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Bilaspur News: उपायुक्त ने किया डिजिटल लाइब्रेरी का निरीक्षण
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-बोले- ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को इन लाइब्रेरी का मिलेगा लाभ
-ग्रामीण इलाकों के 10 स्कूलों में बनाई गई हैं डिजिटल लाइब्रेरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने शनिवार को ग्राम पंचायत बरमाणा के बरमाणा स्कूल में बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एसडीएम सदर अभिषेक गर्ग भी मौजूद रहे। उन्होंने डिजिटल लाइब्रेरी में स्थापित किए गए टच स्क्रीन टैब को जांचा।
उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय की जिला लाइब्रेरी सहित चारों विधानसभा क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों के 10 स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई हैं। बताया कि जिला डिजिटल लाइब्रेरी में सभी आधारभूत सुविधाओं सहित 40 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। वहीं ग्राम पंचायतों में बनाई गई लाइब्रेरी में 20-20 बच्चों के बैठने की व्यवस्था होगी। डिजिटल लाइब्रेरी में लगभग 2500 किताबें, जिसमें पहली से लेकर 12वीं कक्षा तक एनसीईआरटी और सीबीएसई की किताबें ऑफ़लाइन उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त सभी कॉलेज कक्षाओं, प्रतियोगिता परीक्षाओं के अलावा विभिन्न ज्ञानवर्धक पुस्तक भी डिजिटल लाइब्रेरी में उपलब्ध होंगी। पाठकों को टच स्क्रीन, सर्वर व सोशल साइट्स पर निशुल्क पढ़ाई की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिला लाइब्रेरी में सभी पुरानी पुस्तकों को सुरक्षित रखने के लिए लगभग 130 अलमारियां रखी गई हैं। इस लाइब्रेरी में आरएफआईडी तकनीक को स्थापित किया गया है। आरएफआईडी पुस्तकालय में स्मार्ट तरीके से काम करने और अत्याधुनिक तकनीक का लाभ उठाने का एक तार्किक, विश्वसनीय, तेज तरीका है। यह तकनीक बड़ी मात्रा में वस्तुओं को स्कैन करती है, जिससे कर्मचारियों को अलग-अलग वस्तुओं को संसाधित करने में लगने वाले समय से राहत मिलती है। इसका सीधा लाभ पाठकों को मिलता है।
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उन्होंने बताया कि जिले की 10 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई हैं। इन पंचायत में बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरी में सभी आधारभूत सुविधाओं के साथ 20 लोगों को बैठने की सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर मेधावियों को आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से कोचिंग क्लास और अन्य सुविधा नहीं मिल पाती हैं। इन पुस्तकालयों में ग्रामीण युवा विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। देखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्र के युवा प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए शहरों का ही रुख करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित होने से ग्रामीण युवाओं को घर द्वार पर ही प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने का मौका मिलेगा।
इनसेट
इन स्कूलों में स्थापित की गई डिजिटल लाइब्रेरी
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं,राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हरनोड़ा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धारटटोह, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बलग का घाट, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मलोखर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला साईं ब्राहमणा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरमाणा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बलोह, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जुखाला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भगेड़।
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-ग्रामीण इलाकों के 10 स्कूलों में बनाई गई हैं डिजिटल लाइब्रेरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने शनिवार को ग्राम पंचायत बरमाणा के बरमाणा स्कूल में बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एसडीएम सदर अभिषेक गर्ग भी मौजूद रहे। उन्होंने डिजिटल लाइब्रेरी में स्थापित किए गए टच स्क्रीन टैब को जांचा।
उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय की जिला लाइब्रेरी सहित चारों विधानसभा क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों के 10 स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई हैं। बताया कि जिला डिजिटल लाइब्रेरी में सभी आधारभूत सुविधाओं सहित 40 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। वहीं ग्राम पंचायतों में बनाई गई लाइब्रेरी में 20-20 बच्चों के बैठने की व्यवस्था होगी। डिजिटल लाइब्रेरी में लगभग 2500 किताबें, जिसमें पहली से लेकर 12वीं कक्षा तक एनसीईआरटी और सीबीएसई की किताबें ऑफ़लाइन उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त सभी कॉलेज कक्षाओं, प्रतियोगिता परीक्षाओं के अलावा विभिन्न ज्ञानवर्धक पुस्तक भी डिजिटल लाइब्रेरी में उपलब्ध होंगी। पाठकों को टच स्क्रीन, सर्वर व सोशल साइट्स पर निशुल्क पढ़ाई की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
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उन्होंने बताया कि जिला लाइब्रेरी में सभी पुरानी पुस्तकों को सुरक्षित रखने के लिए लगभग 130 अलमारियां रखी गई हैं। इस लाइब्रेरी में आरएफआईडी तकनीक को स्थापित किया गया है। आरएफआईडी पुस्तकालय में स्मार्ट तरीके से काम करने और अत्याधुनिक तकनीक का लाभ उठाने का एक तार्किक, विश्वसनीय, तेज तरीका है। यह तकनीक बड़ी मात्रा में वस्तुओं को स्कैन करती है, जिससे कर्मचारियों को अलग-अलग वस्तुओं को संसाधित करने में लगने वाले समय से राहत मिलती है। इसका सीधा लाभ पाठकों को मिलता है।
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उन्होंने बताया कि जिले की 10 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई हैं। इन पंचायत में बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरी में सभी आधारभूत सुविधाओं के साथ 20 लोगों को बैठने की सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर मेधावियों को आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से कोचिंग क्लास और अन्य सुविधा नहीं मिल पाती हैं। इन पुस्तकालयों में ग्रामीण युवा विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। देखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्र के युवा प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए शहरों का ही रुख करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित होने से ग्रामीण युवाओं को घर द्वार पर ही प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने का मौका मिलेगा।
इनसेट
इन स्कूलों में स्थापित की गई डिजिटल लाइब्रेरी
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं,राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हरनोड़ा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धारटटोह, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बलग का घाट, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मलोखर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला साईं ब्राहमणा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरमाणा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बलोह, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जुखाला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भगेड़।