू से आने वाले मनदीप सिंह ने बताया कि उसने अपनी बारी का करीब छह घंटे इंतजार किया। जबकि, कई बड़े लोग फोन पर सैटिंग कर टोकन और बारी से पूर्व अपना काम करवाकर निकल गए। इस बारे में पुलिस को भी सूचित किया लेकिन, व्यवस्था कुछ समय तक ठीक रही, बाद में हालात पहले की तरह हो गए।
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श्री नयना देवी जी के डीएसपी संजय शर्मा ने बताया कि पुलिस पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही है। एक ऐसा मामला सामने आया था। पुलिस ने सारी जांच पड़ताल की। लाइन और टोकन के हिसाब से ही सभी को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ेगा।
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स्वारघाट सीमा पर लोगों को प्रदेश में दाखिल होने के लिए घंटों कतारों में खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं रसूखदारों को बैरियर से सीधी एंट्री दी जा रही है। कोरोना काल में ठप हो चुकी अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए सरकार ने प्रदेश में आवाजाही को खोल दिया गया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब देश में कोरोना के मामलों का आंकड़ा सात लाख की संख्या को पार कर चुका है। प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पर्यटकों को सादर आमंत्रित किया जा रहा है। यह खतरा केवल एक थर्मल स्कैनर और कुछ कागजी औपचारिकताओं के दम पर लिया जा रहा है।
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इस प्रक्रिया में लोगों को लाइनों में छह-छह घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। यहां पर टोकन सिस्टम है लेकिन, यदि आप की पहुंच ऊपर तक है तो आपका नंबर जल्द आ सकता है। यह भी संभव है कि इसी पहुंच के कारण आपको ज्यादा गंभीरता से भी नहीं लिया जाए। गरामोड़ा में चिलचिलाती धूप में बच्चों, बुजुर्गों के साथ लाइनों में अपनी बारी का इंतजार करना कोई सहज बात नहीं है। बंगलूरू से आने वाले मनदीप सिंह ने बताया कि उसने अपनी बारी का करीब छह घंटे इंतजार किया। जबकि, कई बड़े लोग फोन पर सैटिंग कर टोकन और बारी से पूर्व अपना काम करवाकर निकल गए। इस बारे में पुलिस को भी सूचित किया लेकिन, व्यवस्था कुछ समय तक ठीक रही, बाद में हालात पहले की तरह हो गए।
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श्री नयना देवी जी के डीएसपी संजय शर्मा ने बताया कि पुलिस पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही है। एक ऐसा मामला सामने आया था। पुलिस ने सारी जांच पड़ताल की। लाइन और टोकन के हिसाब से ही सभी को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ेगा।