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पेड़ों के अवैध कटान पर ठेकेदारों को 50 हजार का जुर्माना
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अमर उजाला ब्यूरो
बरठीं (बिलासपुर)। पिछड़ा क्षेत्र कोटधार में चल रहे खैरों के कटान में वन विभाग ने ठेकेदारों को 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों ने जांच के दौरान 160 से ज्यादा ऐसे खैर के पेड़ों की शिनाख्त करते हुए ठेकेदारों से जुर्माना वसूला है जिसमें जड़ पटान व बिना निशानदेही के पेड़ शामिल हैं। वन विभाग की इस कार्रवाई से ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में वन परिक्षेत्र कलोल के अंतर्गत तीन वन खंड की आठ वन बीट में ठेकेदारों द्वारा सरकारी मापदंडों के अनुसार खैरों का कटान किया जा रहा है, लेकिन ठेकेदार अपने मुनाफे के लिए सरकार के मापदंडों को दरकिनार कर पेड़ों को जड़ों से उखाड़ रहे हैं और बिना निशानदेही के पेड़ों का अवैध कारोबार से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
इस दौरान विभाग ने कटान शुरू होने के पश्चात कटे पेड़ों की एफआईआर भी दर्ज करवा दी है। विभाग के हरकत में आने के बाद खैर के 160 पेड़ों पर खैर माफियाओं ने कुल्हाडी चलाई थी, जिस पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए लगभग 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूल लिया है।
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गौर रहे हर वर्ष वन महकमे द्वारा कटान के लिए की गई भूमि की डिमार्केशन से कहीं ज्यादा बढ़कर खैरों को काट लिया जाता है। विभाग के कुछ अधिकारियों को इसकी जानकारी होती है फिर भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती है। वन महकमे के अफसर न तो इन लुटेरों पर नुकेल डालने के लिए सक्रियता दिखाते हैं और न अन्य कोई कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
इसी सुस्ती का फायदा उठाकर खैर का अवैध कारोबार करने वाले ठेकेदार रातों रात खैर के लॉगस को ट्रकों में भर कर बाहरी प्रदेशों में पहुंचाने में कामयाब हो जाते हैं। विभाग ने यदि चुस्ती दिखाते हुए इन पर नकेल नहीं कसी तो यह खैर माफिया श्रीनयना देवी जी बीट में गत वर्ष कटे पेड़ों की पुनरावृत्ति करने में कामयाब हो जाएंगे।
जहां पर करोड़ों रुपये के खैर के पेड़ों का अवैध कारोबार विभाग की नाक तले हुआ था। ‘अमर उजाला’ में खबर छपने के बाद विभाग ने आनन-फानन में जांच शुरू की थी, जिसमें हजारों पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला कर खैर माफियाओं ने करोड़ों रुपये का कारोबार अवैध रूप से कर लिया था जिसकी जांच विचाराधीन है।
उधर, वन खंडाधिकारी मान सिंह ने बताया कि अवैध कटान के मामले में विभाग ने 160 पेड़ों की एवज में लगभग 50 हजार रुपये वसूले हैं। यह मामला मरोतन, जेजवीं, धनी, जड्डू, खरली, कलोल, कोट, मल्होट, मलरांओं, बछरेटू, बुहाड़, छंजोटी, चलावा व बल्हचलोग बीटों का है जहां पर विभाग मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। अवैध कटान करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही अम्ल में लाई जाएगी।
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बरठीं (बिलासपुर)। पिछड़ा क्षेत्र कोटधार में चल रहे खैरों के कटान में वन विभाग ने ठेकेदारों को 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों ने जांच के दौरान 160 से ज्यादा ऐसे खैर के पेड़ों की शिनाख्त करते हुए ठेकेदारों से जुर्माना वसूला है जिसमें जड़ पटान व बिना निशानदेही के पेड़ शामिल हैं। वन विभाग की इस कार्रवाई से ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में वन परिक्षेत्र कलोल के अंतर्गत तीन वन खंड की आठ वन बीट में ठेकेदारों द्वारा सरकारी मापदंडों के अनुसार खैरों का कटान किया जा रहा है, लेकिन ठेकेदार अपने मुनाफे के लिए सरकार के मापदंडों को दरकिनार कर पेड़ों को जड़ों से उखाड़ रहे हैं और बिना निशानदेही के पेड़ों का अवैध कारोबार से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
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इस दौरान विभाग ने कटान शुरू होने के पश्चात कटे पेड़ों की एफआईआर भी दर्ज करवा दी है। विभाग के हरकत में आने के बाद खैर के 160 पेड़ों पर खैर माफियाओं ने कुल्हाडी चलाई थी, जिस पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए लगभग 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूल लिया है।
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गौर रहे हर वर्ष वन महकमे द्वारा कटान के लिए की गई भूमि की डिमार्केशन से कहीं ज्यादा बढ़कर खैरों को काट लिया जाता है। विभाग के कुछ अधिकारियों को इसकी जानकारी होती है फिर भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती है। वन महकमे के अफसर न तो इन लुटेरों पर नुकेल डालने के लिए सक्रियता दिखाते हैं और न अन्य कोई कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
इसी सुस्ती का फायदा उठाकर खैर का अवैध कारोबार करने वाले ठेकेदार रातों रात खैर के लॉगस को ट्रकों में भर कर बाहरी प्रदेशों में पहुंचाने में कामयाब हो जाते हैं। विभाग ने यदि चुस्ती दिखाते हुए इन पर नकेल नहीं कसी तो यह खैर माफिया श्रीनयना देवी जी बीट में गत वर्ष कटे पेड़ों की पुनरावृत्ति करने में कामयाब हो जाएंगे।
जहां पर करोड़ों रुपये के खैर के पेड़ों का अवैध कारोबार विभाग की नाक तले हुआ था। ‘अमर उजाला’ में खबर छपने के बाद विभाग ने आनन-फानन में जांच शुरू की थी, जिसमें हजारों पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला कर खैर माफियाओं ने करोड़ों रुपये का कारोबार अवैध रूप से कर लिया था जिसकी जांच विचाराधीन है।
उधर, वन खंडाधिकारी मान सिंह ने बताया कि अवैध कटान के मामले में विभाग ने 160 पेड़ों की एवज में लगभग 50 हजार रुपये वसूले हैं। यह मामला मरोतन, जेजवीं, धनी, जड्डू, खरली, कलोल, कोट, मल्होट, मलरांओं, बछरेटू, बुहाड़, छंजोटी, चलावा व बल्हचलोग बीटों का है जहां पर विभाग मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। अवैध कटान करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही अम्ल में लाई जाएगी।