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खाकी की दादागिरी का शिकार हुआ फोटोग्राफर
Updated Tue, 08 May 2018 10:02 PM IST
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बिलासपुर। बिलासपुर में खाकी की दादागिरी सामने आई है। पुलिस कर्मचारी बिलासपुर बस अड्डे पर बस का इंतजार कर रहे एक व्यक्ति को उठाकर पुलिस चौकी ले गए। जहां उसकी जमकर मारपीट की गई। मारपीट करने के बाद युवक को छोड़ दिया गया। पुलिस की दादागिरी का शिकार हुए व्यक्ति ने मंगलवार को एसपी बिलासपुर को शिकायत दी। व्यक्ति ने उसके पर्स से करीब 4500 रुपये निकालने के भी आरोप लगाए हैं। एसपी के आदेश पर घायल व्यक्ति का मेडिकल करवाया गया। मामले की जांच की जिम्मेवारी आईपीएस प्रोबेशनल को दी गई है।
शशी कांत ठाकुर निवासी खिलड़ा तहसील सुंदरनगर पेशे से फोटोग्राफ है। सोमवार को शिमला से मंडी आ रहे थे। करीब रात एक बजे वह बिलासपुर बस अड्डे पर बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान दो लोग वहां पहुंचे जो पुलिस की वर्दी में थे। उन्होंने उसका आई कार्ड मांगा। इसके बाद उन्हें पुलिस चौकी चलने को कहा। जहां पहले से ही मौजूद एक कर्मचारी ने उसकी जमकर मारपीट की। शशीकांत ठाकुर के हाथ, पैर, टांगों और गले में चोटें आई हैं।
मंगलवार को शशीकांत ठाकुर ने एसपी बिलासपुर को शिकायत दी। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घायल का मेडिकल करवाया। वहीं मामले की जांच भी बैठा दी है।
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एसपी बिलासपुर अशोक कुमार ने बताया कि आरोप गंभीर है। जांच की जिम्मेवारी एक आईपीएस अधिकारी को दी गई है। उन्होंने साफ किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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शशी कांत ठाकुर निवासी खिलड़ा तहसील सुंदरनगर पेशे से फोटोग्राफ है। सोमवार को शिमला से मंडी आ रहे थे। करीब रात एक बजे वह बिलासपुर बस अड्डे पर बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान दो लोग वहां पहुंचे जो पुलिस की वर्दी में थे। उन्होंने उसका आई कार्ड मांगा। इसके बाद उन्हें पुलिस चौकी चलने को कहा। जहां पहले से ही मौजूद एक कर्मचारी ने उसकी जमकर मारपीट की। शशीकांत ठाकुर के हाथ, पैर, टांगों और गले में चोटें आई हैं।
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मंगलवार को शशीकांत ठाकुर ने एसपी बिलासपुर को शिकायत दी। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घायल का मेडिकल करवाया। वहीं मामले की जांच भी बैठा दी है।
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एसपी बिलासपुर अशोक कुमार ने बताया कि आरोप गंभीर है। जांच की जिम्मेवारी एक आईपीएस अधिकारी को दी गई है। उन्होंने साफ किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।