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प्रदेश की सीमाएं खुलने के बाद मां के दर पहुंचे 236 श्रद्धालु
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श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर) हिमाचल की सीमाएं अन्य प्रदेशों के लोगों के लिए खुलने के बाद विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयनादेवी मंदिर में श्रद्धालुओं की तादाद में कोई विशेष वृद्धि दर्ज नहीं हुई है। हिमाचल सीमा पर स्थित कोलावालां टोबा में पुलिस को सीमाएं खोलने की अधिसूचना दोपहर बाद मिलने के कारण सुबह के समय कुछ श्रद्धालुओं को बिना दर्शन किए ही लौटना पड़ा।
दोपहर बाद प्रदेश की सीमाएं खोलने की नोटिफिकेशन मिलने के बाद जो श्रद्धालु कोलावालां टोबा में रुके थे उन्होंने दर्शन किए। 10 से 15 सितंबर तक 1491 श्रद्धालुओं ने मां के दर पर शीश नवाया। इस दौरान मंदिर न्यास को चढ़ावे के रूप में 2,35,499 रुपये प्राप्त हुए हैं। 10 सितंबर को ही 266 श्रद्धालुओं ने मंदिर में अपनी हाजिरी दर्ज करवाई थी। इस दिन 32,900 रुपये, 11 सितंबर को 144 श्रद्धालुओं ने 18,070 रुपये, 12 को 219 लोगों ने 36,094 रुपये,13 सितंबर को 391 श्रद्धालुओं ने 17,170 रुपये, 14 को 131 श्रद्धालुओं ने 13175 रुपये, 15 सितंबर को 340 श्रद्धालुओं ने 61,090 रुपये चढ़ावे के रूप में मंदिर में चढ़ाए।
बुधवार को शाम 5:00 बजे तक मात्र 236 लोगों ने मां श्री नयनादेवी मंदिर में पहुंचकर माथा टेका।
एसडीएम स्वारघाट सुभाष गौतम ने बताया कि अब पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए प्रदेश की सीमाएं खोल दी गई हैं। शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। मंदिर में दर्शनों के लिए एक हजार की संख्या सिर्फ ट्रायल के लिए रखी गई है। अगर ज्यादा संख्या में श्रद्धालु आते हैं तो उपायुक्त बिलासपुर जो दिशा-निर्देश जारी करेंगे उन पर कार्य किया जाएगा। मंदिर में सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
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दोपहर बाद प्रदेश की सीमाएं खोलने की नोटिफिकेशन मिलने के बाद जो श्रद्धालु कोलावालां टोबा में रुके थे उन्होंने दर्शन किए। 10 से 15 सितंबर तक 1491 श्रद्धालुओं ने मां के दर पर शीश नवाया। इस दौरान मंदिर न्यास को चढ़ावे के रूप में 2,35,499 रुपये प्राप्त हुए हैं। 10 सितंबर को ही 266 श्रद्धालुओं ने मंदिर में अपनी हाजिरी दर्ज करवाई थी। इस दिन 32,900 रुपये, 11 सितंबर को 144 श्रद्धालुओं ने 18,070 रुपये, 12 को 219 लोगों ने 36,094 रुपये,13 सितंबर को 391 श्रद्धालुओं ने 17,170 रुपये, 14 को 131 श्रद्धालुओं ने 13175 रुपये, 15 सितंबर को 340 श्रद्धालुओं ने 61,090 रुपये चढ़ावे के रूप में मंदिर में चढ़ाए।
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बुधवार को शाम 5:00 बजे तक मात्र 236 लोगों ने मां श्री नयनादेवी मंदिर में पहुंचकर माथा टेका।
एसडीएम स्वारघाट सुभाष गौतम ने बताया कि अब पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए प्रदेश की सीमाएं खोल दी गई हैं। शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। मंदिर में दर्शनों के लिए एक हजार की संख्या सिर्फ ट्रायल के लिए रखी गई है। अगर ज्यादा संख्या में श्रद्धालु आते हैं तो उपायुक्त बिलासपुर जो दिशा-निर्देश जारी करेंगे उन पर कार्य किया जाएगा। मंदिर में सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
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