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Bilaspur News: सीएम से धमणा स्कूल को खोलने की उठाई मांग
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-जंगल का रास्ता पार कर जाते हैं बच्चे स्कूल
-पांच बच्चों की शर्त लगाकर दूसरे स्कूल में किया गया मर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिक्षा खंड सदर के तहत मर्ज किए गए प्राथमिक स्कूल धमणा को स्थानीय लोगों ने दोबारा खोलने की मांग उठाई है। लोगों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया कि बच्चों के हितों के लिए इसे खोल दिया जाए।
स्थानीय लोगों में सेवानिवृत्त विद्युत कर्मचारी लेखराम, माया देवी, चंपा देवी, सुनीता देवी, रोशनी देवी, कर्मचंद और रविंद्र सहित अन्य लोगों ने बताया कि धमणा में स्कूल पिछले 30 साल से चल रहा था। लोगों की मांग पर पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने यह स्कूल गांव में खुलवाया था। इस स्कूल के खुलने से बच्चों को पांचवीं तक की शिक्षा घर के नजदीक उपलब्ध हो रही थी। दूसरे स्कूल में मर्ज होने के बाद बच्चों और उनके अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्कूल को बदसौर स्कूल के साथ मर्ज किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि यह गांव जंगल क्षेत्र में पड़ता है। यहां पर तेंदुए का खतरा हर समय बना रहता है। इस स्कूल में इसे मर्ज किया है वहां पर बच्चों को जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व भाजपा सरकार के समय में भी स्कूल को बंद करने के फरमान आए थे, लेकिन लोगों के आग्रह पर इसे बंद नहीं किया गया। अब पांच बच्चों वाली शर्त लगाकर इसे बंद कर दूसरे स्कूल में मर्ज किया गया है जो गलत है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस स्कूल को मर्ज न किया जाए।
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-पांच बच्चों की शर्त लगाकर दूसरे स्कूल में किया गया मर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिक्षा खंड सदर के तहत मर्ज किए गए प्राथमिक स्कूल धमणा को स्थानीय लोगों ने दोबारा खोलने की मांग उठाई है। लोगों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया कि बच्चों के हितों के लिए इसे खोल दिया जाए।
स्थानीय लोगों में सेवानिवृत्त विद्युत कर्मचारी लेखराम, माया देवी, चंपा देवी, सुनीता देवी, रोशनी देवी, कर्मचंद और रविंद्र सहित अन्य लोगों ने बताया कि धमणा में स्कूल पिछले 30 साल से चल रहा था। लोगों की मांग पर पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने यह स्कूल गांव में खुलवाया था। इस स्कूल के खुलने से बच्चों को पांचवीं तक की शिक्षा घर के नजदीक उपलब्ध हो रही थी। दूसरे स्कूल में मर्ज होने के बाद बच्चों और उनके अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्कूल को बदसौर स्कूल के साथ मर्ज किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि यह गांव जंगल क्षेत्र में पड़ता है। यहां पर तेंदुए का खतरा हर समय बना रहता है। इस स्कूल में इसे मर्ज किया है वहां पर बच्चों को जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व भाजपा सरकार के समय में भी स्कूल को बंद करने के फरमान आए थे, लेकिन लोगों के आग्रह पर इसे बंद नहीं किया गया। अब पांच बच्चों वाली शर्त लगाकर इसे बंद कर दूसरे स्कूल में मर्ज किया गया है जो गलत है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस स्कूल को मर्ज न किया जाए।
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