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खड्डों में धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन, प्रशासन बेबस

Sun, 12 Nov 2017 06:28 PM IST
Updated Sun, 12 Nov 2017 06:28 PM IST
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खड्डों में धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन, प्रशासन बेबस
mining - फोटो : demo pic

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अमर उजाला ब्यूरो
बरठीं (बिलासपुर)।
विकास खंड झंडूता के तहत आने वाली खड्ढों में अवैध खनन जोरों से चल रहा है। मगर खड्डों में अवैध खनन को रोकने के दावे जमीन स्तर पर हवा होते नजर आ रहे हैं। इससे पिछले कुछ सालों में खड्डों में पानी का स्तर इस कदर गिर चुका है कि कई पेयजल और सिंचाई योजनाएं बंद होने की कगार पर पहुंच गई है। हालत यह है कि खड्डों के साथ लगती किसानों की जमीन भी बंजर होती जा रही है। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाएं भी प्रभावित हो रही है। आने वाली गर्मी के मौसम में संबंधित क्षेत्रों में सूखा भी पड़ने की चिंता विभाग के अधिकारियों को सता रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन और सरकार ने अवैध खनन माफिया पर शिकंजा नहीं कसा तो पूरा का पूरा इलाका सूखे की चपेट में आ जाएगा। विकास खंड झंडूता की सुन्हाणी, री, झरेड़ी, अमरोआ, बैहरन, तुंगडी, पिपलुघाट और शुक्र खड्ड में अवैध खनन जोरों से चल रहा है। मगर प्रशासन और विभाग के अवैध खनन को रोकने के सारे दावे खोखले साबित हो रहे हैं। दो वर्ष पूर्व जिला प्रशासन की ओर से उपमंडलाधिकारी घुमारवीं के आदेशानुसार खड्डों के लिए जाने वाले रास्तों को बंद करने का अभियान चलाया गया था। इसके तहत खड्डों की ओर जाने वाले ट्रैक्टरों के रास्तों को जेसीबी के माध्यम से बंद कर दिया गया था। इसका असर भी दिखने को मिला था, लेकिन अब दोबारा खनन माफिया ने खड्डों का सीना छलनी कर रेता, बजरी और पत्थरों को अवैध रूप से निकालने का अवैध कारोबार शुरू कर दिया है।

ग्रामीणों ने बताया कि पहले यह खनन रात के अंधेरे में किया जाता था। मगर विभाग के सुस्त रवैये के कारण यह धंधा दिन में भी खूब चल रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और विभाग से आग्रह किया है कि जो भी खड्डों की ओर जाने वाले रास्ते हैं उन सभी को बंद किया जाए ताकि खनन माफिया खड्डों तक अपने वाहन न ले जा सकें अन्यथा खुले हुए रास्तों से लगातार दिन-रात खनन हो रहा है। इससे सरकार को लाखों रुपए के राजस्व का चूना लग रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि जो खड्डों में ट्रैक्टर को रेता, बजरी और पत्थर भरने का कार्य करते हैं उनके ऊपर भी कड़ी कार्यवाई की जाए। लोगों ने बताया कि लेबर करने वाले पांच सौ से पंद्रह सौ रुपये एक ट्रैक्टर को भरने का काम करते हैं जबकि प्रशासन की ओर से आज दिन तक कोई भी कार्यवाई इनके ऊपर नहीं की गई है। जब खड्ड में रेता बजरी और पत्थर भरने वाला ही कोई नहीं मिलेगा तो ट्रैक्टर कैसे भरेगा। लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि लेबर के खिलाफ खड्ड में जाकर कड़ी कार्यवाई की जाए ताकि खड्डों को अवैध खनन से बचाया जा सके। थाना प्रभारी तलाई श्याम प्रसाद भारद्वाज ने बताया कि अवैध खनन के चलते इसू वर्ष में करीब 70 ट्रैक्टरों पर कार्रवाई कर साढ़े तीन लाख रुपये जुर्माने के तौर पर वसूले हैं और यह कार्यवाई लगातार जारी है। माइनिंग एक्ट के तहत चालान बुकें लोनिवि, जंगलात, सिंचाई विभाग और माईनिंग अधिकारियों के पास भी हैं। मगर माइनिंग के अलावा कोई भी विभाग इसमें कार्यवाई करने से अपने आपको बचा रहा है। अगर सभी विभाग इसमें मुस्तैदी से कार्य करेंगे तो संभवत: खनन माफियाओं का यह धंधा बंद हो सकता है।
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