{"_id":"5ce43571bdec22074b0a992d","slug":"15584598145-bilaspur-news2","type":"story","status":"publish","title_hn":"मकान में लगी आग से लाखों का सामान जलकर राख","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
मकान में लगी आग से लाखों का सामान जलकर राख
विज्ञापन
कपड़ा गोदाम में लगी आग
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बरमाणा(बिलासपुर)। जिले की धौणकोठी पटवार क्षेत्र के तहत आने वाले जमथल गांव में एक मकान में आग लग गई जिसमें घर का एक कमरा पूरी तरह से जल कर राख हो गया है। जिस कमरे में आ लगी है उसमें जेवरात सहित अन्य सामान रखा गया था जो जलकर राख हुआ है। जब घर में आग लगी उस समय घर के लोग खेतों में काम करने गए हुए थे। हालांकि अग्निशमन कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर घर के अन्य कमरों को जलने से बचा लिया।
इधर, दुर्घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को 15000 रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई है। जबकि पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
विज्ञापन
मिली जानकारी के अनुसार पटवार क्षेत्र धौणकोठी के अंतर्गत जमथल के इंद्रपाल पुत्र नंदलाल का पक्का एक मंजिला मकान बिजली के शॉर्ट सर्किट होने के कारण मंगलवार सुबह आग की चपेट में आ गया। घर के अंदर रखी हुई लकड़ी, कपड़ा, आभूषण सहित अन्य पूरा सामान जल कर राख हो गया है। आग इतनी भयानक थी कि घर में रखे हुए किसी भी सामान को बचाया नहीं जा सका। हालांकि एनटीपीसी के अग्निशमन कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर घर को जलने से बचा लिया गया लेकिन एक कमरा पूरी तरह से जल कर राख हो गया। इसमें कपड़ों सहित जेवरात आदि सब जल कर राख हो गया है। प्रारंभिक जांच में करीब 4.50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान आंका गया है।
विज्ञापन
वहीं जिला प्रशासन की तरफ से प्रभावित परिवार को फौरी राहत के तौर पर 15000 रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है। आग लगने के समय पूरा परिवार खेतों में काम करने गया था, जिस कारण किसी भी प्रकार से जान या माल का नुकसान नहीं हुआ है।
तहसीलदार सदर जय गोपाल शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही हल्का पटवारी को मौके पर भेजा गया था जिसने मौके पर पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली है। आग की चपेट में एक ही कमरा गया था। जबकि अन्य को बचा लिया गया है।