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Bilaspur News: श्राद्ध पितृ पक्ष में श्री नयनादेवी में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
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- रविवार को 8 हजार श्रद्धालुओं ने लिया मां का आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयनादेवी जी(बिलासपुर)। विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी में श्राद्ध पितृपक्ष में भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। रविवार को करीब 8 हजार श्रद्धालुओं ने माता जी के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं ने हवन-यज्ञ कर पूजा अर्चना भी की। श्राद्ध पितृ पक्ष में भी इतनी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना पुजारी वर्ग भी अचंभित है। पुजारियों का कहना है आम तौर पर हर साल श्राद्ध पितृपक्ष में इतनी संख्या में श्रद्धालु मंदिर नहीं पहुंचते हैं। क्योंकि मान्यता है कि श्राद्ध के दौरान मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।
मंदिर के कपाट भी सुबह दर्शनों के लिए जल्दी खोल दिए गए थे। सुबह से ही मंदिर में परिसर में कतार लगना शुरू हो गई थी। दोपहर तक पूरा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भर गया। स्थानीय दुकानदारों के लिए भी रविवार का कारोबार के तौर पर काफी अच्छा रहा। उधर, स्थानीय पुजारी भारत भूषण शर्मा ने बताया कि श्राद्ध पितृपक्ष पूर्वजों के लिए समर्पित होता है, इसलिए इस दौरान किसी भी तरह का मांगलिक कार्य नहीं किया जाता। रविवार को श्राद्ध पितृ पक्ष में भी श्री नयनादेवी जी में उम्मीद से काफी अधिक श्रद्धालु पहुंचे और मां का आशीर्वाद लिया। उन्होंने बताया कि पितृपक्ष के दौरान तामसिक चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि पितृपक्ष के दौरान हमारे पूर्वज पक्षियों के रूप में इस धरती पर आते हैं, इसलिए इन दिनों गलती से भी किसी पक्षी को नहीं सताना चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयनादेवी जी(बिलासपुर)। विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी में श्राद्ध पितृपक्ष में भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। रविवार को करीब 8 हजार श्रद्धालुओं ने माता जी के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं ने हवन-यज्ञ कर पूजा अर्चना भी की। श्राद्ध पितृ पक्ष में भी इतनी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना पुजारी वर्ग भी अचंभित है। पुजारियों का कहना है आम तौर पर हर साल श्राद्ध पितृपक्ष में इतनी संख्या में श्रद्धालु मंदिर नहीं पहुंचते हैं। क्योंकि मान्यता है कि श्राद्ध के दौरान मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।
मंदिर के कपाट भी सुबह दर्शनों के लिए जल्दी खोल दिए गए थे। सुबह से ही मंदिर में परिसर में कतार लगना शुरू हो गई थी। दोपहर तक पूरा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भर गया। स्थानीय दुकानदारों के लिए भी रविवार का कारोबार के तौर पर काफी अच्छा रहा। उधर, स्थानीय पुजारी भारत भूषण शर्मा ने बताया कि श्राद्ध पितृपक्ष पूर्वजों के लिए समर्पित होता है, इसलिए इस दौरान किसी भी तरह का मांगलिक कार्य नहीं किया जाता। रविवार को श्राद्ध पितृ पक्ष में भी श्री नयनादेवी जी में उम्मीद से काफी अधिक श्रद्धालु पहुंचे और मां का आशीर्वाद लिया। उन्होंने बताया कि पितृपक्ष के दौरान तामसिक चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि पितृपक्ष के दौरान हमारे पूर्वज पक्षियों के रूप में इस धरती पर आते हैं, इसलिए इन दिनों गलती से भी किसी पक्षी को नहीं सताना चाहिए।
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