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एसीसी का 50 करोड़ डिस्टिक मीनर्ल फंड प्रशासन के पास जमा
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पंजगाई में बैठक के बाद एसीसी प्रभावित एवं विस्थापित सभा के पदाधिकारी व सदस्य।
- फोटो : BILASPUR
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बरमाणा(बिलासपुर)। एसीसी विस्थापित एवं प्रभावित सभा की बैठक राधा कृष्ण मंदिर बाग पंजगाई में बाबू राम शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिसमें 5 पंचायतों बरमाणा, बैरी, पंजगाई, धौन कोठी, धार टटोह के लोगों ने भाग लिया। समाजसेवी भगत सिंह वर्मा बैठक में विशेष रूप से मौजूद रहे।
भगत सिंह वर्मा ने कहा कि साल 2015 से लेकर अभी तक 50 करोड़ के लगभग डिस्टिक मीनर्ल फंड जमा हो चुका है। यह एसीसी सीमेंट के खदान से मिलने वाली धनराशि है। बैठक में इस बात पर जोर दिया कि उपरोक्त पैसे का प्रयोग प्रभावित पंचायतों में चिकित्सा सुविधाओं पर खर्च किया जाए। ताकि लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल का रूख न करना पड़े।
कहा कि सीएचसी पंजगाई आसपास की आठ पंचायतों का केंद्र है। जिस पर हजारों की आबादी निर्भर है। उसमें बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने व उसके भवन निर्माण व आवासीय निर्माण के लिए इस राशि को खर्च किया जाए। उपरोक्त कारखाने से मिलने वाली राशि कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के पैसे को इन पांच पंचायतों के बाहर खर्च नहीं किया जाना चाहिए।
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वर्मा ने कहा कि इस धनराशि का उपयोग चिकित्सा, शिक्षा के क्षेत्र और प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रोजगार के साधन पैदा करने के लिए किया जाए। रॉयल्टी से मिलने वाले पैसे से विस्थापित व प्रभावित क्षेत्र में एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का निर्माण करवाया जाए। ताकि क्षेत्र के बच्चे इस प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरांत अपना रोजगार प्राप्त कर सकें। बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि प्रदेश सरकार प्रभावित विस्थापितों के लिए एसीसी के अंदर प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मुहैया करवाए। बैठक में जय किशन शर्मा, अमरजीत, भुवनेश्वर कुमार, सुशील शर्मा कुलदीप ठाकुर, बलराम शर्मा, संजीव कुमार, रामानंद ठाकुर व अन्य लोग उपस्थित रहे।
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भगत सिंह वर्मा ने कहा कि साल 2015 से लेकर अभी तक 50 करोड़ के लगभग डिस्टिक मीनर्ल फंड जमा हो चुका है। यह एसीसी सीमेंट के खदान से मिलने वाली धनराशि है। बैठक में इस बात पर जोर दिया कि उपरोक्त पैसे का प्रयोग प्रभावित पंचायतों में चिकित्सा सुविधाओं पर खर्च किया जाए। ताकि लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल का रूख न करना पड़े।
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कहा कि सीएचसी पंजगाई आसपास की आठ पंचायतों का केंद्र है। जिस पर हजारों की आबादी निर्भर है। उसमें बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने व उसके भवन निर्माण व आवासीय निर्माण के लिए इस राशि को खर्च किया जाए। उपरोक्त कारखाने से मिलने वाली राशि कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के पैसे को इन पांच पंचायतों के बाहर खर्च नहीं किया जाना चाहिए।
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वर्मा ने कहा कि इस धनराशि का उपयोग चिकित्सा, शिक्षा के क्षेत्र और प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रोजगार के साधन पैदा करने के लिए किया जाए। रॉयल्टी से मिलने वाले पैसे से विस्थापित व प्रभावित क्षेत्र में एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का निर्माण करवाया जाए। ताकि क्षेत्र के बच्चे इस प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरांत अपना रोजगार प्राप्त कर सकें। बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि प्रदेश सरकार प्रभावित विस्थापितों के लिए एसीसी के अंदर प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मुहैया करवाए। बैठक में जय किशन शर्मा, अमरजीत, भुवनेश्वर कुमार, सुशील शर्मा कुलदीप ठाकुर, बलराम शर्मा, संजीव कुमार, रामानंद ठाकुर व अन्य लोग उपस्थित रहे।