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Bilaspur News: मकान की दरारों की तस्वीरों को अतिरिक्त साक्ष्य बनाने की अर्जी खारिज
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अदालत ने कहा अपील के चरण में नए साक्ष्य पेश करना सामान्य अधिकार नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मकान की दीवारों और लिंटल में आई दरारों व सीलन की तस्वीरों को अपील में अतिरिक्त साक्ष्य के तौर पर रिकॉर्ड पर लेने की अर्जी अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि अपील के चरण में नए साक्ष्य पेश करना किसी पक्ष का सामान्य अधिकार नहीं है। इसके लिए सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 41 नियम 27 में निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
अपीलकर्ता ने बताया था कि स्थायी निषेधाज्ञा से जुड़े उसके मूल वाद को ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ अपील लंबित है। उसका दावा था कि मुकदमे और अपील के दौरान प्रतिवादी की ओर से किए गए कार्यों से मकान की दीवारों और लिंटल में दरारें व सीलन आई। उसने मौजूदा स्थिति की तस्वीरें लेकर उन्हें अतिरिक्त साक्ष्य के तौर पर रिकॉर्ड पर लेने की मांग की थी।
प्रतिवादी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि अपील में साक्ष्य की कमियां पूरी करने के लिए तस्वीरें पेश की जा रही हैं। अदालत ने कहा कि तस्वीरों में नुकसान दिखने मात्र से यह साबित नहीं होता कि नुकसान कब हुआ और इसके लिए प्रतिवादी जिम्मेदार है। अर्जी में तस्वीरें खींचने की तारीख और कथित नुकसान का समय भी स्पष्ट नहीं किया गया।
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अदालत ने तस्वीरों को अतिरिक्त साक्ष्य के रूप में स्वीकार करने से इनकार कर दिया। स्पष्ट किया कि स्थानीय आयुक्त नियुक्त करने की लंबित अर्जी पर इसका कोई असर नहीं होगा। मुख्य अपील के साथ इस अर्जी पर 27 अक्तूबर 2026 को बहस होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मकान की दीवारों और लिंटल में आई दरारों व सीलन की तस्वीरों को अपील में अतिरिक्त साक्ष्य के तौर पर रिकॉर्ड पर लेने की अर्जी अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि अपील के चरण में नए साक्ष्य पेश करना किसी पक्ष का सामान्य अधिकार नहीं है। इसके लिए सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 41 नियम 27 में निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
अपीलकर्ता ने बताया था कि स्थायी निषेधाज्ञा से जुड़े उसके मूल वाद को ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ अपील लंबित है। उसका दावा था कि मुकदमे और अपील के दौरान प्रतिवादी की ओर से किए गए कार्यों से मकान की दीवारों और लिंटल में दरारें व सीलन आई। उसने मौजूदा स्थिति की तस्वीरें लेकर उन्हें अतिरिक्त साक्ष्य के तौर पर रिकॉर्ड पर लेने की मांग की थी।
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प्रतिवादी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि अपील में साक्ष्य की कमियां पूरी करने के लिए तस्वीरें पेश की जा रही हैं। अदालत ने कहा कि तस्वीरों में नुकसान दिखने मात्र से यह साबित नहीं होता कि नुकसान कब हुआ और इसके लिए प्रतिवादी जिम्मेदार है। अर्जी में तस्वीरें खींचने की तारीख और कथित नुकसान का समय भी स्पष्ट नहीं किया गया।
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अदालत ने तस्वीरों को अतिरिक्त साक्ष्य के रूप में स्वीकार करने से इनकार कर दिया। स्पष्ट किया कि स्थानीय आयुक्त नियुक्त करने की लंबित अर्जी पर इसका कोई असर नहीं होगा। मुख्य अपील के साथ इस अर्जी पर 27 अक्तूबर 2026 को बहस होगी।