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अरुणाचल में लापता अग्निवीर आदित्य का शव मलबे से मिला: सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार, गांव पहुंचा अस्थि कलश

Sat, 26 Sep 2026 03:00 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Sat, 26 Sep 2026 03:00 PM IST
सार

अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली जिले में बादल फटने के बाद भूस्खलन और बाढ़ में लापता हुए वैशाली के अग्निवीर जवान आदित्य कुमार का पार्थिव शरीर मलबे से बरामद हुआ। अरुणाचल में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के बाद शनिवार को उनका अस्थि कलश पैतृक गांव पहुंचा, जहां तिरंगा यात्रा निकालकर अंतिम विदाई दी गई।

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Agniveer Aditya Body Recovered from Debris in Arunachal Pradesh Last Rites Performed with Full Military Honors
मृतक सेना के जवान - फोटो : Amar Ujala

विस्तार
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अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली जिले में अगस्त माह में आई विनाशकारी बादल फटने की घटना के बाद भूस्खलन और बाढ़ में लापता हुए वैशाली के अग्निवीर जवान आदित्य कुमार का पार्थिव शरीर घटनास्थल के पास मलबे से बरामद कर लिया गया है। पार्थिव शरीर की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिजनों की उपस्थिति में अरुणाचल प्रदेश में ही पूरे सैन्य सम्मान और विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। शनिवार सुबह जवान का अस्थि कलश उनके पैतृक गांव पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

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शोक में डूबा सैदपुर रजौली गांव
सदर थाना क्षेत्र के सैदपुर रजौली निवासी आशुतोष कुमार के बड़े पुत्र आदित्य कुमार अप्रैल 2025 में सेना की अग्निवीर योजना के तहत चयनित हुए थे। वर्तमान में वह अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली स्थित पासुपानी आर्मी कैंप में तैनात थे। उनका छोटा भाई अनीश कुमार भी अग्निवीर के रूप में सिक्किम में सेवारत है। बड़े भाई के लापता होने की सूचना मिलते ही वह भी छुट्टी लेकर घर पहुंच गए थे। परिवार के अनुसार, गत 15 अगस्त की सुबह सूबेदार मेजर ने फोन कर सूचना दी थी कि अचानक बादल फटने से सात जवान लापता हो गए हैं, जिनमें आदित्य कुमार भी शामिल हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दो जवानों को सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन अन्य पांच का पता नहीं चल सका था। करीब चार दिन पहले सेना की ओर से परिजनों को आदित्य कुमार का पार्थिव शरीर मलबे से मिलने की आधिकारिक जानकारी दी गई।
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सेना के अधिकारियों और ग्रामीणों ने दी सलामी
शनिवार सुबह सेना के जवानों और परिजनों के साथ आदित्य कुमार का अस्थि कलश उनके पैतृक गांव सैदपुर रजौली पहुंचा। इसके बाद गांव से एक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, सेवानिवृत्त सैनिक संघ के सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। यात्रा के दौरान देशभक्ति गीतों के बीच लोगों ने नम आंखों से जवान को अंतिम विदाई दी और गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके पश्चात कोनहारा घाट पर पूरे सम्मान के साथ अस्थि कलश का विसर्जन किया गया। इस दौरान पूरे इलाके में मातम पसरा रहा और हर आंखें नम नजर आई।

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