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डीएफओ बिलासपुर ने आरओ को दिए जांच के आदेश, मांगी रिपोर्ट

Thu, 04 Mar 2021 11:40 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Mar 2021 11:40 PM IST
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DFO Bilaspur gave orders for investigation to RO
बिलासपुर। बिलासपुर सदर, घुमारवीं और झंडूता विस क्षेत्र में सूखे खैर के पेड़ों की अनुमति मिलने के बाद भारी संख्या में हरे खैर के पेड़ों का अवैध कटान किया गया। पिछले तीन माह से यह सब वन, पुलिस और राजस्व विभाग के सामने होता रहा लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। वीरवार को अमर उजाला में मुख्य रूप से खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग हरकत में आया और खबर पर संज्ञान लेते हुए सदर के आरओ को डीएफओ ने जांच रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए।
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उल्लेखनीय है कि वन विभाग ने इन तीनों विस क्षेत्रों के कई गांवों में 1629 पेड़ काटने की अनुमति दी थी। लेकिन हुआ बिल्कुल इससे उल्टा है। तीनों ही विस क्षेत्रों में हरे पेड़ों का जमकर कटान किया गया। इतना ही नहीं, कई क्विंटल खैर के मोछे गाड़ियों में भरकर जिला से बाहर भेजे गए लेकिन किसी को कानोंकान खबर नहीं हुई है। एक तरफ वन विभाग दावा करता है कि खैर के अवैध कटान को रोकने के लिए प्रयासरत है। वहीं इतने बड़े स्तर पर हो रहे कटान की विभाग ने तीन माह से सुध तक नहीं ली। विभाग की लापरवाही कहें या वन काटुओं का दुस्साहस कि अनुमति के बिना ही इतने बड़े स्तर पर कटान कर दिया और किसी को भनक तक नहीं लगी। वहीं इस पूरे मामले ने वन विभाग के कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है।
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डीएफओ बिलासपुर अवणी भूषण रॉय ने कहा कि उन्होंने क्षेत्रीय वन अधिकारी सदर को मौके पर जाकर जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं मामले में जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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रात को ही गाड़ियां भरकर माल भेजा जाता है बाहर
जिला में खैर के डिपो पर काम करने वाले कर्मचारी ने कहा कि सूखे ही नहीं, हरे पेड़ों का कटान भी हो रहा है। जब उससे जानने की कोशिश की गई कि कब, कैसे और कितना खैर जिला से बाहर गया तो उसने कहा कि साहब, अभी तक करीब 200 क्विंटल एक ही डिपो से जा चुका है। रात को ही गाड़ियां लोड कर कत्था फैक्टरी भेजी जाती हैं। वहीं दूसरे दिन सुबह तक डिपो पर हरे पेड़ों का कोई निशान नहीं रहता है।
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