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Bilaspur News: केस के बावजूद नहीं टूटा महिलाओं का हौसला
Thu, 25 Dec 2025 11:55 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 25 Dec 2025 11:55 PM IST
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लघट से बरमाणा तक रात भर लगाया पहरा
बीडीसी सदर अध्यक्ष सहित ग्रामीणों ने मिलाया कंधे से कंधा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। लघट गांव में चिट्टा (हेरोइन) के खिलाफ मोर्चा संभाले महिला मंडल का जज्बा उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद भी कमजोर नहीं पड़ा। केस के बावजूद महिलाओं ने हार नहीं मानी और बुधवार रात लघट से बरमाणा तक पूरी रात जागकर पहरा दिया।
नशे के खिलाफ इस संघर्ष में अब ग्रामीण भी खुलकर महिलाओं के समर्थन में उतरे हैं। रात के समय बड़ी संख्या में ग्रामीण पहरे में पहुंचे और महिला मंडल की सदस्यों के साथ खड़े होकर नशे के खिलाफ एकजुटता दिखाई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए महिलाओं ने जो साहसिक कदम उठाया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। ऐसे में उन्हें डराने या हतोत्साहित करने के बजाय संरक्षण मिलना चाहिए। महिला मंडल की प्रधान पिंकी शर्मा ने कहा कि उनके खिलाफ मामला दर्ज होने से उनका हौसला कम नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी और जरूरत पड़ी तो वे कोर्ट तक भी संघर्ष करेंगी। इस दौरान बीडीसी अध्यक्ष सदर सीता देवी भी महिलाओं के समर्थन में मौके पर पहुंचीं और कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ खड़ी रहीं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जमीनी स्तर पर लड़ाई लड़ रही महिलाओं का साथ देना समाज और प्रशासन, दोनों की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों ने भी एक स्वर में कहा कि महिला मंडल का पहरा किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि गांव और आने वाली पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए है। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि महिलाओं पर दर्ज मामले पर पुनर्विचार किया जाए और नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
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बीडीसी सदर अध्यक्ष सहित ग्रामीणों ने मिलाया कंधे से कंधा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। लघट गांव में चिट्टा (हेरोइन) के खिलाफ मोर्चा संभाले महिला मंडल का जज्बा उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद भी कमजोर नहीं पड़ा। केस के बावजूद महिलाओं ने हार नहीं मानी और बुधवार रात लघट से बरमाणा तक पूरी रात जागकर पहरा दिया।
नशे के खिलाफ इस संघर्ष में अब ग्रामीण भी खुलकर महिलाओं के समर्थन में उतरे हैं। रात के समय बड़ी संख्या में ग्रामीण पहरे में पहुंचे और महिला मंडल की सदस्यों के साथ खड़े होकर नशे के खिलाफ एकजुटता दिखाई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए महिलाओं ने जो साहसिक कदम उठाया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। ऐसे में उन्हें डराने या हतोत्साहित करने के बजाय संरक्षण मिलना चाहिए। महिला मंडल की प्रधान पिंकी शर्मा ने कहा कि उनके खिलाफ मामला दर्ज होने से उनका हौसला कम नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी और जरूरत पड़ी तो वे कोर्ट तक भी संघर्ष करेंगी। इस दौरान बीडीसी अध्यक्ष सदर सीता देवी भी महिलाओं के समर्थन में मौके पर पहुंचीं और कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ खड़ी रहीं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जमीनी स्तर पर लड़ाई लड़ रही महिलाओं का साथ देना समाज और प्रशासन, दोनों की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों ने भी एक स्वर में कहा कि महिला मंडल का पहरा किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि गांव और आने वाली पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए है। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि महिलाओं पर दर्ज मामले पर पुनर्विचार किया जाए और नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
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