फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   बिलासपुर शहर में कई इमारतें पूरी की पूरी हैं अवैध

बिलासपुर शहर में कई इमारतें पूरी की पूरी हैं अवैध

Sat, 13 Oct 2018 08:28 PM IST
Updated Sat, 13 Oct 2018 08:28 PM IST
विज्ञापन
बिलासपुर शहर में कई इमारतें पूरी की पूरी हैं अवैध

विज्ञापन
बिलासपुर शहर में कई इमारतें पूरी की पूरी हैं अवैध
नगर परिषद भी नहीं ले रहा कब्जाधारियों से हाउस टैक्स
80 प्रतिशत के करीब लोग जमा करवा चुके हैं हाउस टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद भी प्रशासन अभी तक बड़ी इमारतों को नहीं हटा पाया है। जबकि उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने कुछ समय पहले कहा था कि जल्द ही वह पहले बड़ी मछलियों के अवैध कब्जे हटाएंगे, उसके बाद छोटे कब्जाधारियों को हटाया जाएगा। हालांकि अभी तक कोई भी ऐसा बड़ा अवैध कब्जा शहर से नहीं हटाया गया है जिससे ऐसा लग सके की प्रशासन अवैध कब्जों को हटाने के लिए सजग है।
बिलासपुर शहर में 11 वार्ड हैं। तीन हजार से ज्यादा लोग गृहकर के दायरे में आते हैं। इसके बाद एक निजी कंपनी से शहर केे सभी वार्डों के घरों का सर्वेक्षण किया था जिसके बाद नगर परिषद ने हाउस टैक्स तय किया था लेकिन यह बात भी सामने आई कि यहां पर कई इमारतें पूरी की पूरी ही अवैध हैं। यह इमारतें दो से तीन मंजिला तक बन चुकी हैं, जबकि कई ऐसे भी घर हैं, जिन्होंने सरकारी नियमों को अनदेखा करते हुए कब्जे किए हैैं। सभी कब्जे अवैध रूप से किए गए हैं जिन्हें हटाया जाना है। कइयों ने 150 वर्ग मीटर से ज्यादा कब्जा किया है जिनमें रास्तों, सड़कों, नालियों व नालों पर लोगों ने कब्जे कर रखे हैं। इस समय करीब 80 फीसदी लोगों ने सर्वे के आधार पर निर्धारित टैक्स नगर परिषद को दे दिया है।
विज्ञापन

इस बारे में नगर परिषद बिलासपुर के कार्यकारी अधिकारी केआर ठाकुर का कहना है कि शहर में चिन्हित अवैध कब्जाधारियों से हाउस टैक्स नहीं लिया जा रहा है। कब्जाधारियों के केस की सर्वेक्षण करवाकर तय टैक्स की वसूली को लेकर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट...
हाउस टैक्स न देने पर कुर्क हो सकती है प्रॉपर्टी
हाउस टैक्स जमा न करवाने में रुचि न दिखाने पर नगर परिषद संबंधित लोगों की प्रॉपर्टी भी कुर्क हो सकती है, लेकिन इससे पहले लोगों को नोटिस जारी करना होगा। उसके बाद न मानने पर फिर भू-राजस्व के रूप में वसूली करने का प्रावधान है। मनमानी करने वालों की बिजली व पानी के कनेक्शन काटने का भी प्रावधान है।

इनसेट...
अवैध इमारतों को कैसे मिले बिजली और पानी के कनेक्शन?
बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार पूरी की पूरी अवैध इमारतों को कैसे बिजली व पानी के कनेक्शन मिल गए। कैसे पूरी की पूरी अवैध इमारतों में दो से तीन बिजली के मीटर लगे हैं। जबकि इमारत में पानी के कनेक्शन भी लगे हुए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है जब नगर परिषद कई इमारतों को पूरी की पूरी अवैध बता चुुका है तो कैसे इन्हें बिजली व पानी के कनेक्शन मिल गए। जबकि ज्यादातर अवैध इमारतें रसूखदारों की हैं।
-----------
...खेमराज शर्मा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed