{"_id":"5e540ba58ebc3ef3e64999dc","slug":"culture-activity-bilaspur-news-sml3255133182","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाले के नौण में हिंदू-मुस्लिम समुदाय ने मिलकर की सतलुज आरती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाले के नौण में हिंदू-मुस्लिम समुदाय ने मिलकर की सतलुज आरती
विज्ञापन
बिलासपुर के नाले का नौण में सतलुज आरती के दौरान पूजा-अर्चना करते मुख्यातिथि और अन्य लोग।
- फोटो : BILASPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। रंगनाथ मंदिरों के पास नाले के नौण के पास रेनबो स्टार क्लब के संस्थापक अध्यक्ष एवं सतलुज आरती के संयोजक ईशान अख्तर की अगुवाई में सतलुज आरती का आयोजन किया गया जिसमें बतौर मुख्यातिथि एडीएम बिलासपुर विनय धीमान ने शिरकत की।
सतलुज आरती के संयोजक ईशान अख्तर, ममता शर्मा, मिर्जा यासीन की ओर से मुख्यातिथि एडीएम बिलासपुर को माता की चुनरी तथा स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया वहीं हिंदू मुस्लिम सभी धर्मों के लोगों ने एक साथ सतलुज आरती कर एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
आयोजन में गणेश पूजन, स्वास्तिक वाचन, कलश पूजन तथा हवन के बाद सतलुत आरती की गई। सतलुज आरती के संयोजक ईशान अख्तर ने बताया कि गंगा आरती की तर्ज पर बिलासपुर जिले में यह कवायद आरंभ की है क्योंकि बिलासपुर की गोबिंदसागर झील का नाम गुरु गोबिंद सिंह जी के नाम पर रखा गया था। इसी के चलते उन्होंने यहां की झील का पूजन करना शुरू किया है। उन्होंने बताया कि सदियों पहले भी राजाओं के समय बिलासपुर में सतलुज आरती होती रही थी, जिसमें मुस्लिम वर्ग भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता था लेकिन समय बदलने के साथ ही यह रस्म पूरी तरह से लुप्त हो गई लेकिन अब दूसरी बार फिर से यह आरती नाले के नौण के समीप रंगनाथ मंदिरों के सामने आयोजित की गई।
विज्ञापन
इस मौके पर मुख्यातिथि विनय धीमान एडीएम बिलासपुर ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम समेत सभी धर्मों की ओर से सतलुज आरती में भाग लेकर आपसी भाईचारे और एकता का संदेश गया है। कहा कि मानवता ही सच्चा धर्म है।
इस मौके पर रेनबो स्टार क्लब के संरक्षक शीला सिंह, निर्मला राजपूत, ममता शर्मा, रश्मि गौतम, अनिता जैस्वाल, वासुदेव, शालू, अजय कौशल, नीतीश कुमार, लता शर्मा, प्रेम लाल शर्मा, आरके टंडन, सुनील कुमार, वाल्मीकि समुदाय से अशोक कुमार, नगर पार्षद रोहित कुमार, शीतल ठाकुर, मुस्लिम नेत्री बल्किश खान, रेखा बिष्ट इत्यादि प्रमुख शहर के समाजसेवियों ने भाग लिया।
विज्ञापन
सतलुज आरती के संयोजक ईशान अख्तर, ममता शर्मा, मिर्जा यासीन की ओर से मुख्यातिथि एडीएम बिलासपुर को माता की चुनरी तथा स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया वहीं हिंदू मुस्लिम सभी धर्मों के लोगों ने एक साथ सतलुज आरती कर एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
विज्ञापन
आयोजन में गणेश पूजन, स्वास्तिक वाचन, कलश पूजन तथा हवन के बाद सतलुत आरती की गई। सतलुज आरती के संयोजक ईशान अख्तर ने बताया कि गंगा आरती की तर्ज पर बिलासपुर जिले में यह कवायद आरंभ की है क्योंकि बिलासपुर की गोबिंदसागर झील का नाम गुरु गोबिंद सिंह जी के नाम पर रखा गया था। इसी के चलते उन्होंने यहां की झील का पूजन करना शुरू किया है। उन्होंने बताया कि सदियों पहले भी राजाओं के समय बिलासपुर में सतलुज आरती होती रही थी, जिसमें मुस्लिम वर्ग भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता था लेकिन समय बदलने के साथ ही यह रस्म पूरी तरह से लुप्त हो गई लेकिन अब दूसरी बार फिर से यह आरती नाले के नौण के समीप रंगनाथ मंदिरों के सामने आयोजित की गई।
विज्ञापन
इस मौके पर मुख्यातिथि विनय धीमान एडीएम बिलासपुर ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम समेत सभी धर्मों की ओर से सतलुज आरती में भाग लेकर आपसी भाईचारे और एकता का संदेश गया है। कहा कि मानवता ही सच्चा धर्म है।
इस मौके पर रेनबो स्टार क्लब के संरक्षक शीला सिंह, निर्मला राजपूत, ममता शर्मा, रश्मि गौतम, अनिता जैस्वाल, वासुदेव, शालू, अजय कौशल, नीतीश कुमार, लता शर्मा, प्रेम लाल शर्मा, आरके टंडन, सुनील कुमार, वाल्मीकि समुदाय से अशोक कुमार, नगर पार्षद रोहित कुमार, शीतल ठाकुर, मुस्लिम नेत्री बल्किश खान, रेखा बिष्ट इत्यादि प्रमुख शहर के समाजसेवियों ने भाग लिया।