{"_id":"5e8df5ba8ebc3e72c03cd412","slug":"crime-bilaspur-news-sml3299095186","type":"story","status":"publish","title_hn":"घास काटने की मशीन से युवती का हाथ कटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घास काटने की मशीन से युवती का हाथ कटा
विज्ञापन
घास काटने की मशीन से अपना हाथ गवा बैठी श्रुति अस्पताल में।
- फोटो : BILASPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत दधोल के गांव दधोल खुर्द की श्रुति का हाथ घास की मशीन की चपेट में आने के कारण कट गया है। हादसा उस वक्त हुआ जब युवती बिजली से चलने वाली घास की मशीन में अपने पशुओं के लिए चारा काट रही थी। वहीं अस्पताल में डॉक्टरों में श्रुति के बाजू को कलाई तक काटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह-सुबह श्रुति अपने पशुओं के लिए घास लेकर लौटी और नित्य की तरह पशुओं के लिए मशीन चला कर चारा तैयार करने लगी। अचानक ध्यान भटकने के कारण उसका हाथ मशीन में चला गया। उसकी चिल्लाने की आवाज को उसके ताया और बहन ने सुना। दोनों दौड़ कर पहुंचे और मशीन को बंद किया लेकिन जब तक मशीन को बंद किया गया तब तक उसका कलाई तक हाथ मशीन में बुरी तरह कट चुका था। कड़ी मशक्कत के बाद मशीन को खोल कर हाथ निकाला गया तथा श्रुति को घुमारवीं अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों की ओर से कलाई तक हाथ को निकाल दिया गया।
श्रुति आईआरडीपी परिवार से संबंध रखती है। श्रुति के पिता जयगोपाल की मृत्यु बहुत पहले हो चुकी है। जबकि मां उसे छोड़ कर जा चुकी है। वह अपनी दादी और ताया के साथ रहती है। यह बहुत गरीब परिवार से संबंध रखती है। पंचायत समिति सदस्य बलवंत कमल, ग्राम पंचायत प्रधान बलदेव सिंह ने सरकार से मांग की है कि श्रुति को सरकार की ओर से उचित सहायता दी जाए ताकि इस परिवारों को उपचार सहित अन्य कार्य के लिए परेशानियों का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह-सुबह श्रुति अपने पशुओं के लिए घास लेकर लौटी और नित्य की तरह पशुओं के लिए मशीन चला कर चारा तैयार करने लगी। अचानक ध्यान भटकने के कारण उसका हाथ मशीन में चला गया। उसकी चिल्लाने की आवाज को उसके ताया और बहन ने सुना। दोनों दौड़ कर पहुंचे और मशीन को बंद किया लेकिन जब तक मशीन को बंद किया गया तब तक उसका कलाई तक हाथ मशीन में बुरी तरह कट चुका था। कड़ी मशक्कत के बाद मशीन को खोल कर हाथ निकाला गया तथा श्रुति को घुमारवीं अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों की ओर से कलाई तक हाथ को निकाल दिया गया।
विज्ञापन
श्रुति आईआरडीपी परिवार से संबंध रखती है। श्रुति के पिता जयगोपाल की मृत्यु बहुत पहले हो चुकी है। जबकि मां उसे छोड़ कर जा चुकी है। वह अपनी दादी और ताया के साथ रहती है। यह बहुत गरीब परिवार से संबंध रखती है। पंचायत समिति सदस्य बलवंत कमल, ग्राम पंचायत प्रधान बलदेव सिंह ने सरकार से मांग की है कि श्रुति को सरकार की ओर से उचित सहायता दी जाए ताकि इस परिवारों को उपचार सहित अन्य कार्य के लिए परेशानियों का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन